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रोजरी करती हुई एक बच्ची रोजरी करती हुई एक बच्ची 

हृदय की कठोरता को दूर करती है प्रार्थना

संत पापा फ्राँसिस ने 8 और 9 मार्च को ट्वीट प्रेषित कर चालीसा काल में सभी ख्रीस्तियों को अपने पापों के लिए सच्चा पछतावा करने और पापों के लिए शर्मींदगी महसूस की कृपा मांगने हेतु प्रेरित किया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 9 मार्च 2020 (वाटिकन न्यूज) : संत पापा फ्राँसिस ने 9 मार्च को संत पापा ने तीन ट्वीट किया।

प्रथम ट्वीट में उन्होंने लिखा, "संत मार्था प्रार्थनालय में पवित्र मिस्सा का सीधा प्रसारण द्वारा समारोह में भाग लें।"

शर्म का अनुभव

दूसरे द्वीट में संत पापा ने लिखा, "जब हम स्वीकार करते हैं कि हमने पाप किया है और अपने पापों के लिए शर्मींदगी महसूस करते हैं, तो यह ईश्वर के दिल को छूता है और वे हमपर दया करते हैं। आज हम शर्म महसूस करने की कृपा मांगें।"

प्रार्थना का मर्म

तीसरे ट्वीट में संत पापा ने प्रार्थना के सही मायने को समझाते हुए लिखा, "हमारी चालीसा प्रार्थना विभिन्न प्रकार की हो सकती है, लेकिन वास्तव में ईश्वर की आँखों में जो बात मायने रखती है, वह यह है कि यह हमारे भीतर गहराई तक प्रवेश करती है और हमें अपने हृदय की कठोरता को दूर कर प्रभु की ओर ले जाती है।"  

प्रभु का रुपांतरण पास्का रहस्य की झलक

चालीसा के दूसरे रविवार को संत पापा फ्राँसिस ने पूजन विधि के लिए चुने गये पाठ संत मत्ती के सुसमाचार (17:1-9) ताबोर पहाड़ पर प्रभु के रुपांतरण पर संत पापा ने ट्वीट में लिखा "आज का सुसमाचार, प्रभु के रुपांतरण की चमत्कारिक घटना, मसीह के दुःखभोग, मृत्यु और पुनरुत्थान के रहस्य को समझने में हमारी मदद करती है।"

महिलाओं का जीवन 

8 मार्च अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर संत पापा फ्राँसिस ने अपने ट्वीट संदेश में लिखा, "ये महिलाएं ही हैं जो विशेष रुप से अपने अंदर जीवन का स्वागत करती हैं। महिलाएं इस तथ्य को निरुपित करती हैं कि जीवन हमेशा चीजों की उत्पति में नहीं है बल्कि उन चीजों को वैसे ही आलिंगन करने में है जिस रुप में वे हैं।"

09 March 2020, 16:14