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प्रदर्शनी उद्योग के ग्लोबल एसोसिएशन से मुलाकात करते संत पापा प्रदर्शनी उद्योग के ग्लोबल एसोसिएशन से मुलाकात करते संत पापा  (Vatican Media)

मेले के द्वारा संस्कृति की सुन्दरता का प्रदर्शन

पोप फ्रांसिस ने प्रदर्शनी उद्योग के ग्लोबल एसोसिएशन को बताया कि मेला और प्रदर्शनी, व्यापक दुनिया को समृद्ध संस्कृतियों और पारिस्थितिकी प्रणालियों की समृद्ध विविधता और सुंदरता दिखाने के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती हैं।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 6 फरवरी 2020 (रेई)˸ संत पापा फ्राँसिस ने प्रदर्शनी उद्योग के ग्लोबल एसोसिएशन के शिखर सम्मेलन के प्रतिभागियों से 6 फरवरी को वाटिकन के क्लेमेंटीन सभागार में मुलाकात की। उनका सम्मेलन 5-7 फरवरी को रोम में आयोजित किया गया है।

संत पापा ने उनसे मुलाकात करते हुए कहा, "मैं आपके विश्व शिखर सम्मेलन के अवसर पर मुलाकात कर खुश हूँ। यह सम्मेलन रोम में चल रहा है जो विश्वास एवं संस्कृति का शहर है, वर्षों से यह लोगों और विचारों का मिलन स्थान है। प्रदर्शनी और मेला उद्योग के नेताओं के रूप में आप यहाँ जमा हुए हैं न केवल पेशेवर आयोजकों के रूप में बल्कि इसलिए भी कि आप अपने कार्यों से अधिक न्यायपूर्ण एवं मानवीय वैश्विक अर्थव्यवस्था को सहयोग दे सकें।"

प्रदर्शनी और एकात्मता

संत पापा ने कहा कि हमारे जीवन के विभिन्न आयामों एवं सामाजिक, सांस्कृतिक तथा पर्यावर्णीय क्रिया-कलापों द्वारा हम आपस में नजदीकी से जुड़े हैं। इस संबंध ने व्यापार व्यवस्था, पर्यावरण, सामाजिक और प्रशासन संरचना की स्थापना को प्रभावित किया है जो आर्थिक और व्यावसायिक गतिविधियों के समग्र प्रभाव का मार्गदर्शन और मूल्यांकन करता है।

उन्होंने प्रदर्शनी के क्षेत्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मेलों और प्रदर्शनियों का, न केवल क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं और श्रम बाजारों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, बल्कि व्यापक दुनिया और स्थानीय संस्कृतियों एवं पारिस्थितिक तंत्र की समृद्ध विविधता और सुंदरता को दिखाने के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। खासकर, वैश्विक प्रदर्शनियां मुलाकात की संस्कृति को बढ़ावा देती हैं जो एकात्मकता के संबंध को मजबूत करती एवं मानव परिवार के सदस्यों के बीच आपसी समृद्धि को बढ़ावा देती हैं। संत पापा ने कहा कि इस प्रकार उसके कार्य का एक उत्कृष्ट आयाम है।

आमघर की देखभाल

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक हित की सेवा हेतु समावेश की भावना, आमघर की देखभाल तथा व्यक्ति और सभी लोगों के समग्र विकास को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। संत पापा ने उन्हें आर्थिक एवं मानवीय सफलता प्राप्त करने के लिए स्थानीय एवं अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तर पर सहयोग करने की बात पर बल दिया।

प्रदर्शनियाँ और स्थानीय अर्थव्यवस्था

उन्होंने कहा, "प्रदर्शनियाँ, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था की मदद करती हैं, अपनी श्रम शक्ति को संलग्न करती हैं, अपनी संस्कृति को मूल्य और प्रमुखता देती हैं और मानव और प्राकृतिक पारिस्थितिकी का सम्मान करती हैं, वे अधिक सफल और यादगार होंगी। वे स्थानीय स्तर पर और दुनिया भर में प्रभाव डालेंगी और लोगों को आकर्षित करेंगी।"

संत पापा ने कहा कि प्रदर्शनी एवं मेला के आयोजन में कई कठिनाइयों के बावजूद उनके द्वारा एक सच्चे मानव संबंध का जाल बिछाया जा सकता है जिसका प्रभाव उस अवसर तक ही सीमित नहीं रहेगा।   

संत पापा ने प्रतिभागियों को उनके प्रयासों की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं तथा उनपर एवं उनके परिवारों पर ईश्वर के आशीष की कामना की।

 

06 February 2020, 16:13