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मुम्बाई के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल ऑस्वल्ड ग्रेसियस मुम्बाई के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल ऑस्वल्ड ग्रेसियस  

महिलाएँ पल्ली की प्रभारी हो सकती हैं, कार्डिनल ग्रेसियस

मुम्बाई के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल ऑस्वल्ड ग्रेसियस ने कहा है कि काथलिक धर्माध्यक्ष कलीसिया में निर्णय लेने में, महिलाओं की भूमिका को विस्तृत करने के लिए, कलीसिया के नियम का पूरी तरह से प्रयोग नहीं कर रहे हैं।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 24 अक्टूबर 2019 (मैट्रस इंडिया)˸ उन्होंने 23 अक्टूबर के प्रेस ब्रीफिंग में स्वीकार किया कि महिलाएँ पापस्वीकार नहीं सुन सकती हैं, ख्रीस्तयाग का अनुष्ठान नहीं कर सकती हैं और न ही दृढ़ीकरण संस्कार दे सकती हैं, इनके अलावा वे जो कुछ कर सकती हैं, सब कुछ करती हैं। उन्होंने कहा कि कलीसिया के नियम अनुसार वे पल्ली की प्रभारी भी हो सकती हैं।

कार्डिनल ने अमाजोन पर सिनॉड की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ये बातें कहीं जो अब समापन की ओर आगे बढ़ रहा है और जिसमें अमाजोन क्षेत्र में प्रेरिताई को किस तरह प्रत्युत्तर दिया जाए, इस संबंध पर, कलीसिया में महिलाओं की भूमिका पर बारम्बार विचार किया गया है।

कार्डिनल ने कहा, "हमें इन सबका उपयोग करना चाहिए।" उन्होंने संत पापा फ्राँसिस की बातों पर गौर करते हुए कहा कि वे विकेन्द्रीकरण चाहते हैं और जहाँ यह संभव है वे चाहते हैं कि धर्माध्यक्षों के बदलाव लाना चाहिए। कलीसिया में महिलाओं की भूमिका पर कई वक्ताओं ने प्रेस ब्रीफिंग में ठोस और स्पष्ट कदम उठाये जाने पर बल दिया।

कार्डिनल ग्रेसियस ने सांस्कृतिक अनुकूलन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि "सांस्कृतिक अनुकूलन शरीरधारण से आता है। हमारे प्रभु ने शरीरधारण किया।"

ऐतिहासिक रूप से जब सासंकृतिक अनुकूलन की बात उठी तब धर्मविधि के सवाल पर प्रकाश डाला गया जिसमें एकल पैमाना कार्डिनल ग्रेसियस के लिए एक गलती के समान लगी। उन्होंने सांस्कृतिक अनुकूलन पर अधिक ध्यान दिये जाने का आग्रह किया विशेषकर, पुरोहितों, गुरूकुल छात्रों और उनके स्टाफ के प्रशिक्षण में।   

26 अक्टूबर को सिनॉड में भाग लेने वाले धर्माध्यक्ष अंतिम दस्तावेज पर वोट डालेंगे। जिसके बारे 23 अक्टूबर को जेस्विट फादर जाकोमो कोस्ता ने कहा कि यह सिनॉड का अंतिम परिणाम नहीं होगा बल्कि एक माध्यम होगा जिसको हर कोई आगे बढ़ने के लिए प्रयोग कर सकेगा।

24 October 2019, 16:32