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वाटिकन कर्मचारियों के बच्चों से मुलाकात करते हुए संत पापा वाटिकन कर्मचारियों के बच्चों से मुलाकात करते हुए संत पापा  (AFP or licensors)

वाटिकन कर्मचारियों और उनके परिवारों से संत पापा की मुलाकात

संत पापा फ्राँसिस ने क्रिसमस अभिवादन का आदान-प्रदान करने के लिए वाटिकन के कर्मचारियों से मुलाकात की और उन्हें मुस्कान के महत्व को फिर से परिभाषित करने के लिए प्रोत्साहित किया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार 21 दिसम्बर 2019 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस शनिवार 21 दिसम्बर को परंपरा अनुसार संत पापा पॉल छठे सभागार में वाटिकन के कर्मचारियों और उनके परिवारों से मुलाकात की। उनके संदेश को एक शब्द में समेटा जा सकता है: मुस्कान।

संत पापा ने कहा कि वे अपनी थाईलैंड यात्रा के दौरान वहाँ के लोगों से प्रभावित हुए थे।  एक ऐसा देश जहां लोग हमेशा मुस्कुराते रहते हैं। इस अनुभव ने उन्हें यह दर्शाया कि मुस्कुराहट "आम तौर पर प्यार और स्नेह की मानवीय अभिव्यक्ति" है।

एक बच्चे की मुस्कान

संत पापा फ्राँसिस ने एक बच्चे के उदाहरण का उपयोग किया कि कैसे एक नवजात शिशु की मुस्कान हमें वापस मुस्कुराने के लिए प्रेरित करती है, यह "एक सरल, भोली भावना" का अनुभव है। बच्चे की मुस्कान "शक्तिशाली" है "क्योंकि यह नया, शुद्ध, वसंत के पानी की तरह है और हम वयस्कों में बचपन का याद को जागृत करता है"।

ईश्वर के मुस्कानः येसु

संत पापा फ्राँसिस ने कहा, "येसु ईश्वर की मुस्कुराहट हैं।", "वे स्वर्गीय पिता के प्रेम और उनकी कृपा  को देने हेतु इस दुनिया में आये और उन्होंने ऐसा करने का पहला तरीका," इस दुनिया में हर नवजात बच्चे की तरह" अपने माता-पिता को मुस्कुराते हुए दिया। इसे हम तब अनुभव करते हैं जब हम चरणी में बालक येसु पर विचार करते हैं, पोप को जारी रखते हैं।

हमें लगता है कि दुनिया के सभी गरीबों के मुस्कान द्वारा ईश्वर मुस्कुराते हैं, "उन सभी लोगों पर जो मुक्ति की प्रतीक्षा में हैं, जो भाईचारे दुनिया की आशा करते हैं, जहां युद्ध और हिंसा नहीं होती है, जहां हर पुरुष और महिला एक ईश्वर के पुत्र और पुत्रियों के रुप में बड़ी गरिमा के साथ रह सकते हैं।

रिश्तों की गुणवत्ता

संत पापा फ्राँसिस ने कहा, यहां वाटिकन में और विभिन्न कार्यालयों में भी, हमें बालक येसु के मुस्कान द्वारा नवीनीकृत होने की आवश्यकता है।", उनकी भलाई हमें उस कचरे से शुद्ध कर सके जो अक्सर हमें पूरी तरह अपने आप को देने से रोकता है

"रिश्तों की मानवीय गुणवत्ता के साथ काम की गुणवत्ता हाथ से जाती है। "यह हमारे लिए विशेष रूप से सच है, जो कलीसिया की सेवा में और मसीह के नाम पर काम करते हैं।"

ईश्वर के मुस्कान की आवश्यकता

संत पापा ने स्वीकार किया कि कई कारणों से, कभी-कभी मुस्कुराना मुश्किल हो सकता है। जब हमें ईश्वर की मुस्कान की आवश्यकता होती है, तो केवल वे ही हमारी मदद कर सकते हैं। बहुधा, जब चीजें अच्छी तरह से चल रही होती हैं, तो हम उन अन्य लोगों के बारे में भूल सकते हैं जो संघर्ष कर रहे हैं। "फिर भी हमें झूठी सुरक्षा से दूर रहने और सादगी और कृतज्ञता को जीवन में लाने के लिए ईश्वर के मुस्कान की आवश्यकता है।"

माता मरियम और जोसेफ की तरह, "आइए हम बालक येसु का स्वागत करें ... और हम भी दूसरों को विनम्र, सरल मुस्कान दें। क्योंकि मुस्कान, एक दुलार की तरह है।”

21 December 2019, 15:12