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राजदूतों से मुलाकात करते संत पापा फ्राँसिस राजदूतों से मुलाकात करते संत पापा फ्राँसिस  (ANSA)

संत पापा ने राजदूतों का प्रत्यय पत्र स्वीकार करते हुए संदेश दिया

संत पापा फ्राँसिस ने बृहस्पतिवार 19 दिसम्बर को सेशेल्स, माली, अंडोरा, केन्या, लातविया और नाइजर के राजदूतों द्वारा प्रत्यय पत्र प्रस्तुत करने के अवसर पर उनसे मुलाकात कर उन्हें बेहतर विश्व के निर्माण में सहयोग देने की सलाह दी।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 19 दिसम्बर 2019 (रेई)˸ उन्हें सम्बोधित कर संत पापा ने कहा, "मैं प्रत्यय पत्र प्रस्तुत करने के अवसर पर आपका स्वागत करते हुए खुश हूँ जिसके द्वारा परमधर्मपीठ के लिए, आपको अपने देश की असाधारण एवं पूर्णाधिकारी की मान्यता प्राप्त हुई है।"

शांति ˸ आशा एवं वार्ता की यात्रा

हमारी मुलाकात क्रिसमस के समय में हो रही है जब समस्त विश्व शांति के राजकुमार के जन्म पर्व को मनाने की तैयारी कर रहा है। वास्तव में, "शांति पूरे मानव परिवार की आकांक्षा है। यह आशा की, संवाद में शामिल होने, मेल-मिलाप और पारिस्थितिक बदलाव की यात्रा है। एक ऐसी दुनिया में जो सिविल, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों, सामाजिक विभाजन और असमानताओं के कारण उदास है, यह आवश्यक है कि लोगों एवं वैश्विक समुदाय में, अधिक भाईचारापूर्ण एकता हेतु, ईमानदारी और सच्चाई पर आधारित निर्माणात्मक एवं रचनात्मक वार्ता शुरू किया जाए।"

संत पापा ने कहा, "काथलिक कलीसिया अपनी ओर से प्रत्येक व्यक्ति और सभी लोगों की भलाई को बढ़ावा देने में पूरी जिम्मेदारी के साथ सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।" उन्होंने आशा व्यक्त की कि उनका मिशन न केवल उनके देशों एवं परमधर्मपीठ के बीच अच्छा संबंध बनाये रखने में मदद दे, बल्कि एक न्याय एवं शांतिपूर्ण विश्व का निर्माण करने में भी सहायक हो जिसमें मानव परिवार की प्रतिष्ठा एवं अधिकारों को सम्मान एवं बढ़ावा दिया जाए।

यात्रा की शुरूआत मेल-मिलाप के लिए खुला होने से

संत पापा ने शांति का रास्ता बतलाते हुए कहा, "शांति का रास्ता मेल-मिलाप हेतु खुला होने से शुरू होता है जो दूसरों पर हावी होने की इच्छा को त्यागता तथा एक-दूसरे को ईश्वर के पुत्र-पुत्रियों एवं आपस में भाई-बहन के रूप में देखना सिखाता है। यह तभी संभव है जब हम उदासीनता एवं भय को दूर कर, आपसी सम्मान में बढ़ें। यह समावेश की संस्कृति के विकास की ओर जाता है और एक न्यायिक प्रणाली एवं सामाजिक तथा राजनीतिक जीवन में सभी की भागीदारी के लिए विभिन्न अवसरें प्रदान करता है।"

राजदूत अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रतिनिधि

उन्होंने कहा कि यहां आपकी उपस्थिति उन राष्ट्रों के संकल्पों का प्रतीक है, जिनका आप प्रतिनिधित्व करते और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ अन्याय, भेदभाव, गरीबी और असमानता की स्थितियों को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है जो हमारी दुनिया को पीड़ित करते हैं और आने वाली पीढ़ियों की आशाओं और आकांक्षाओं को खतरे में डालते हैं।

आमघर और आमहित

संत पापा ने उन्हें आमघर की रक्षा हेतु प्रेरित करते हुए कहा कि शांति का रास्ता आमघर के प्रति सम्मान की कमी के कारण भी अवरूद्ध होता है, खासकर, स्थानीय समुदायों अथवा प्रकृति का ख्याल रखे बिना, शीघ्र लाभ प्राप्त करने हेतु प्राकृतिक संसाधनों के दोहन द्वारा। हमारा विश्व स्थिरता के लिए कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि आमघर जहाँ हम निवास करते हैं जीवन को विकसित करने एवं हमारे मानव परिवार के प्रत्येक सदस्य के अभिन्न विकास हेतु हमसे सहयोग की मांग कर रही है।

अंत में, संत पापा ने सभी राजदूतों को उनके मिशन के लिए शुभकामनाएँ दीं तथा उनके कार्यों में परमाध्यक्षीय रोमी कार्यालय के सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने पुनः सभी पर ईश्वर के आनन्द एवं शांति के आशीष की कामना की।

19 December 2019, 15:35