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लोरेटो का महागिरजाघर लोरेटो का महागिरजाघर   (AFP or licensors)

लोरेटो की धन्य कुँवारी मरियम का पर्व रोमन कैलेंडर में अंकित

लोरेटो की धन्य कुँवारी मरियम का पर्व 10 दिसम्बर को मनाया जाएगा। इसकी घोषणा संत पापा फ्राँसिस ने 31 अक्टूबर को एक आज्ञप्ति जारी कर की। उन्होंने लोरेटो की धन्य कुँवारी मरियम के पर्व को वैकल्पिक स्मरण के रूप में सभी कैलेंडरों, पूजनविधि ग्रंथों एवं दैनिक प्रार्थना की किताबों में शामिल किये जाने का निर्देश दिया है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 31 अक्टूबर 2019 (रेई) ˸ मध्ययुग से ही लोरेटो के पवित्र तीर्थस्थल पर माता मरियम की भक्ति की जाती है, जहाँ आज भी तीर्थयात्री ईश्वर के शब्द ने शरीरधारण किया, इसपर अपने विश्वास को पुष्ट करने आते हैं।

शरीरधारण के रहस्य की याद

यह तीर्थस्थल शरीरधारण के रहस्य की याद दिलाती है और समय की पूर्णता पर चिंतन करने हेतु प्रेरित करती है, जब ईश्वर ने अपने पुत्र को संसार में भेजा जो एक नारी से जन्म लिये। यह गाब्रिएल महादूत के संदेश और ईश्वर के बुलावे पर कुँवारी मरियम के प्रत्युत्तर पर भी चिंतन करने के लिए प्रेरित करता है। पवित्र आत्मा से परिपूर्ण कुँवारी मरियम, प्रभु की एक दीन दासी के रूप में ईश्वर का निवास स्थान बन गई जो कलीसिया की सबसे पवित्र छवि हैं।

परमधर्मपीठ के नजदीक यह तीर्थस्थल कई संत पापाओं द्वारा सराहा गया है जो विश्वभर में प्रसिद्ध है। इस स्थल ने कई वर्षों से पवित्र भूमि के नाजरेथ की तरह पवित्र परिवार के सुसमाचारी सदगुणों को प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया है।

इस पवित्र स्थल में मुक्तिदाता की माता की प्रतिमा और गिरजाघर के सामने कई संतों एवं धन्यों ने अपनी बुलाहट का प्रत्युत्तर दिया है। रोगियों को पीड़ा से आराम मिला है, विश्वासियों ने लोरेटो की माता मरियम की स्तुति विन्ती के माध्यम से ईश्वर की महिमा की है एवं अपनी अर्जियों को चढ़ाया है। जिन लोगों ने तीर्थयात्रा की है उन्होंने उनमें अपनी स्वर्गीय संरक्षिका को पाया है।

लोरेटो की धन्य कुँवारी मरियम का पर्व

इसी आलोक में संत पापा फ्राँसिस ने काथलिक कलीसिया के परमाध्यक्ष के रूप में आज्ञप्ति जारी की है कि लोरेटो की धन्य कुँवारी मरियम के वैकल्पिक स्मरण (ओपशनल मेमोरियल) को रोमन कैलेंडर में 10 दिसम्बर को अंकित किया जाए। इसी दिन लोरेटो में पर्व पड़ता है जिसको हर साल मनाया जाता है। संत पापा ने कहा है कि पर्व सभी लोगों को मदद देगा, खासकर, परिवारों, युवाओं और धर्मसमाजियों को जो सुसमाचार की पूर्ण शिष्या कुंवारी मरियम के सदगुणों का अनुकरण करते हैं। कुँवारी मरियम ने कलीसिया के शीर्ष को अपने गर्भ में धारण किया और वे सभी लोगों को अपने बच्चों के रूप में स्वीकार करती हैं।  

अतः नये मेमोरियल (स्मरण) को सभी कैलेंडरों एवं पूजनविधि की किताबों में, ख्रीस्तयाग समारोह एवं दैनिक प्रार्थनाओं में शामिल किया जाना चाहिए।

दिव्य पूजन समारोहों एवं संस्कारों का समन्वय करने वाले धर्मसंघ के अध्यक्ष कार्डिनल रोबर्ट साराह एवं सचिव महाधर्माध्यक्ष अर्तूर रोके द्वारा हस्ताक्षरित यह आज्ञप्ति पत्र 7 अक्टूबर 2019 को रोजरी की धन्य कुँवारी मरियम के पर्व के दिन प्रेषित किया गया था।

31 October 2019, 16:42