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थायलैण्ड में सेवारत येसु धर्मसमाजियों के साथ सन्त पापा फ्राँसिस, 22.11.2019 थायलैण्ड में सेवारत येसु धर्मसमाजियों के साथ सन्त पापा फ्राँसिस, 22.11.2019  

थाय काथलिकों की ज़रूरतों के प्रति सन्त पापा की उत्कंठा

थायलैण्ड के काथलिक पुरोहितों एवं धर्मबहनों से अपने जीवन द्वारा विश्वास का प्रसार करने का आग्रह कर सन्त पापा फ्रांसिस ने थाय काथलिक कलीसिया के समक्ष प्रस्तुत चुनौतियों के प्रति ध्यान आकर्षित कराया।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

साम फ्रान, थायलैण्ड, शुक्रवार, 22 नवम्बर 2019 (रेई,वाटिकन रेडियो):  थायलैण्ड के काथलिक पुरोहितों एवं धर्मबहनों से अपने जीवन द्वारा विश्वास का प्रसार करने का आग्रह कर सन्त पापा फ्रांसिस ने थाय काथलिक कलीसिया के समक्ष प्रस्तुत चुनौतियों के प्रति ध्यान आकर्षित कराया।

थाय काथलिक समुदाय द्वारा स्वागत

बैंककॉक के परिसर में साम फ्रान स्थित सेन्ट पीटर्स पल्ली के गिरजाघर के ओर-छोर हज़ारों थाय नागरिकों ने सन्त पापा का जयनारों से स्वागत किया। इनमें, सैकड़ों पुरोहित, धर्मबहनें, बौद्ध मठवासियों की पोषाकें पहने बच्चे, काथलिक विश्वासी एवं आम नागरिक उपस्थित थे। वाटिकन एवं थायलैण्ड के ध्वज़ों फहराकर, तालियाँ बजाकर तथा वीवा इल पापा यानि सन्त पापा ज़िन्दाबाद के नारे लगाकर इन्होंने काथलिक धर्म के जगतगुरु सन्त पापा फ्राँसिस का अपने बीच स्वागत किया। थायलैण्ड के लोग 35 वर्षों बाद काथलिक कलीसिया के परमाध्यक्ष के दर्शन कर रहे थे। सन् 1984 में सन्त पापा जॉन पौल द्वीतीय ने थायलैण्ड की यात्रा की थी।  

लोगों की बोली बोलें

साम फ्रान के सेन्ट पीर्टर्स पल्ली गिरजाघर में सन्त पापा ने इस तथ्य पर गहन दुख व्यक्त किया कि प्रायः काथलिक धर्म को विदेशी धर्म के रूप में देखा जाता है। उन्होंने कहा, "इससे हमें प्रेरणा मिलनी चाहिये कि हम लोगों की भाषा में विश्वास के बारे बातचीत करें, ठीक उसी प्रकार जैसे एक माँ अपने बच्चे को सुलाने के लिये लोरी गाती है।" सन्त पापा फ्राँसिस इस बात पर बल देते रहे हैं कि सुसमाचार का प्रचार करने के लिये धर्मान्तरण अभियान की नहीं अपितु "स्थानीय लोगों की संस्कृति, उनकी भाषा और उनकी परम्पराओं में घुल-मिल कर अपने आचरण द्वारा लोगों के मनपरिवर्तन की ज़रूरत होती है।"

पुरोहितों एवं धर्मबहनों को अपना सन्देश देने के उपरान्त सन्त पापा ने सेन्ट पीर्टर्स पल्ली के गिरजाघर में ही एशियाई धर्माध्यक्षीय सम्मेलनों के संघ एफएबीसी के धर्माध्यक्षों और साथ ही थायलैण्ड में सेवारत येसु धर्मसमाजियों से मुलाकात की।

22 November 2019, 11:24