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मनिला के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल लुईस अंतोनियो तागले मनिला के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल लुईस अंतोनियो तागले 

प्रोपगांदा फीदे के नये प्रीफेक्ट कार्डिनल तागले

लोक धर्मियों की प्रेरिताई हेतु बनी परधर्मपीठीय धर्मसंघ के प्रीफेक्ट कार्डिनल फिलोनी ऑर्डर ऑफ हॉली सेपुल्कर के प्रमुख बने और उनका स्थान मनिला के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल तागले ने लिया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 9 दिसम्बर 2019 (वाटिकन न्यूज) : मनिला के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल लुईस अंतोनियो तागले धर्मसंघ के नए प्रीफेक्ट हैं। संत पापा फ्राँसिस की नियुक्ति की घोषणा, रविवार 8 दिसंबर को की गई। वर्तमान प्रीफेक्ट, कार्डिनल फर्नांडो फिलोनी ने कार्डिनल एडविन फ्रेडरिक ओब्रायन के स्थान पर ऑर्डर ऑफ हॉली सेपुल्कर का प्रमुख बनने हेतु स्वीकार किया है। कार्डिनल एडविन फ्रेडरिक ओब्रायन ने अप्रैल 2019 में इस्तीफा दे दिया। वे 80 वर्ष के हो गए।

लोक धर्मियों के सुसमाचार प्रचार धर्मसंघ की अगुवाई का दायित्व अब फिर से एशिया के कार्डिनल पर आई। कार्डिनल फर्नांडो फिलोनी के पहले भारतीय कार्डिनल इवान डायस ने 2006 से 20111 तक प्रीफेक्ट थे। लोक धर्मियों के सुसमाचार प्रचार धर्मसंघ के प्रीफेक्ट मिशन की भूमि में धर्माध्यक्षों के नामांकन के लिए भी ज़िम्मेदार हैं।

कार्डिनल लुईस अंतोनियो गोकिम तागले, जिनका जन्म 21 जून 1957 को मनिला में एक काथालिक परिवार में हुआ था। उनके पिता तागालोग जाति और उनकी माँ चीनी मूल की हैं। कार्डिनल तागले के पुरोहिताभिष्क 1982 में हुआ। उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका में धर्मशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। उनके शोध का विषय था, “द्वितीय वाटिकन काउंसिल के बाद से धर्मध्यक्षीय मंडल की धारणा का विकास”। उन्होंने अपनी पढ़ाई को गहरा करने के लिए रोम में सात साल बिताए और 1997 में अंतर्राष्ट्रीय धर्मशास्त्र कमीशन में शामिल हो गए।

इमुस पल्ली के पल्ली पुरोहित के रुप में अपनी सेवा देते हुए, 44 वर्ष की आयु में उन्हें संत पापा जॉन पॉल द्वितीय ने अक्टूबर 2001 में उस धर्मप्रांत का धर्माध्यक्ष नियुक्त किया। कार्डिनल तागले ने विशेष रूप से युवा प्रेरिताई में खुद को को समर्पित किया और इमुस में एशियाई युवा लोगों की पहली बैठक का उद्घाटन किया। 13 अक्टूबर 2011 को संत पापा बेनेडिक्ट सोलहवें  ने उन्हें मनिला मेट्रोपोलिटन का महाधर्माध्यक्ष नियुक्त किया और तेरह महीने बाद ही  नवंबर 2012 में संत पापा बेनेदिक्त सोलहवें ने अपने परमाध्यक्षीय काल के अंतिम कार्डिनल मंडल की सभा में कार्डिनल कार्डिनल की लाल टोपी प्रदान की। मनिला महाधर्मप्रांत का नेतृत्व करने के अलावा, कार्डिनल तागले अंतरराष्ट्रीय कारितास और काथलिक बाइबिल फेडरेशन के अध्यक्ष भी हैं। इस विकल्प के साथ, थाईलैंड और जापान की यात्रा समाप्त होने से कुछ दिन पहले,संत पापा फ्राँसिस ने एक बार फिर एशियाई महाद्वीप पर बहुत ध्यान देने की घोषणा की।

09 December 2019, 16:21