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विश्व आप्रवासी दिवस पर संत पापा का संदेश एवं विस्थापित लोग

संत पापा फ्राँसिस ने 106वें विश्व आप्रवासी एवं शरणार्थी दिवस के लिए अपने संदेश को प्रकाशित किया। विश्व आप्रवासी एवं शरणार्थी दिवस 27 सितम्बर को मनाया जाता है। तिजान बतलाते है कि सिएरा लेओने में धर्मबहनों ने हजारों लोगों के साथ उनकी जान बचायी।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 18 जून 2020 (वीएन)- विश्व आप्रवासी एवं शरणार्थी दिवस के लिए इस साल संत पापा फ्राँसिस के संदेश की विषयवस्तु है - "येसु ख्रीस्त के समान पलायन करने के लिए मजबूर।"

संत पापा ने संदेश में कहा है कि भय और पूर्वाग्रह हमें दूसरों से दूरी बना कर रखने और बहुधा येसु ख्रीस्त के निकट आने एवं प्रेम से उनकी सेवा करने से रोक देता है।

घर से अकेला पलायन करना

वाटिकन के आप्रावसी एवं शरणार्थी विभाग ने बृहस्पतिवार को एक विडीयो प्रकाशित किया जिसका शीर्षक है, "सेवा करने के लिए करीब रहना।"

विडीयो में तिजान नाम का एक व्यक्ति सिएरा लेओने में युद्ध से भागने का अनुभव बतलाता है। "1996 में मुझे युद्ध के कारण अपना गाँव छोड़ना पड़ा। मैं 6 साल का था। वे करीब 4 बजे सुबह, सिएरा लेओने के हमारे गाँव नामासादू आये। मेरी बहन, मेरी माँ और मैं घर में थे जबकि मेरे पिताजी हमारे खेत में काम कर रहे थे।" तिजान बतलाता है कि सैनिकों ने उसके भाई ओमार को ले लिया और उसे एक बाल सैनिक बना दिया।

तिजान की माँ तिजान को धर्मबहनों के साथ रहने के लिए निकट के एक केंद्र में ले गई। उसके बाद उसकी बहन को बचाने के लिए घर लौटी और उस दिन वह उसके पास नहीं लौटी।

सहायता करने के लिए हमेशा तैयार    

धर्मबहनें उसकी बोली नहीं बोलती थीं जिसके कारण वह बहुत कम समझता था। बाद में उसे समझ में आया कि वे उसकी मदद करना चाहती थीं। उसे हमेशा डर लगता था, इसलिए भी क्योंकि वे श्वेत थीं। तिजान बतलाते हैं कि धर्मबहनों ने हमेशा मदद कीं, प्रोत्साहन दिया और बच्चों को बचाया।

"जितने लोग केंद्र पहुँचे, वे उनसे मदद, सहयोग एवं प्रेम पाये क्योंकि जब आप अपने घर से भागते हैं आपके पास जाने के लिए कोई रास्ता नहीं होता। किन्तु केंद्र में हमेशा भोजन और सोने के लिए बेड उपलब्ध था। वहाँ कई दूसरे बच्चे भी थे।" तिजान बतलाते हैं कि उन धर्मबहनों ने उनकी रक्षा कीं। उन्होंने न केवल मेरी रक्षा की बल्कि हजारों बच्चों को बचाया जो अपने माता-पिता के साथ वहाँ पहुँचे।

18 June 2020, 15:14