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संत पापा फ्राँसिस और डीआरसी के राष्ट्रपति संत पापा फ्राँसिस और डीआरसी के राष्ट्रपति  

संत पापा और डीआरसी राष्ट्रपति के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा

संत पापा फ्राँसिस ने वाटिकन में डेमोक्रेटिक रिपब्लिक कांगो के राष्ट्रपति से मुलाकात की और दोनों राज्यों के बीच फ्रेमवर्क समझौते के अनुसमर्थन पर अपनी संतुष्टि व्यक्त की।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार,18 जनवरी 2020 (वाटिकन न्यूज) : संत पापा फ्राँसिस ने शुक्रवार 17 जनवरी पूर्वाहन को वाटिकन में डेमोक्रेटिक रिपब्लिक कांगो के राष्ट्रपति फेलिक्स अन्तोनी शिलोम्बो शिसेकेदी से मुलाकात की।

वाटिकन प्रेस कार्यालय द्वारा जारी एक वक्तव्य में कहा गया कि ″इस सौहार्द पूर्ण मुलाकात में दोनों नेताओं ने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक कांगो और वाटिकन के बीच द्विपक्षीय आपसी संबंधों पर प्रसन्नता व्यक्त की और हाल ही में दोनों देशों के बीच हुए फ्रेमवर्क समझौते के अनुसमर्थन पर संतोष व्यक्त किया।

आपसी हित के मामलों पर चर्चा की गई, जिसमें, लोकतांत्रिक प्रक्रिया में काथलिक कलीसिया के योगदान और राष्ट्र के सामान्य रुप से अच्छे और अभिन्न विकास को बढ़ावा देना शामिल था विशेष रूप से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में।

संत पापा और राष्ट्रपति ने अफ्रीकी राष्ट्र के पूर्वी प्रांतों की स्थिति पर भी ध्यान केंद्रित किया जहां निरंतर सशस्त्र संघर्ष और इबोला वायरस के प्रसार के कारण आबादी पीड़ित है।

अंत में, उन्होंने  हजारों शरणार्थियों और विस्थापितों के गरिमा की रक्षा के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहभागिता और सहयोग की तत्काल आवश्यकता पर अपनी वार्ता को केंद्रित किया।

फ्रेमवर्क समझौता

संत पापा के साथ अपनी बैठक के बाद, राष्ट्रपति फेलिक्स ने वाटिकन के राज्य सचिव, कार्डिनल पिएत्रो पारोलिन और राज्यों के साथ संबंधों के सचिव, महाधर्माध्यक्ष पॉल गलाघेर के साथ मुलाकात की।

उनकी चर्चा का विषय 20 मई 2016 को वाटिकन में हस्ताक्षरित परमधर्मपीठ और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के बीच फ्रेमवर्क समझौते का अनुसमर्थन था।

दस्तावेज़ आपसी संबंधों के लिए कानूनी रूपरेखा तैयार करता है। विशेष रूप से, यह प्रेरितिक गतिविधियों में कलीसिया की स्वतंत्रता और इसकी विशिष्ट क्षमता के मामलों में प्रतिबंध लगाता है। यह काथलिक शिक्षण संस्थानों, स्कूलों में धर्म शिक्षा, कलीसिया की उदार-सहायता गतिविधि, सशस्त्र बलों, अस्पतालों और कारावास में प्रेरितिक देखभाल, कलीसिया की संपति, राजकोषीय शासन और प्रवेश वीजा के नियमों सहित विभिन्न क्षेत्रों को नियंत्रित करता और धर्मसंघियों धर्मबहनों के निवास की अनुमति देता है।

18 January 2020, 14:36