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मोरोक्को के यहूदियों के साथ संत पापा फ्राँसिस मोरोक्को के यहूदियों के साथ संत पापा फ्राँसिस  (AFP or licensors)

यहूदियों को संत पापा फ्राँसिस की शुभकामनाएँ

संत पापा फ्राँसिस ने रोम के प्रमुख रब्बी रिक्कारदो दी सेन्यी को, यहूदियों के पवित्र पर्व रूश हसनह, योम किप्पुर और सुक्कोत के उपलक्ष्य में एक संदेश भेजकर शुभकामनाएँ अर्पित कीं।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

संत पापा ने संदेश में लिखा, "रूश हसनह, योम किप्पुर और सुक्कोत के पर्व के अवसर पर मैं आपको तथा रोम के पूरे यहूदी समुदाय को अपनी शुभकामनाएँ अर्पित करता हूँ।" उन्होंने कहा कि मैं पूरे विश्व के यहूदी समुदायों की भी याद करता हूँ और उम्मीद करता हूँ कि ये त्योहार अनन्त ईश्वर प्रदत्त प्रचुर आशीष लाये तथा आपार आनन्द का स्रोत बने। सर्वशक्तिमान ईश्वर अपनी अनन्त दया से मैत्री के हमारे सभी संबंधों को सुदृढ़ करे तथा सभी की भलाई हेतु सतत् वार्ता की चाह को प्रेरित करे। संत पापा ने सभी यहूदी भाई बहनों को "शलोम अलेइकेम" अर्थात् "आपको शांति मिले" कहकर  उनका अभिवादन किया।

यहूदियों की छुट्टियां

रूस हसनह का अर्थ है "साल का पहला दिन" अर्थात् यहूदियों का नूतन वर्ष। इस वर्ष यह छुट्टी 29 सितम्बर से 1 अक्टूबर को था।

योम किप्पुर को प्रायश्चित के दिन के रूप में जाना जाता है। यह यहूदियों का सबसे पवित्र पर्व है। ये परम्परागत रूप से 25 घंटे उपवास एवं प्रार्थना के द्वारा मनाया जाता है। इस साल यह 8 से 9 अक्टूबर को पड़ेगा।

सुक्कोत को तम्बू का पर्व कहा जाता है। यह मिस्र की दासता से मुक्त होकर प्रतिज्ञात देश की ओर मरूस्थल से होकर जाते समय इस्राएलियों की दयनीय स्थिति का स्मरण दिलाता है। यह एक फसल का पर्व है जिसको शुरू में नया फसल प्राप्त करने के लिए धन्यवाद देने के रूप में मनाया जाता था। इस साल सुक्कोत का पर्व 13 से 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा।   

08 October 2019, 16:30