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संत पापा  बम्बिनो  येसु अस्पताल के बीमार बच्चों के साथ संत पापा बम्बिनो येसु अस्पताल के बीमार बच्चों के साथ  (AFP or licensors)

धन्य हैं वे हाथ, जो चंगा करते हैं, संत पापा फ्राँसिस

संत पापा फ्राँसिस ने बम्बिनो येसु अस्पताल के कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे बीमार बच्चों की सेवा में खुद को समर्पित करें। दुर्लभ बीमारियों का इलाज खोजने के अपने प्रयासों को बढ़ायें।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 18 नवम्बर 2019 (वाटिकन न्यूज) : बम्बिनो येसु अस्पताल इस वर्ष अपनी 150 वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस अवसर पर संत पापा फ्रांसिस ने इस अस्पताल के लिए परमधर्मपीठ का अटूट समर्थन व्यक्त किया।

वाटिकन के संत पापा पॉल छठे सभागार में शनिवार को अस्पताल के प्रशासन, डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों के साथ बैठक में, संत पापा फ्राँसिस ने 1869 में इटली के पहले बच्चों के अस्पताल की स्थापना को "एक अंतर्ज्ञान और एक उपहार" के रूप में वर्णित किया।

उन्होंने कहा कि अरबेला साल्वती में एक महिला और एक माँ का अंतर्ज्ञान था और बच्चों को समर्पित एक संस्था बनाने की उदारता थी।

बच्चों का नैतिक अधिकार

बम्बिनो येसु अस्पताल को 1924 में वाटिकन को दान दिया गया था। संत पापा ने कहा कि यह अस्पताल दुनिया के बच्चों की विरासत बन गई है, क्योंकि काथलिक कलीसिया पूरी दुनिया में फैली हुई है।

"इस प्रकार एक भव्य और अनमोल संस्था का जन्म हुआ, जो कि भविष्य के प्रति सजग है और भविष्य पर केंद्रित है।"

पोप फ्रांसिस ने कहा कि अस्पताल की असली पहचान "बीमार और पीड़ित बच्चों के नैतिक अधिकार" से ली गई है।

संत पापा ने कहा, "बच्चों का नैतिक अधिकार हमेशा आपको इस अस्पताल के मूल व्यवसाय के प्रति वफादार रखे और जब आप अस्पताल के भविष्य के लिए अपने निर्णय लेते हैं, तो बच्चों का नैतिक अधिकार ही इसका मानदंड बने।

चंगा करने वाले हाथ धन्य हैं

सभागार में उपस्थित लोगों के बीच कुछ लोगों की लिखित गवाही वितरित की गई। एक वेनेजुएला की मां ने बताया कि कैसे बाम्बिनो येसु अस्पताल ने उसके बीमार बेटे के लिए इलाज किया।

संत पापा फ्राँसिस ने इस बात पर विचार किया कि कैसे उस माता ने ईश्वरीय आशीर्वाद उन डाक्टरों के अद्भुत हाथों से पाया। और उसका बेटा चंगा हो गया। दूसरों को चंगा करने की क्षमता एक उपहार है। संत पापा ने चिकित्सा कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे अपने व्यावसायिकता और उत्साह में कमी कभी नहीं होने दें।" इतना कहने के बाद संत पापा ने हॉल में मौजूद सभी डॉक्टरों और नर्सों के हाथों को आशीर्वाद देने के लिए अपनी तैयार की गई टिप्पणी को नीचे रखा और एक पल के लिए मौन हो गये।

बिना शोध के कोई इलाज नहीं

संत पापा ने बम्बिनो येसु अस्पताल में चल रहे अत्याधुनिक चिकित्सा अनुसंधान की प्रशंसा करते हुए कहा,"बेहतर अनुसंधान, बेहतर देखभाल।" “शोध के बिना कोई इलाज नहीं है। बिना अनुसंधान के चिकित्सा में कोई भविष्य नहीं है।”

अंत में, संत पापा फ्राँसिस ने दुर्लभ चिकित्सा स्थितियों और जटिल विकृति के निदान के प्रयासों के साथ-साथ अपने कामों के प्रति कर्मचारियों के जुनून की भी प्रशंसा की।

संत पापा ने कहा, "मेरी दिली इच्छा है कि आप एक साधारण नमूने का विश्लेषण करते समय भी एक बच्चे के पीड़ित चेहरे को देखने की क्षमता को न खोएं और अपनी प्रयोगशालाओं के भीतर से उन बच्चों के माता-पिता के रोने की आवाज़ सुनें।"

18 November 2019, 16:41