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यूरोप दिवस यूरोप दिवस   (ANSA)

संत पापा ने दी यूरोप और अफ्रीका को प्रोत्साहन

स्वर्ग की रानी प्रार्थना के उपरांत संत पापा ने यूरोप एवं अफ्रीका की याद की तथा माताओं के प्रति कृतज्ञता प्रकट की।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार, 11 मई 2020 (रेई):  यूरोप को एकता में बने रहने का प्रोत्साहन देते हुए संत पापा ने कहा, "आज मैं यूरोप एवं अफ्रीका की याद करता हूँ। यूरोप को, 9 मई 1950 को शुमन की घोषणा की 70वीं वर्षगाँठ पर, जिसके द्वारा यूरोपीय संघ की ओर यात्रा करने की प्रेरणा मिली। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पूरे महाद्वीप के लोगों के बीच समझौता हुआ और लम्बे समय तक स्थिर एवं शांत बना रहा, जिसका लाभ आज हमें मिल रहा है। शुमन घोषणा की भावना से प्रेरणा कभी कम न हो, अतः यूरोपीय संघ की जिम्मेदारी है कि वह सौहार्द एवं सहयोग की भावना से महामारी के सामाजिक एवं आर्थिक परिणामों का सामना करे।" 

अफ्रीका का सूखा क्षेत्र
अफ्रीका का सूखा क्षेत्र

"लौदातो सी वृक्षों" की पहल  

संत पापा ने अफ्रीका की याद करते हुए कहा कि 40 वर्षों पहले 10 मई 1980 को, संत पापा जॉन पौल द्वितीय ने महादेश में अपनी पहली प्रेरितिक यात्रा के दौरान सहेल लोगों के रूदन को आवाज दी थी जो सूखे की मार से पीड़ित थे। संत पापा ने युवाओं की सराहना करते हुए कहा, "आज मैं युवाओं को बधाई देता हूँ जो "लौदातो सी वृक्षों" की पहल के साथ काम कर रहे हैं। इसका लक्ष्य है सहेल क्षेत्र में कम से कम एक मिलियन पेड़ लगाना, जो अफ्रीका को हरा-भरा बना रहा है। उम्मीद करता हूँ कि इन युवाओं की एकात्मता के उदाहरण से अधिक से अधिक लोग प्रेरित हों।"

सहेल जंगल
सहेल जंगल

माताओं का पर्व    

उसके बाद संत पापा ने माताओं के लिए विश्व दिवस की भी याद की। उन्होंने कहा, "आज कई देशों में माताओं का पर्व मनाया जाता है। मैं सभी माताओं को कृतज्ञता एवं स्नेह से याद करना चाहता हूँ। उन्हें संत मरियम हमारी स्वर्गीय माता को समर्पित करता हूँ। उन माताओं की भी याद करता हूँ जो दूसरे जीवन में प्रवेश कर चुके हैं और स्वर्ग से हमारा साथ देते हैं।" संत पापा ने कुछ देर मौन रखकर सभी माताओं की याद करने का निमंत्रण दिया।

माता दिवस
माता दिवस

तब अंत में उन्होंने प्रार्थना का आग्रह करते हुए सभी को शुभ रविवार की मंगलकामनाएँ अर्पित की।

           

11 May 2020, 14:53