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आम दर्शन समारोह के समय सन्त पापा फ्राँसिस आम दर्शन समारोह के समय सन्त पापा फ्राँसिस   (ANSA)

इताली राष्ट्रीय नोटरी कोष के प्रतिनिधियों से

वाटिकन में, शुक्रवार को इताली राष्ट्रीय नोटरी कोष के प्रतिनिधियों ने, सन्त पापा फ्राँसिस का साक्षात्कार कर उनका सन्देश सुना। इस अवसर पर सन्त पापा ने पड़ोसी एवं इतिहास के प्रति ज़िम्मेदारी का आह्वान किया।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 6 दिसम्बर 2019 (रेई,वाटिकन रेडियो): वाटिकन में, शुक्रवार को इताली राष्ट्रीय नोटरी कोष के प्रतिनिधियों ने, सन्त पापा फ्राँसिस का साक्षात्कार कर उनका सन्देश सुना। इस अवसर पर सन्त पापा ने पड़ोसी एवं इतिहास के प्रति ज़िम्मेदारी का आह्वान किया।

सन्त पापा ने इटली के सार्वजनिक लेख्य प्रमाणकों यानि नोटरी प्रतिनिधियों से कहा, "ऐसे सामाजिक सन्दर्भ में, जहाँ मुनाफे के "राजमार्ग" पर प्रतिस्पर्धा करने की इच्छा तेज़ी से बढ़ रही है, नोटरी प्रतिनिधियों से मांग की जाती है कि वे, यथार्थ सेवा की भावना में, अपनी भूमिका का अभ्यास करें।"

नोटरी मध्यस्थ बनें

उन्होंने कहा, "मोलभाव करने की प्रक्रिया में आपकी उपस्थिति केवल वैधता की मुहर लगाने के लिये नहीं होती अपितु, संतुलन एवं विचारशीलता सहित, अन्तिम विशलेषण में, न्याय की मुहर होती है। प्रस्तुत चुनौतियों की पृष्ठभूमि में, आप, लोगों की समस्याओं को सुनने के द्वारा, अपने ज्ञान के प्रकाश में, समाज को और अधिक मानवीय बनाने में मदद करें। इसका अर्थ है कानून और सामाजिक-आर्थिक जरूरतों के बीच मध्यस्थ बनना, जो कि एक नोटरी के लिए उचित है। उन्होंने कहा कि नोटरी से यही आशा की जाती है कि वह नियमों का सही अनुप्रयोग प्रदान करे, और साथ ही चौकस रहते हुए लोगों की अपेक्षाओं, उनकी निश्चितताओं और सुरक्षा के प्रति ध्यान दें।"

नोटरी के दायित्व

नोटरी के दायित्वों का स्मरण दिलाकर सन्त पापा ने कहा, अपने कार्य क्षेत्र में, अपने पेशे के अनुरूप, नोटरी, उन लोगों की गरिमा और अधिकारों के प्रति एक ईमानदार संवेदनशीलता का पोषण करने का प्रयास करेगा जो उससे मदद की अभिलाषा रखते हैं; वह उन सभी का बचाव करेगा जो न्यायसंगत हैं और सत्य के अपरिहार्य सिद्धान्तों का पालन करते हैं तथा इस कार्य में, नोटरी, उदारता के गुण को दरकिनार नहीं करेगा जो, पारस्परिक सम्बन्धों का मुख्य गुण है।  

पड़ोसी और इतिहास के प्रति ज़िम्मेदारी    

द्वितीय वाटिकन महासभा के "गाओदियुम एत स्पेस" विश्व पत्र को उद्धृत कर सन्त पापा ने कहा, "हम इस तथ्य के साक्षी हैं कि एक नवीन मानवतावाद का उदय हो रहा है, जिसमें सच्चे अर्थों में मनुष्य वही है जो अपने भाइयों और अपने इतिहास के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाता है।"    

06 December 2019, 12:07