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संत पापा फ्राँसिस ने अक्टूबर मिशनरी महीने का उद्घाटन करते हुए संत पापा फ्राँसिस ने अक्टूबर मिशनरी महीने का उद्घाटन करते हुए   (ANSA)

ईश्वर आपको गवाही देने के लिए बुला रहे हैं, संत पापा फ्राँसिस

संत पापा फ्राँसिस ने अक्टूबर के असाधारण मिशनरी महीने का उद्घाटन वाटिकन के संत पेत्रुस महागिरजाघर में संध्या प्रार्थना के साथ की। अपने प्रवचन में उनहोंने सभी विश्वासियों से आग्रह किया कि वे अपने दैनिक जीवन में मिशनरी कलीसिया के जीते जागते गवाह बनें।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बुधवार 2 अक्टूबर 2019 (वाटिकन न्यूज) :  काथलिक कलीसिया 1 अक्टूबर बालक येसु की संत तेरेसा का पर्व मनाती है। यद्यपि उसने अपनी कार्मेल मठ में ही अपना पूरा जीवन बिताया, वे और संत फ्रांसिस जेवियर विश्वव्यापी मिशन के संरक्षक हैं।

तीन मिशनरी मॉडल

संत पापा फ्राँसिस ने संध्या वंदना के दौरान अपने प्रवचन में उन दोनों संतो को याद किया। उन्होंने कहा, " संत तेरेसा की प्रार्थना ने दुनिया में मिशनरी गतिविधि के लिए ईंधन का काम किया" और संत फ्रांसिस जेवियर, शायद "संत पॉल के बाद सबसे बड़े मिशनरी" हैं। एक फ्रांसीसी लोकधर्मी महिला,धन्य पौलिन जारिकॉट, जिन्होंने परमधर्मपीठीय मिशनरी समुदायों की नींव बनाने में मदद की, वे हमें सुसमाचार के खातिर "अपने आप से बाहर निकलने और अपनी सुख-सुविधाओं को त्यागने" की चुनौती देती हैं।

प्रतिभा का उपयोग

संत पापा फ्राँसिस ने संत मत्ती के सुसमाचार में वर्णित प्रतिभाओं के दृष्टांत पर चिंतन करते हुए कहा, "ईश्वर ने हमें अपना सबसे बड़ा खजाना सौंपा है और वह है हमारा जीवन और दूसरों का जीवन"। ईश्वर हमें "हमारी प्रतिभाओं को निर्भीकता और रचनात्मकता के साथ प्रयोग करने के लिए" कहते हैं।

संत पापा ने कहा, यह असाधारण मिशनरी महीना हमें दूसरों की भलाई करने हेतु सक्रिय बनने के लिए प्रेरित करना चाहिए। हम न केवन अपने विश्वास और अनुग्रह के संरक्षक बने बल्कि सक्रिय मिशनरी बनें।

साक्ष्य देना

संत पापा फ्राँसिस ने कहा, एक मिशनरी होने के नाते, हमें अपने जीवन द्वारा साक्ष्य देना है। साक्ष्य, वास्तव में, 'शहीद'  का पर्यायवाची शब्द है।" "शहीद, शांति और आनंद फैलाते हैं, हर किसी को प्यार करते हैं, यहां तक कि येसु के प्रेम में  अपने दुश्मनों से भी प्रेम करते हैं। संत पापा ने कहा, इस महीने हम खुद से पूछें, “क्या मैं अपने जीवन द्वारा साक्ष्य देता हूँ?"

मिशन के खिलाफ पाप

संत पापा ने कहा, हम मिशन के खिलाफ पाप करते हैं, जब हम मिशनरी खुशी फैलाने में विफल होते हैं, "जब हम खुद को बेचारे के रूप में सोचते हैं कि हमसे कोई प्रेम नहीं करता। हम मिशन के खिलाफ पाप करते हैं "जब हम सिर्फ दूसरों की शिकायत करते हैं दूसरों में, कलीसिया में और दुनिया में बुराई ही बुराई देखते हैं। हम मिशन के खिलाफ पाप करते हैं "जब हम उस भय के गुलाम बन जाते हैं जो हमें गर्त में डाल देता है, या जब हम जीवन को उपहार के रूप में नहीं, बल्कि बोझ के रूप में जीते हैं और हम सिर्फ खुद के लिए जीते हैं, और अपने भाइयों और बहनों को जीवन से दरकिनार कर देते हैं, जिन्हें हमारे प्यार और स्वीकृति की जरुरत है।"

हम सभी मिशनरी

संत पापा ने कहा, “आज हम, एक पुरोहित, एक धर्मबहन और एक लोकधर्मी महिला के साथ अक्टूबर का मिशनरी महीना शुरू करते हैं वे हमें याद दिलाते हैं कि कोई भी कलीसिया के मिशन से बाहर नहीं रह सकता।

प्रभु की पुकार

संत पापा ने कहा, इस महीने में, "प्रभु आपको भी बुला रहे हैं", परिवारों के माता-पिता और युवा, “आप कारखाने, स्टोर, बैंक या रेस्तरां में काम करते हैं, आप जो बेरोजगार हैं, आप एक अस्पताल के बिस्तर में हैं ... आप जहां कहीं भी हैं, प्रभु आपसे अपना जीवन उपहार में देने के लिए कह रहे हैं। आप दूसरों से शिकायत करना छोड़ दूसरों के दुःख तकलीफों और पीड़ितों के आँसूओं को साझा करें।

उन्होंने प्रवचन अंत करते हुए कहा, "प्रभु आपको गवाही देने में अकेला नहीं छोड़ेंगे", “पवित्र आत्मा आपके लिए मार्ग तैयार करेगा। उस मार्ग में साहस के साथ आगे बढ़ते जाना है।"

02 October 2019, 15:55