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प्रभु के मंदिर में समर्पण के महापर्व के दिन ख्रीस्तयाग में भाग लेतीं धर्मबहनें प्रभु के मंदिर में समर्पण के महापर्व के दिन ख्रीस्तयाग में भाग लेतीं धर्मबहनें  (ANSA)

समर्पित कुँवारियों से पोप : करुणा और मानवता की नारी बनें

संत पापा फ्राँसिस ने कुँवारियों के समर्पण के संशोधित रीति की प्रकाशना की 50वीं वर्षगाँठ पर एक संदेश भेजकर समर्पित कुँवारियों को स्मरण दिलाया कि अपनी बुलाहट द्वारा वे ख्रीस्त की दुल्हिन कलीसिया की एकता को प्रतिबिम्बित करती हैं।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 2 जून 2020 (रेई)- संत पापा ने समर्पित कुँवारियों को प्रेषित संदेश में कहा कि उनकी बुलाहट एक आशा का चिन्ह है जो पिता की निष्ठा को इंगित करता है। आज भी वे कुछ महिलाओं के हृदय में कुँवारपन के साथ प्रभु को समर्पित होने की इच्छा जागृत करते हैं। 

संत पापा ने कहा है कि अपने धर्माध्यक्षों के साथ समर्पित कुँवारियाँ अपने समर्पित जीवन के विशिष्ट स्वभाव के प्रति पूरी तरह सचेत हैं। उनकी बुलाहट की कृपा कलीसिया की प्रतीकात्मक एकता में व्यक्त होती है जो तब विकसित होती है जब वह अपने आप में बहन प्रेम की कृपा को जीने में सक्षम होती है।

संत पापा ने सलाह दी है कि वे अपनी बुलाहट की नबी के स्वभाव को समाप्त होने न दें। "आप ईश्वर की करुणा द्वारा बुलायी गयी हैं जिससे कि आप ख्रीस्त की दुल्हिन कलीसिया के चेहरे को अपने जीवन द्वारा प्रतिबिम्बित करें।"

समर्पित कुँवारपन का महत्व

संत पापा ने समर्पण की धर्मविधि के लिए प्रस्तावित उपदेश की याद करते हुए आह्वान किया कि वे सभी को प्यार करें ,विशेषकर, उन्हें जो जरूरतमंद हैं। उन्होंने कहा, "आपका समर्पित कुँवारपन कलीसिया को गरीबों को प्यार करने, भौतिक एवं आध्यात्मिक गरीबी के प्रकार की परख करने, दुर्बलों एवं कमजोर लोगों की मदद करने, शारीरिक एवं मानसिक रूप से पीड़ित, बीमार, युवा, बुजूर्ग और हाशिये पर अथवा बहिष्कृत जीवनयापन करने के लिए मजबूर लोगों की मदद करने में सहायक हो।"  

संत पापा ने आग्रह किया कि वे करुणा की नारी, मानवता, प्रेम एवं कोमलता की क्रांतिमय प्रकृति में विश्वास करनेवाली महिला बनें।

आसपास की घटनाओं को अनदेशा न करें

संत पापा ने कहा कि महामारी हमें शिक्षा दे रही है कि असमानता को दूर करने का समय आ गया है। अपने आसपास जो हो रहा है उससे अपनी आँखें बंद न कर लें अथवा उससे न भाग जाएँ बल्कि उसके द्वारा अपने आपको बेचैन होने दें। दुःख और पीड़ा के प्रति संवेदनशील बनें।

संत पापा ने समर्पित कुँवारियों को सलाह दी कि वे कलीसिया को ख्रीस्त के साथ संयुक्त करने वाली दुल्हन के प्रेम के प्रतीक बनें।

सच्चे रिश्तों का निर्माण करें

अपनी सज्जनता से सच्चे रिश्तों का जाल बिछायें जो हमारे शहरों के पड़ोसियों को कम एकाकी एवं कम अजनबी होने में मदद दे। स्पष्टवादी बनें, किन्तु बकवादी बनने एवं शिकायत करने के प्रलोभन से बचें। विवेकशील, गुण सम्पन्न और उदार बनें ताकि अहंकार एवं शक्ति के दुरूपयोग को रोका जा सके।

संत पापा ने अपने संदेश के अंत में प्रत्येक समर्पित कुँवारी एवं समर्पण की तैयारी कर रहीं भावी कुँवारियों को आशीष प्रदान की।

समर्पित कुँवारियाँ

समर्पित कुँवारियाँ ऐसी महिलाएँ हैं जो अपने कुँवारपन को हमेशा के लिए ईश्वर को समर्पित करती हैं और कलीसिया में अपने आपको पवित्र रखते हुए ईश्वर के लिए अलग रखती हैं। समर्पित एवं प्रेरितिक जीवन के लिए गठित परमधर्मपीठीय धर्मसंघ के अनुसार पाँचों महादेशों में करीब 5,000 समर्पित कुँवारियाँ हैं।

02 June 2020, 15:02