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अर्जेंटीना की एक मलिन बस्ती अर्जेंटीना की एक मलिन बस्ती 

कोविद-19 पीड़ित पुरोहितों के प्रति संत पापा की निकटता

संत पापा फ्राँसिस ने कोविद -19 पीड़ित पुरोहितों के साथ अपनी निकटता को व्यक्त करते हुए एक वीडियो संदेश भेजा है, जो अर्जेंटीना की राजधानी के नजदीक गरीब लोगों के बीच रहते हैं और उनके बीच काम करते हैं।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 13 जुलाई 2020 (वाटिकन न्यूज) : संत पापा फ्राँसिस ने अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स के निकट गरीब और मलिन बस्तियों में रहने और काम करने वाले पुरोहितों "क्यूरास विलेरो" के प्रति अपनी प्रार्थना, निकटता और एकजुटता व्यक्त की है। एक संक्षिप्त वीडियो संदेश में, संत पापा ने विशेष रूप से तीन पुरोहितों के साथ अपनी

संत पापा ने वीडियो संदेश में कहा, "मैं आपको बताना चाहता हूँ कि मैं आपके करीब हूँ, मैं आपके लिए प्रार्थना कर रहा हूँ और मैं अभी आपके साथ हूँ। मुझे पता है कि आप अपनी प्रार्थनाओं और डॉक्टरों की मदद से बीमारी का मुकाबला कर रहे हैं।" संत पापा का वीडियो संदेश 9 जुलाई को "क्यूरास विलेरो" के ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया गया।

कोविद -19 से संक्रमित पुरोहित

अपने संदेश में संत पापा ने विशेष रूप से फादर बेसिलिकियो ब्रेटेज़ का उल्लेख किया, जिन्हें "बच्ची" के रूप में जाना जाता था, उन्हें "विला पालिटो का अग्रणी" कहा जाता था, जो आज ‘बैरियो अल्माफुर्ते’ के नाम से जाना जाता है।यह शहर के सबसे गरीब इलाकों में से एक है। संत पापा ने इस कठिन क्षण में उसे प्रभु को सौंपा। उन्होंने सभी विश्वासियों को "इन पुरोहितों की गवाही के लिए ईश्वर का धन्यवाद करने और उनके स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करने हेतु आमंत्रित किया।

1960 के दशक के उत्तरार्ध में शुरू हुए, "क्यूरास विलेरो" के समूह को ब्यूनस आयर्स के महाधर्माध्यक्ष जोर्ज मारियो बर्गोग्लियो और भविष्य के परमाध्यक्ष से 1990 के दशक में नई प्रेरणा और प्रोत्साहन मिला। आज, "क्यूरास विलेरो"  में 22 पुरोहित हैं जो ब्यूनस आयर्स के 8 अलग-अलग इलाकों में काम करते हैं, जिनमें हजारों लोग रहते हैं।

फादर पेपे एक मॉडल

सबसे प्रसिद्ध चेहरों में फादर जोस मारिया डि पाओला या "फादर पेपे" है। 2 मार्च, 2017 को सेंट जॉन लातेरन महागिरजाघर में रोम धर्मप्रांत के पल्ली पुरोहितों के साथ एक बैठक के दौरान, संत पापा फ्राँसिस ने उन्हें एक मॉडल के रूप में रखा।

मुलाकात के दौरान, संत पापा ने ब्यूनस आयर्स में फादर पेपे के होगार डी क्रिस्टो केंद्र में पुनर्वास के दौर से गुजर रहे एक ड्रग्स बेचने वाले औप एडिक्ट युवा की कहानी को याद किया।  उस युवा ने फादर पेपे को बताया कि वह अब ड्रग्स का सेवन नहीं कर सकता, वह अपने परिवार, अपनी पत्नी और दो बच्चों को बहुत याद कर रहा था और यह कि वह उनके पास वापस जाना चाहता था।

फादर पेपे ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें पहले ऐसा महसूस हुआ था जब वह ड्रग्स ले रहे थे और बेच रहे थे। आदमी ने सिर्फ चुप्पी साध ली। पादरी ने उसके कंधे पर थपथपाया और कहा, "जाओ, बहुत हो गया।" कहने का अर्थ, "महसूस करो कि क्या हुआ है और तुम क्या कह रहे हो, और ईश्वर का धन्यवाद कि तुम अब उन्हें याद कर रहे हो।"

13 July 2020, 13:26