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संत पापा फ्राँसिस संत पापा फ्राँसिस  (ANSA)

संत पापा जॉन पॉल II की कब्र पर संत पापा अर्पित करेंगे ख्रीस्तयाग

संत पापा फ्राँसिस सोमवार 18 मई को संत पापा जॉन पॉल द्वितीय के जन्म की 100 वीं वर्षगांठ पर उनके कब्र पर पवित्र मिस्सा समारोह का अनुष्ठान करेंगे। उसी दिन के बाद से संत मर्था प्रार्थनालय में संत पापा फाँसिस का दैनिक मिस्सा समारोह का सीधा प्रसारण बंद किया जाएगा।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी,सोमवार 13 मई 2020 (वाटिकन न्यूज) : सोमवार 18 मई को संत पापा फ्राँसिस का पवित्र मिस्सा समारोह का अंतिम सीधा प्रसारण होगा, जो करीब दो महीने से अधिक समय तक चला और दुनिया भर के लाखों विश्वासियों ने पवित्र मिस्सा में भाग लिया।

इटली के गिरजाघरों में विश्वासियों के लिए पवित्र मिस्सा उसी दिन18 मई को फिर से शुरू करने की अनुमति मिली है। अतः संत पापा फ्राँसिस ने अपने दैनिक मिस्सा का सीधा प्रसारण बंद करने का निर्णय लिया।

संत पापा द्वारा अर्पित मिस्सा का अंतिम सीधा प्रसारण बहुत ही खास होगा क्योंकि 18 मई को करोल वोईतिला के जन्म की 100 वीं वर्षगांठ भी है। संत पापा फ्राँसिस अपने पूर्ववर्ती की समाधि पर स्थित बलिवेदी पर पवित्र मिस्सा का अनुष्ठान करेंगे। संत पापा जॉन पॉल द्वितीय का जन्म 1920 में हुआ था, 1978 में रोम के धर्माध्यक्ष चुने गये, 2005 में उनकी मृत्यु हुई और 2014 में वे संत घोषित किये गये।  

मिस्सा का अंतिम सीधा प्रसारण

संगरोध की इस अवधि के दौरान संत मर्था प्रार्थनालय से दैनिक मिस्सा समारोह का टीवी, रेडियो और अन्य मीडिया साधनों द्वारा सीधा प्रसारण ख्रीस्तियों के लिए एक अप्रत्याशित और सुंदर उपहार था।

बहुत से लोग यहां तक ​​कि गिरजाघरों से बहुत दूर रहने वालों ने भी संत पापा के समर्थन और नजदीकी का अनुभव किया। संत पापा ने प्रत्येक दिन सुबह चुपचाप उनके घरों का दरवाजा खटखटाया।

कई लोगों ने अपने दैनिक जीवन में सुसमाचार के महत्व और शांति को पाया। कई लोगों ने सप्ताह के सामान्य दिनों में पूजन विधि में पहले कभी भाग नहीं लिया था। कुछ को टिप्पणी (कमेंट्री) के बिना पवित्र मिस्सा में भाग लेना पसंद था। कुझ ने पवित्र संस्कार के सामने कुछ मिनट मौन रहना पसंद किया।

संत पापा के प्रवचन की सुंदरता और सादगी ने हम सभी को सुसमाचार के पन्नों में प्रवेश करने की अनुमति दी, जैसे कि हम उन घटनाओं के समय वहीं मौजूद थे। आपातकाल ने हमें अपने घरों की दीवारों के भीतर सीमित कर दिया परंतु संत पापा के दैनिक प्रवचन ने अनिश्चितता,  पीड़ा और भविष्य के बारे में कई सवालों से भरे इन क्षणों में और भी अधिक निर्णायक बना दिया।

परमाध्यक्षीय शिक्षा और सेवा

संत मर्था प्रार्थनालय में दिये गये प्रवचन संत पापा फ्राँसिस के रोम के धर्माध्यक्ष की सेवा का एक महत्वपूर्ण पहलू का प्रतिनिधित्व करता है। कई लोग पहले से ही वाटिकन मीडिया द्वारा पेश किए गए उनके प्रवचन के सारांश और वाटिकन प्रकाशन गृह द्वारा प्रकाशित वार्षिक संस्करणों के माध्यम से उनका अनुसरण करने के आदी हैं। पिछले दो महीनों में संत पापा फ्राँसिस के साथ सीधा प्रसारण द्वारा पवित्र मिस्सा में भाग लेने, और संत पापा को प्रवचन देते हुए देखनेऔर सुनने का अनुभव मिला।

लाखों लोगों की सहभागिता

हर दिन कई मिलियन लोगों ने मिस्सा में भाग लिया। बहुतों ने धन्यवाद देते हुए पत्र लिखा है। अब इटली के गिरजाघर विश्वासियों के लिए खुल रहे हैं, अब एक नया चरण शुरू होगा।

इतना तो निश्चित है कि दुनिया भर के लोग सुबह संत पापा के साथ प्रार्थना में बिताये समय को याद करेंगे। एक बार संत पापा फ्राँसिस ने कहा था कि हमें प्रभु के साथ सामुदायिक परिचितता की ओर लौटने की जरूरत है जहाँ पवित्र वेदी के चारों ओर पूजन विधि में विश्वासी व्यक्तिगत रुप से सक्रिय भाग लेते हैं।

हमें संत पापा फ्राँसिस के निमंत्रण को भी नहीं भूलना चाहिए। वे हमें प्रतिदिन सुसमाचार के पन्नों को उत्साह और ध्यान से पढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। इन दो महीनों के दौरान संत मर्था प्रार्थनालय में उनके साथ सुसमाचार के वचनों पर मनन करने और पवित्र साक्रामेंट के सामने कुछ क्षण बिताने की अब आदत सी हो गई है।

13 May 2020, 14:52