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विश्व आप्रवास के दिन सन्त पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में सन्त पापा फ्राँसिस- 29.09.2019 विश्व आप्रवास के दिन सन्त पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में सन्त पापा फ्राँसिस- 29.09.2019   (ANSA)

यूरोप में आप्रवास विरोधी बातों से सन्त पापा फ्राँसिस हैरान

रोम स्थित येसु धर्मसमाजी पत्रिका ला चिविल्ता कातोलिका में गुरुवार को प्रकाशित एक लेख में कहा गया कि सन्त पापा फ्राँसिस यूरोप में आप्रवासियों के साथ दुर्व्यवहार तथा उनके विरुद्ध बातें सुनकर बेहद हैरान हैं।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

रोम, शुक्रवार, 6 दिसम्बर 2019 (सी.एन.ए.): रोम स्थित येसु धर्मसमाजी पत्रिका ला चिविल्ता कातोलिका में गुरुवार को प्रकाशित एक लेख में कहा गया कि सन्त पापा फ्राँसिस यूरोप में आप्रवासियों के साथ दुर्व्यवहार तथा उनके विरुद्ध बातें सुनकर बेहद हैरान हैं।  

गुरुवार 05 दिसम्बर को प्रकाशित ला चिविल्ता कातोलिका के संस्करण में लिखित लेख के अनुसार, थायलैण्ड में अपनी यात्रा के दौरान सन्त पापा ने कहा था, "मुझे मानना पड़ेगा कि यूरोप में सीमाओं के बारे में कही जा रही कुछेक बातों से मैं हैरान हूँ। उन्होंने कहा, लोकलुभावन शक्ति बढ़ रही है। "

"रक्षात्मक मानसिकता"

22 नवम्बर की भेंटवार्ता में सन्त पापा ने कहा, “भूमध्यसागर को कब्रिस्तान में बदल दिया गया है। लीबिया के कुछ हिरासत केंद्रों की कुख्यात क्रूरता मेरे दिल को छू जाती है ... अन्य हिस्सों में दीवारें हैं जो बच्चों को माता-पिता से अलग कर रही हैं।"

सन्त पापा ने इस बात की ओर ध्यान आकर्षित कराया कि आप्रवास की समस्याओं को एक "रक्षात्मक मानसिकता" द्वारा संयोजित किया जाता है जो भय की स्थिति उत्पन्न करता तथा लोगों को यह विश्वास दिलाता है कि "आप केवल सीमाओं को मजबूत करके खुद का बचाव कर सकते हैं।" उन्होंने कहा कि यही कारण है कि आप्रवासियों एवं शरणार्थियों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता तथा मानव व्यक्ति समझने के बजाय उन्हों फेंकनेवाला कूड़ा समझा जाता है।  

अपव्यय की नीति  

सन्त पापा ने स्मरण दिलाया कि, "शरणार्थियों की समस्या हमेशा से मौजूद रही है, लेकिन आज यह सामाजिक मतभेद,  भुखमरी, राजनीतिक तनाव और, विशेष रूप से, युद्ध के कारण और अधिक उजागर हुई है।" इन कारणों से, आप्रवासिओं का आवागमन तेज़ हुआ है। दुर्भाग्यवश, विश्व के पास इसका क्या जवाब है? अपव्यय की नीति। विश्व के लिये शरणार्थी अपशिष्ट पदार्थ हैं।"

सन्त पापा ने कहा जब मैं माता- पिताओं से उनके बच्चों को अलग करते हुए देखता हूँ तो मुझे दुष्ट हेरोद याद आ जाता है। तथापि, उन्होंने कहा, मादक पदार्थों की तस्करी के लिये उन्हें बाहर करनेवाली कोई दीवार नहीं है।

विश्व के ख्रीस्तीयों से आप्रवासियों एवं शरणार्थियों की मदद का आह्वान कर सन्त पापा ने स्मरण दिलाया कि ख्रीस्तीय धर्म आगन्तुक के स्वागत की शिक्षा देता है, चाहे सुसमाचार हो या प्राचीन व्यवस्थान दोनों ही में ज़रूरतमन्द की सहायता का आह्वान किया गया है।  

06 December 2019, 11:47