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माता मरियम की प्रतिमा के सामने प्रार्थना करते संत पापा फ्राँसिस माता मरियम की प्रतिमा के सामने प्रार्थना करते संत पापा फ्राँसिस  (AFP or licensors)

संत पापा ने माँ मरियम की लिटनी में तीन नए संबोधनों को जोड़ा

लैटिन में "मातेर मिसरिकोरदिया" (दया की माता), "मातेर स्पेई"(आशा की माँ) और "सोलासियुम मिग्रान्तुम"(प्रवासियों की शरण) धन्य कुवारी मरियम के लिए तीन नए संबोधन लोरेटो के लिटनी में संत पापा फ्राँसिस द्वारा जोड़े गये हैं। लिटनी प्रार्थना अक्सर रोज़री के अंत में किया जाता है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 22 जून 2020 (वाटिकन न्यूज) : संत पापा फ्राँसिस ने लोरेटो की धन्य कुवारी माता मरियम की लिटनी में तीन नये संबोधन ‘दया की माता’, ‘आशा की माता’, और ‘प्रवासियों की शरण’ को जोड़ा। इस नये प्रकरण को वाटिकन में दिव्य भक्ति और संस्कार संबंधी परमधर्मपीठीय धर्मसंघ ने शनिवार 20 जून को माता मरियम के निष्कलंक हृदय को त्योहार के दिन सार्वजनिक किया।

विश्व भर के धर्माध्यक्षीय सम्मेलनों के अध्यक्षों को लिखे पत्र में दिव्य भक्ति और संस्कार संबंधी परमधर्मपीठीय धर्मसंघ के अध्यक्ष कार्डिनल रॉबर्ट सारा और सचिव महाधर्माध्यक्ष आर्थर रोचे ने ध्यान दिलाया कि सदियों से ख्रीस्तीय प्रभु येसु मसीह के साथ मुलाकात करने हेतु मध्यस्त माता मरियम को अनेक नामों और संबोधनों से पुकारते आये हैं।  

हमारे समय की जरूरतों का जवाब

"वर्तमान समय में लोगों की अनिश्चितता और क्षोभ का जिक्र करते हुए कार्डिनल ने कहा कि विश्वासियों को माता मरियम के पास श्रद्धापूर्वक और पूरे विश्वास के साथ जाना चाहिए। समय की जरुरत को देखते हुए संत पापा फाँसिस ने माता मरियम की लिटनी में माता मरियम के लिए तीन नये संबोधनों को जोड़ा। लिटनी में ‘कलीसिया की माता’ के बाद ‘दया की माता’ को रखा गया। ‘दिव्य कृपा की माता’ के बाद ‘आशा की माता’ को रखा गया और ‘पापियों की शरण’ के बाद ‘प्रवासियों की शरण’ को रखा गया है।

वाटिकन न्यूज से बात करते हुए महाधर्माध्यक्ष रोश ने बताया कि ये आह्वान समय की वास्तविकताओं का जवाब देते हैं जिसे हम जी रहे हैं। दुनिया भर में कई लोग जो कई तरह से पीड़ित हैं, न केवल कोविद -19 महामारी से, बल्कि गरीबी, संघर्ष और अन्य कारणों से भी अपने घरों से मजबूर हैं, वे माता मरियम के आश्रय में जाते हैं।

22 June 2020, 15:10