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देवदूत प्रार्थना के दौरान संत पापा देवदूत प्रार्थना के दौरान संत पापा 

ईराकी लोगों के प्रति संवेदना

देवदूत प्रार्थना के उपरांत संत पापा फ्रांसिस ने ईराकियों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।

दिलीप संजय एक्का-वाटिकन सिटी

देवदूत प्रार्थना के उपरांत संत पापा ने सभों का अभिवादन करते हुए कहा कि वे ईराक की वर्तमान परिस्थिति से चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात का दुःख है कि आये दिनों प्रर्दशनकारियों को घोर यंत्रणाओं शिकार होना पड़ा है जिसमें दर्जनों लोगों घायल हुए हैं। मैं घायलों और मृतकों के लिए प्रार्थना करता हूँ। मैं उनके परिवारों और पूरे ईराकवासियों के लिए अपनी संवेदना प्रकट करते हुए उनके ऊपर ईश्वरीय शांति और स्थायित्व की कामना करता हूँ।

परिवार और जीवन हेतु लोकधर्मियों के संघ ने एक नये अंतरराष्ट्रीय युवा सलाहकारिणी समिति की स्थापना की है जिसमें विभिन्न भूभागीय और कलीसियाई पृष्ठभूमि के बीस युवा शामिल हैं। यह युवाओं को समर्पित बिगत साल हुए धर्मसभा की मांगों का एक ठोस प्रतिउत्तर है। इस संघ का कार्य युवाओं के जीवन दर्शन को समझते हुए युवा प्रेरिताई को उनकी प्राथमिकता के आधार पर करना है। हम इसके लिए प्रार्थना करते हैं।

संत पापा का अभिवादन

इतना कहने के बाद संत पापा ने रोम और विश्व के विभिन्न देशों से आये हुए तीर्थयात्रियों का अभिवादन किया विशेषरूप से पोलैण्ड और बुखारेस्टे बच्चों के संगीत दल का।

उन्होंने जुलियानोभा लीदो, नेत्तुनो और जेसी समुदाय के साथ-साथ काभारेजेरे के तीर्थयात्रियों का जो अपने संगीत दल “सेराफिन” के साथ थे। उन्होंने इटली में रोमानिया संघ का अभिवादन किया।

संत पापा ने कल दोपहर को ग्रेको की भेंट की जहाँ संत फ्रांसिस ने येसु के जन्म की चरणी का निर्माण पहली बार किया था। वहाँ उन्होंने चरणी के अर्थ और उसके महत्व के एक पत्र पर हस्ताक्षर किये। संत पापा ने कहा कि चरणी ख्रीस्तीय विश्वास की एक अद्भूत निशानी है। यह एक छोटा पत्र है जो हमें येसु जन्म की तैयारी हेतु हमारी मदद करेगा। अपनी तैयारी की इस यात्रा हेतु उन्होंने अपने लिए प्रार्थना का अनुरोध किया।

अंत में उन्होंने सभों को आगमन की यात्रा हेतु शुभकामनाएँ अर्पित की और अपने लिए प्रार्थना का निवेदन करते हुए सभों को अपना प्रेरितिक आशीर्वाद प्रदान किया।

02 December 2019, 18:19