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संत पापा फ्राँसिस यूरोप के धर्माध्यक्षों के साथ संत पापा फ्राँसिस यूरोप के धर्माध्यक्षों के साथ 

संत पापा ने सीसीईई प्लेनरी असेंबली को भेजा अपना संदेश

संत पापा ने यूरोप के धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के परिषद(सीसीईई) की प्लेनरी असेंबली के मौके पर अपना संदेश प्रेषित किया। महामारीके कारण प्लेनरी असेंबली 25 से 26 सितंबर तक वर्चुअल होगा।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार 26 सितम्बर 2020 (वाटिकन न्यूज) : इस वर्चुअल प्लेनरी असेंबली का विषय "महामारी के बाद यूरोप में कलीसिया: सृष्टि और समुदाय के परिप्रेक्ष्य में" है। इस विषय के चयन हेतु संत पापा फ्राँसिस ने परिषद के अध्यक्ष कार्डिनल अंजेलो बानियास्को और धर्माध्यक्षों की प्रशंसा की।

महामारी की गहरी छाप

संत पापा लिखते हैं, "इस महामारी के अनुभव ने हम सभी में एक गहरी छाप छोड़ी है, क्योंकि यह नाटकीय रूप से हमारे अस्तित्व की संरचनात्मक आवश्यकताओं में से एक - लोगों और समाज में संबंध को प्रभावित करता है।"

उन्होंने कहा कि महामारी ने हमारी संस्कृति और रिश्तों को बुरी तरह से प्रभावित किया है और "हमारे सामाजिक और आर्थिक जीवन की स्थितियों" को बदल दिया है।

संत पापा फ्राँसिस स्वीकार करते हैं कि इस महामारी से कलीसियाई जीवन काफी प्रभावित हुआ है। हम धार्मिक पूजन विधियों को परिस्थिति के अनुरुप ढालने के लिए मजबूर हो गये थे और कई प्रेरितिक गतिविधियों को अभी तक इस नई स्थिति से समायोजित नहीं किया जा सका है।"

बुजुर्गों और युवाओं की दुर्दशा

संदेश में संत पापा ने "इतने बुजुर्ग लोगों की मौतों और गहन पीड़ा से पीड़ित परिवारों की त्रासदी पर ध्यान आकर्षित किया। " उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि बच्चों और युवा लोगों की दुर्दशा यह है कि वे अपने घरों में बंद है और धार्मिक संस्कार और धर्म शिक्षा प्रशिक्षण के लिए पल्ली जाने में असमर्थ हैं।

पुरोहितों और धर्मसंघियों का काम

संत पापा ने कहा कि इन परिस्थितियों ने कई पुरोहितों और धर्मसंघियों को प्रेरितिक सेवा प्रदान करने के लिए साहसी तरीकों की तलाश करने हेतु प्रेरित किया है, उन्होंने लोगों के बीच पितातुल्य प्रेम और निकटता की गवाही दी है।

संत पापा ने जोर देकर कहा कि इन दिनों हमने "गरीबी के नए रूपों को देखा और अनुभव किया। इसका सामना करने के लिए कई रचनात्मक उदारता के कार्य शुरु किये गये। सबसे कमजोर और गरीबों के समर्थन में इन कार्यों को जारी रखना चाहिए।  

जैसा कि महामारी समाप्त होने के कोई संकेत नहीं दिखते हैं, संत पापा फ्राँसिस ने ख्रीस्तीय समुदायों से कहा कि उन्होंने इन दिनों जो भी अनुभव किया है उसे आध्यात्मिक रुप से अपने जीवन के लिए शिक्षा के रुप में ग्रहण करें। जारी महामारी के कारण, 25 से 27 सितंबर तक प्राग, चेक गणराज्य में होने वाली सीसीईई प्लेनरी असेंबली में व्यक्तिगत उपस्थिति को रद्द कर दिया गया है। प्रतिभागी अब 25 और 26 सितंबर को ऑनलाइन प्लेनरी असेंबली में भाग ले रहे हैं।

26 September 2020, 15:07