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फातिमा के तीर्थालय में माँ मरियम फातिमा के तीर्थालय में माँ मरियम  (ANSA)

संत पापा द्वारा फातिमा माता के प्रति समर्पण को प्रोत्साहन

बुधवारीय आम दर्शन के दौरान, संत पापा फ्राँसिस ने विश्वासियों को माता मरियम से प्रार्थना करने का आग्रह किया। उन्होंने याद दिलाया कि आज 13 मई फातिमा की माता मरियम का पर्व है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बुधवार 13 मई 2020 (वाटिकन न्यूज) : संत पापा फ्राँसिस ने बुधवारीय आमदर्शन को दौरान पोलैंड के श्रोताओं का अभिवादन कर कहा, ʺआज कलीसिया फातिमा की माता मरियम की याद में त्योहार मनाती है। माता मरियम ने बच्चों को दर्शन देकर पूरी दुनिया के लिए अपने संदेश को देने के लिए कहा था।ʺ

 संत पापा फ्राँसिस ने अपने पूर्ववर्ती संत पापा जॉन पॉल द्वितीय की याद कर कहा कि संत पापा जॉन पॉल द्वितीय ने हमले के समय में फातिमा माता मरियम की ममतामयी सुरक्षा का अनुभव किया था। संत पापा ने बताया कि 18 मई संत पापा जॉन पॉल द्वितीय के जन्म की 100वी वर्षगांठ है। इस दिन वे संत पेत्रुस महागिरजाघर के अंदर स्थित संत पापा जॉन पॉल द्वितीय की समाधि पर प्रातःकालीन मिस्सा का अनुष्ठान करेंगे। वे संत पापा जॉन पॉल द्वितीय और माता मरियम की मध्यस्ता से विश्व में शांति और कोरोना वायरस महामारी को खत्म करने के लिए प्रार्थना करेंगे।

रोजरी प्रार्थना करने का निमंत्रण

पुर्तगाली भाषा बोलने वाले श्रोताओं का अभिवादन कर संत पापा फ्राँसिस ने काथलिकों से अपील की, कि वे मई महीने की दैनिक रोजरी प्रार्थना को वफादारी के साथ करते हुए अर्थपूर्ण तरीके से जीने की कोशिष करें। उन्होंने कहा कि फातिमा की माँ मरियम ने बारंबार रोजरी प्रार्थना करने को कहा था। यह उनके द्वारा व्यक्त की गई इच्छाओं में से एक है। "उसकी सुरक्षा तले, जीवन के दर्द और कष्ट सहने योग्य होंगे।"

माता मरियम की तीर्थयात्रा
माता मरियम की तीर्थयात्रा

 फातिमा की माता मरियम

मई और अक्टूबर 1917 के बीच, पुर्तगाल में फातिमा के पास माता मरियम कोवा द इरिया पहाड़ी में, तीन पुर्तगाली बच्चों - फ्रांसिस्को और जसिंता मार्टो और उनकी चचेरी बहन लूसिया डॉस सैंटोस - के सामने कई बार दिखाई दी। दर्शन में माता मरियम बच्चों से दुनिया के लिए और पापियों के मनपरिवर्तन के लिए रोज़री की प्रार्थना करने को कहा।

संत पापा जॉन पॉल द्वितीय ने 1982, 1991 और 2000 में फातिमा का दौरा किया था। सन् 2000 की अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने जसिंता और फ्रांसिस्को को धन्य घोषित किया। फातिमा की माता मरियम की याद में कलीसिया प्रति वर्ष 13 मई को समारोह मनाती है।

इतिहास में पहली बार समारोह में खाली पड़ा तीर्थालय
इतिहास में पहली बार समारोह में खाली पड़ा तीर्थालय
13 May 2020, 15:26