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मध्यपूर्व के नाम पर शांति के प्रतीक स्वरूप कबूतर उड़ाते संत पापा फ्राँसिस एवं अन्य धार्मिक नेता मध्यपूर्व के नाम पर शांति के प्रतीक स्वरूप कबूतर उड़ाते संत पापा फ्राँसिस एवं अन्य धार्मिक नेता  (AFP or licensors)

नवम्बर की प्रार्थना की प्रेरिताई में मध्यपूर्व के लिए प्रार्थना

नवम्बर माह के लिए प्रार्थना की प्रेरिताई में संत पापा फ्राँसिस ने मध्यपूर्व में अंतरधार्मिक समुदायों के बीच संवाद हेतु प्रार्थना करने का आह्वान किया है ताकि मध्यपूर्व में संवाद, मुलाकात और मेल-मिलाप की भावना उत्पन्न हो।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 5 नवम्बर 2019 (रेई)˸ प्रार्थना की प्रेरिताई में संत पापा, विश्व की विभिन्न परिस्थितियों के लिए वीडियो के माध्यम, विश्वासियों से प्रार्थना की मांग करते हैं। नवम्बर माह के वीडियो संदेश में संत पापा ने सभी काथलिकों का आह्वान किया है कि वे मध्यपूर्व में रह रहे लोगों के बीच सच्ची वार्ता के लिए प्रार्थना करें।

ख्रीस्तियों, यहूदियों एवं मुसलमानों के बीच सामंजस्य की तलाश  

संत पापा की विश्वव्यापी प्रार्थना नेटवर्क द्वारा 5 नवम्बर को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि संत पापा को ख्रीस्तियों, यहूदियों एवं मुसलमानों के बीच सामंजस्य की तलाश है जो आध्यात्मिक और ऐतिहासिक संबंधों पर आधारित है। पूर्वी या मध्यपूर्वी का नाम भूमध्य सागर के पूर्व के भौगोलिक क्षेत्र से आता है। संत पापा का कहना है कि यही वह प्रांत है जहाँ अनेक ख्रीस्तीय, यहूदी और मुस्लिम शांति, मेल-मिलाप एवं क्षमाशीलता के लिए कार्य करते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा है कि इस समुदाय के प्रत्येक जन वार्ता एवं एकता की खोज मतभेद के भय बिना कर सकें। मध्यपूर्व अथवा नियर ईस्ट की कोई यथावत सीमा नहीं है। इस क्षेत्र के अंतर्गत बहरीन, मिस्र, साइप्रस, ईरान, इराक, इजरायल, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, कतर, सऊदी अरब, सीरिया, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, यमन और फिलिस्तीन आदि देश आते हैं। हाल में प्रकाशित एक आंकड़े के अनुसार मुसलमानों की कुल आबादी 93 प्रतिशत है। ख्रीस्तियों की संख्या करीब 5 प्रतिशत है और यहूदी जो अधिकतर इस्राएल में रहते हैं उनकी संख्या मात्र 2 प्रतिशत बतायी गयी है।  

इटली के बारी में जुलाई 2018 में यात्रा के दौरान संत पापा फ्राँसिस ने मेल-मिलाप के महत्व पर प्रकाश डाला था। "युद्धविराम संधि, दीवार को बनाये रखने एवं बल प्रदर्शन द्वारा शांति की ओर बढ़ने का प्रयास संभव नहीं है किन्तु सुनने की ठोस चाह एवं वार्ता में संलग्न होने से संभव हो सकती है।  

विभिन्न धर्मों और संस्कृतिक परम्पराओं पर रूचि

संत पापा की विश्वव्यापी प्रार्थना की प्रेरिताई नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय निदेशक फादर फ्रेड्रिक फोरनोस येसु समाजी ने संत पापा के संदेश पर प्रकाश डालते हुए कहा, "संत पापा फ्राँसिस हमें इस माह में निमंत्रण दे रहे हैं कि हम अपना हृदय खोलें तथा मध्यपूर्व के लिए प्रार्थना करें। यही वह धरती है जहाँ तीन एकेश्वरवादी धर्मों यहूदी धर्म, ईसाई धर्म और इस्लाम धर्म का उदय हुआ। यह अब्राहम, इसाहाक और याकूब एवं नबियों की भूमि है जहाँ येसु का जन्म मरियम से हुआ और कलीसिया का जन्म हुआ। येसु के समय से लेकर आज तक ख्रीस्तीय ख्रीस्तियों की उपस्थिति इस धरती में रही है। यह महीना एक खास महीना है जहाँ मध्यपूर्व के विभिन्न धर्मों और संस्कृतिक परम्पराओं पर रूचि रखा जा सकता है। इस धरती के लोगों के प्रति रूचि जागृत की जा सकती है जो उनके लिए प्रार्थना करने में मदद देगा।"

फादर फ्रेड्रिक ने "विश्व शांति एवं सह-अस्तित्व के लिए मानव बंधुत्व पर दस्तावेज" को पढ़ने एवं प्रार्थना करने की सलाह दी। दस्तावेज पर संत पापा फ्राँसिस ने एवं अल अजहर के ग्रैंड इमाम अहमद अल ताय्येब ने हस्ताक्षर किया है जिसमें संवाद की संस्कृति को अपनाने की घोषणा की गयी है। 

संत पापा का विडीयो संदेश
05 November 2019, 16:21