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2018 का रिमिनी बैठक 2018 का रिमिनी बैठक 

रिमिनी बैठक की सफलता की कामना करते हुए संत पापा का संदेश

संत पापा फ्राँसिस ने लोगों के बीच मैत्री की 41 वीं बैठक के उद्घाटन के अवसर पर कार्डिनल पिएत्रो पारोलिन के माध्यम से निकटता का संदेश भेजा।

माग्रेट सुनीता मिंज- वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार 18 अगस्त 2020 (वाटिकन न्यूज) : वाटिकन राज्य सचिव, कार्डिनल पिएत्रो पारोलिन ने लोगों के बीच मैत्री की बैठक के उद्घाटन के अवसर पर संत पापा फ्राँसिस की ओर से रिमिनी के धर्माध्यक्ष फ्रांचेस्को लाम्बासी को हार्दिक बधाई दी। 5 अगस्त के पत्र में लिखा है, "संत पापा लोगों के बीच मैत्री की 41वीं बैठक की सफलता की कामना करते हैं। आयोजकों और उन सभी प्रतिभागियों को संत पापा फ्राँसिस अपनी निकटता और प्रार्थना का आश्वासन देते हैं।"

1980 से हर साल, लोगों के बीच मैत्री बैठक अगस्त में इटली के रिमिनी में होती है। इस वर्ष बैठक की थीम ए.जे. हेशेल की पुस्तक ‘गॉड इन सर्च ऑफ मैन’ से ली गई है: "आश्चर्य से रहित हम उदात्त बने रहे।" विश्व में चल रही महामारी के कारण बैठक ऑनलाइन हो रही है।

सभी एक ही नाव में

27 मार्च 2020 की प्रार्थना के असाधारण क्षण के दौरान संत पापा फ्राँसिस के शब्दों को प्रतिध्वनित करते हुए, कार्डिनल पारोलिन ने कहा कि हम सभी एक ही नाव में एक तूफान में फँसे हुए हैं जो हमारी कमजोरियों को उजागर करता है, खासकर जब से हम सभी कोविद -19 महामारी से प्रभावित हैं।

कार्डिनल ने कहा, ʺहम बच्चों की तरह वास्तविकता को विस्मय के साथ देखने की अपनी क्षमता खो चुके हैं, इस वर्ष की बैठक का विषय हमें,  इतिहास में वास्तविकता को विस्मय के साथ देखने का एक महत्वपूर्ण और वास्तविक योगदान देता है।ʺ

 कार्डिनल ने कहा, "कई लोग विशेष रूप से उत्पादन करने और अर्जित करने की क्षमता पर, अपनी खुद की ताकत पर ध्यान केंद्रित करते हैं। हमारा ध्यान चीजों की खोज करने के बजाय अच्छाई की खोज में होनी चाहिए।"  येसु हमें बच्चों के समान बनने का निमंत्रण देते हैं जिससे कि हम जीवन की वास्तविकता को विस्मय के साथ देखें (मत्ती 18: 3)  और किसी भी परिस्थिति में जीवन को आगे बढ़ाते चलें।

कोविद से प्रभावित दुनिया

कार्डिनल पारोलिन ने बताया कि हाल के महीनों में "हमें विस्मय के उस आयाम का अनुभव हुआ है जो पीड़ा, नाजुकता और अस्तित्व की अनिश्चितता की उपस्थिति में करुणा का रूप लेता है।"

यह उदात्त मानवीय भावना, कोरोना वायरस महामारी से लड़ने वाले डॉक्टरों और नर्सों को चुनौती देते हुए कई रूप ले चुका है; स्कूल के वर्ष को समाप्त करने के लिए कठिनाइयों के अनुकूल शिक्षकों को दूरस्थ शिक्षा को प्रोत्साहित किया गया । इस अर्थ में, बैठक का विषय "विस्मय के माध्यम से मानव हृदय की गहराई में उतरना" है। "विस्मय", उन्होंने कहा "उदात्त के संकेतों को समझने का तरीका है,  जो सभी चीजों की जड़ और नींव का निर्माण करता है।"

 कार्डिनल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हर व्यक्ति इस प्रकार के दृष्टिकोण को विकसित नहीं करता है, तो वह किसी भी अस्तित्व को देख नहीं पाता, वह स्वयं में बंद हो जाता है, वह क्षणभंगुरता से आकर्षित होता है और वास्तविकता पर सवाल उठाना बंद कर देता है।"

कला में सौंदर्य

कार्डिनल पारोलिन ने याद किया कि संत पापा फ्राँसिस को हाल ही में कई कलाकारों से पत्र मिला, जिन्होंने 7 मई को  संत मर्था प्रार्थनालय में पवित्र मिस्सा के दौरान उनके लिए प्रार्थना करने हेतु उन्हें धन्यवाद दिया। उस अवसर पर, संत पापा ने कहा: "कलाकार हमें यह समझने में मदद करते हैं कि सौंदर्य क्या है। सौंदर्य के बिना सुसमाचार को समझा नहीं जा सकता है।"

इस संबंध में, कार्डिनल पारोलिन ने कहा कि यह बैठक सभी ख्रीस्तियों को अपने विश्वास की सुंदरता के आधार पर अभ्यास करने की एक चुनौती का शुभारंभ करती है। यह, प्रभु सेवक लुइजी गिसानी के अनुसार "येसु का आकर्षण" है। और संत पापा फ्राँसिस के विश्व पत्र ‘इवांजेली गौदियुम’ (167) में कहा गया है, "सच्ची सुंदरता की हर अभिव्यक्ति को  प्रभु यीशु के साथ मुलाकात करने के मार्ग के रूप में स्वीकार किया जा सकता है।”

संत पापा फ्राँसिस ने बैठक के प्रतिभागियों को आमंत्रित किया कि वे "ईश्वर की सुंदरता, जिन्होंने शरीर धारण किया, उनके अनुभव के साक्षी बनने के लिए उनके साथ सहयोग करें ताकि हमारी आंखें उनके चेहरे को पहचान सके और हमारी आंखें उन्हें देख सकें, जो जीवन जीने का आश्चर्य है।" यह, "एक ऐसा कार्य है, जिससे हम बच नहीं सकते हैं", विशेष रूप से इतिहास के इस महत्वपूर्ण समय में।

18 August 2020, 14:31