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Vatican News
प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर  (©paul - stock.adobe.com)

हम दूसरों के दुःख के प्रति उदासीन नहीं हो सकते, संत पापा

संत पापा फ्राँसिस ने दो ट्वीट कर सभी लोगों से दूसरों के दुःख को कम करने हेतु आराम भरी जिन्दगी से बाहर निकल कर दूसरों के साथ गहराई से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 05 अक्टूबर 2020 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस का तीसरा विश्वपत्र "फ्रातेल्ली तुत्ती" का प्रकाशन 4 अक्टूबर को किया गया। विश्व पत्र के संदर्भ में संत पापा फ्राँसिस ने सोमवार 5 अक्टूबर को दो ट्वीट किया।

1ला ट्वीट

संत पापा ने पहले ट्वीट में लिखा, ʺअपने कार्यों द्वारा, भले सामारी ने यह दिखाया कि प्रत्येक व्यक्ति का अस्तित्व दूसरों के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है: जीवन बस यूँही गुजारने का समय नहीं है; जीवन पारस्परिक विचार-विमर्श करने का समय है।ʺ #"फ्रातेल्ली तुत्ती"

2रा ट्वीट

दूसरे ट्वीट में संत पापा ने लिखा, ʺहम दूसरों के दुःख के प्रति उदासीन नहीं हो सकते। हम किसी को भी समाज से बाहर तिरस्कृत जीवन जीने नहीं दे सकते। इसके बजाय, हमें अपने अलग-थलग अलगाव से उभरने और मानव पीड़ा को कम करने हेतु खुद को चुनौती देना चाहिए। यही मानव गरिमा है।ʺ#"फ्रातेल्ली तुत्ती"

05 October 2020, 14:52