खोज

Vatican News
बारुइपुर का महागिरजाघर बारुइपुर का महागिरजाघर 

आसनसोल और बारुइपुर धर्मप्रांतों में पदत्याग और नियुक्ति

संत पापा ने भारत के आसनसोल धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष का त्यागपत्र को स्वीकार कर लिया है। साथ ही बारुइपुर के धर्माध्यक्ष का त्यागपत्र स्वीकार कर उनके स्थान में नये धर्माध्यक्ष को नियुक्त किया है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन न्यूज

वाटिकन सिटी, सोमवार 4 मई 2020 (वाटिकन न्यूज) : संत पापा फ्राँसिस ने सोमवार 4 मई को आसनसोल धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष सिप्रियन मोनिस का त्यागपत्र स्वीकार कर लिया है।

3 दिसम्बर 1997 को संत पापा जॉन पाल द्वितीय ने उन्हें आसनसोल धर्मप्रांत का पहला धर्माध्यक्ष नियुक्त किया। 12 मार्च 1998 को उनका धर्माध्यक्षीय अभिषेक किया गया। धर्माध्यक्ष सिप्रियन मोनिस ने 23 वर्षों तक आसनसोल धर्मप्रांत का नेतृत्व किया है।

बारुइपुर के नये धर्माध्यक्ष

संत पापा फ्राँसिस ने सोमवार को ही बारुइपुर के धर्माध्यक्ष सल्वादोर लोबो का त्यागपत्र स्वीकार किया। संत पापा ने उसी धर्मप्रांत के सहायक धर्माध्यक्ष श्यामल बोस को बारुइपुर का धर्माध्यक्ष नियुक्त किया।

धर्माध्यक्ष बोस का जन्म 24 मार्च 1961 को पश्चिम बंगाल के गोसाबा में हुआ था। उन्होंने प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा बसंतीठे और गोसाबा में संत जेवियर्स एफ. पी. स्कूल से पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने बारासात में संत जॉन मेरी वियन्नी माइनर सेमिनरी और कोलकाता के बैरकपुर में मॉर्निंग स्टार रीजनल मेजर सेमिनरी में दाखिला लिया। उन्होंने संत अल्बर्ट कॉलेज, रांची झारखंड से ईशशास्त्र की पढ़ाई की। उन्होंने संत पीटर पोंटिफ़िकल इंस्टीट्यूट, बेंगलुरु से बाइबिल धर्मशास्त्र में मास्टर की डिग्री हासिल की। 5 मई 1991 को बारुईपुर धर्मप्रांत के लिए उनका पुरोहिताभिषेक किया गया था। वे 2016 से बारुईपुर धर्मप्रांत के वित्तीय प्रशासक और कुलाधिपति के रूप में भी काम कर रहे हैं।

संत पापा फ्राँसिस ने बारुइपुर धर्मप्रांत के प्रेरितिक और प्रशासनिक कार्यों में धर्माध्यक्ष सल्वाडोर लोबो की सहायता देने हेतु धर्मप्रांत के कोषाध्यक्ष और कुलाधिपति फादर श्यामल बोस को 17 मई, 2019 को सहायक धर्माध्यक्ष नियुक्त किया था और 24 जून 2019 को महाधर्माध्यक्ष थॉमस डिसूजा द्वारा उनका धर्माध्यक्षीय अभिषेक किया गया था।

04 May 2020, 16:03