खोज

Vatican News
संत पापा फ्राँसिस संत पापा फ्राँसिस 

संत पापा द्वारा फिलिपीनो के लिए पवित्र युखारिस्त का अनुष्ठान

संत पापा फ्राँसिस ने रविवार को संत पेत्रुस महागिरजाघर में रोम में रहने वाले फिलीपीन के काथलिकों के लिए पवित्र मिस्सा समारोह का अनुष्ठान किया और कहा कि अपने विश्वास को साझा करना उनका विशेष प्रेरितिक मिशन है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 16, दिसम्बर 2019 (वाटिकन न्यूज) : पवित्र युखारीस्तीय समारोह के लिए संत पेत्रुस महागिरजाघर में एकत्रित फिलीपींस के विश्वासियों से संत पापा फ्राँसिस ने कहा, रविवार के पाठों में विशेषकर अंतर भजन में हम पाते हैं कि कमजोर और लाचार लोग ईश्वर के प्रेम के विशेष अधिकारी हैं। कमजोर और लाचार लोगों की गिनती में “उत्पीड़ित, भूखे, कैदी, विदेशी, अनाथ और विधवा आते हैं।

आगमन तैयारी का समय

संत पापा ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि जैसा कि पूरी दुनिया इम्मानुएल, मानव जाति के बचाने वाले ईश्वर के शरीर घारण के रहस्य को मनाने की तैयारी कर रही है, "हमें प्रभु से क्रिसमस के चमत्कार को नवीनीकृत करने की कृपा मांगनी चाहिए, जिससे कि हम गरीबों और लाचारों के प्रति ईश्वर के प्रेम को प्रकट करने का साधन बन सकें।

उन्होंने कहा कि आगमन का यह पवित्र काल हमें अपने दिल में प्रभु से लगन के साथ प्रार्थना करने और उम्मीद की भावना जगाने का अवसर देता है।

फिलीपींस और सिमबैंग-गैबी

संत पापा फ्राँसिस ने कहा कि “फिलीपींस में, सदियों से, क्रिसमस (सिमबैंग-गैबी, रात का मिस्सा) त्योहार की तैयारी में नोबीना प्रार्थना की जाती है। नौ दिनों के दौरान, फिलिपिनो  काथलिक अपने पल्लियों में पवित्र युखारीस्तीय समारोह के लिए एकत्रित होते है। हाल के दशकों में, फिलिपिनो प्रवासियों के माध्यम से, यह भक्ति राष्ट्रीय सीमाओं को पार कर  इटली और वाटिकन सहित कई अन्य देशों में फैल गई है।”

संत पापा ने कहा, “इस उत्सव के माध्यम से, "हम ईश्वर के प्यार और कोमलता को सभी के लिए विशेष कर कमजोरों तक लाने हेतु को खुद को प्रतिबद्ध करना चाहते हैं।”

विशेष मिशन

संत पापा ने कहा कि जो लोग अच्छे भविश्य की खोज में अपने देश को छोड़ दिये हैं, उनके लिए ईश्वर की ओर से विशेष मिशन है। “आज आप जिस पल्ली समुदाय में रहते हैं वहाँ आपका विश्वास खमीर की तरह है। आप अपनी संस्कृति और आध्यात्मिकता को अपने पल्लियों के अनेय विश्वासियों के साथ साझा करें, साथ ही अपने आप को दूसरों के अनुभवों से समृद्ध करें।

संत पापा ने अपना प्रवचन यह कहते हुए समाप्त किया कि “हम सभी कमजोरों, लाचारों और दूर दराज में रहने वालों के साथ ईश्वर के प्रेम का शुभ संदेश को पहुँचाने के लिए बुलाये गये हैं।आइये हम अपनी भाषा और विभिन्न उपहारों का उपयोग ईश्वर के राज्य के प्रचार के लिए करें।”

16 December 2019, 17:04