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संत पापा फ्राँसिस संत पापा फ्राँसिस  (Vatican Media)

कोविद महामारी के बीच वैश्विक युद्ध विराम हेतु संत पापा की अपील

संत पापा फ्राँसिस ने वैश्विक युद्ध विराम हेतु संयुक्त राष्ट्र महासचिव, एंतोनियो गुटेरेस के विचारों का समर्थन करते हुए युद्ध विराम की अपील की।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 30 मार्च 2020 (वाटिकन न्यूज) : वर्तमान कोविद -19 महामारी के बीच संत पापा फ्राँसिस ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुटेरेस द्वारा इस सप्ताह 'दुनिया के सभी देशों में तत्काल वैश्विक युद्ध विराम' हेतु किये गये आह्वान पर जोर देते हुए सभी देशों से युद्ध विराम की अपील की।

शत्रुता का निवारण

प्रेरितिक भवन की लाइब्रेरी से रविवार को देवदूत प्रार्थना का पाठ करने के उपरांत संत पापा ने कहा कि वे उन सभी लोगों का समर्थन करते हैं जिन्होंने तत्काल वैश्विक युद्ध विराम' की मांग की है। संत पापा ने "सभी प्रकार की शत्रुता को रोकने के लिए सभी को आमंत्रित किया। उन्होंने मानवीय सहायता के लिए गलियारों के निर्माण को प्रोत्साहित करते हुए, कूटनीति के लिए खुलापन और उन लोगों पर ध्यान देने को कहा जो खुद को नाजुक परिस्थितियों में पाते हैं।”

एकता और एकजुटता

संत पापा ने कहा, "महामारी के खिलाफ हमारी संयुक्त लड़ाई हमें एक मानव परिवार के सदस्यों स्वरूप, भाई-बहन के बंधन को मजबूत करने की वृहृद आवश्यकता हमें एक साथ ला सकती है।"

"विशेष रूप से, यह राष्ट्रों और उन दलों के नेताओं के बीच प्रतिद्वंद्विता को दूर करने के लिए नए सिरे से प्रतिबद्धता को प्रेरित कर सकता है। युद्ध के माध्यम से संघर्षों का समाधान नहीं किया जाता है।"

संत पापा फ्रांसिस ने जोर देते हुए कहा कि विरोध और मतभेद को बातचीत के माध्यम से और शांति के लिए एक रचनात्मक खोज के माध्यम से दूर किया जाना चाहिए।"

कैदी और समूह

संत पापा ने उन सभी लोगों का उल्लेख किया, जिन्हें समूहों में रहना पड़ता है, जैसे कि नर्सिंग होम और बैरक में रहने वाले। उन्होंने उन लोगों का भी ध्यान आकर्षित किया जो जेल में हैं। संत पापा फ्राँसिस ने कहा, "मैं जेलों में रहने वाले लोगों का उल्लेख करना चाहूंगा। मैंने मानवाधिकार आयोग का एक आधिकारिक ज्ञापन पढ़ा है जिसमें भीड़-भाड़ वाले जेलों की समस्या के बारे में जिक्र है जो एक त्रासदी बन सकती है। मैं अधिकारियों से अपील करता हूँ कि वे इस गंभीर समस्या के प्रति संवेदनशील रहें और भविष्य की त्रासदियों को रोकने के लिए आवश्यक उपाय करें।”

30 March 2020, 13:14