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अलबानो शहर अलबानो शहर  (©Buesi - stock.adobe.com)

संत पापा की अलबानो यात्रा

अलबानो के धर्माध्यक्ष मरचेलो सेमेरारो ने संत पापा फ्राँसिस की अलबानो दौरे की पाँचवीं वर्षगाँठ पर टिप्पणी की। वे आज संध्या अलबानो का दौरा करेंगे और वहाँ 6.00 बजे ख्रीस्तयाग अर्पित करेंगे।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

अलबानो, शनिवार, 21 सितम्बर 2019 (रेई)˸ "अलबानो के सभी लोग, धार्मिक और राजनीतिक नेता भी, संत पापा का स्वागत खुली बाहों से कर रहे हैं जो एक शांति और प्रेम के पुजारी के रूप में आ रहे हैं। विगत पाँच वर्षों में अलबानो ने अपनी सामाजिक, आर्थिक और आध्यात्मिक प्रगति की है किन्तु हमने इन वर्षों में परिवारों एवं युवाओं को जाते हुए भी देखा है। उक्त बात अलबानो के धर्माध्यक्ष मरचेलो सेमेरारो ने संत पापा फ्राँसिस की अलबानो दौरे की पाँचवीं वर्षगाँठ पर जारी टिप्पणी में लिखी। संत पापा फ्राँसिस ने 21 सितम्बर 2014 को अलबानो की यात्रा की थी।   

पलायन की महामारी

धर्माध्यक्ष ने लिखा, "हम खेद के साथ तनावपूर्ण सामाजिक परिस्थिति पर ध्यान दिये बिना नहीं रह सकते, जहाँ अभिन्न और समावेशी आर्थिक प्रगति की कमी है, बेरोजगारी, अपर्याप्त वेतन, स्कूल की गुणवत्ता में कमी और चिकित्सा सुविधा के समर्थन में शिथिलता आदि कारणों से लोग लगातार पलायन कर रहे हैं।" पलायन एक बड़ा मुद्दा है जिसकी ओर संत पापा फ्राँसिस ने अलबानो का ध्यान आकृष्ट किया था और इसके लिए उन्होंने चील और घोंसले के प्रतीक का प्रयोग किया था। धर्माध्यक्ष ने कहा कि सार्वजनिक घोंसले को खाली करना एक खुला घाव बन गया है जो हम सभी को प्रभावित कर रहा है।

युवाओं से अपील   

उन्होंने कहा, "हम सभी को अपने देश के प्रति जिम्मेदारी है अतः हम मानते हैं कि सहयोग एवं वार्ता द्वारा ही पलायन की समस्या को समाप्त किया जा सकता है।" अलबानो के धर्माध्यक्ष ने काथलिक समुदाय से समस्या के समाधान हेतु प्रतिबद्धता का आह्वान किया तथा युवाओं को प्रोत्साहन दिया कि सार्वजनिक भलाई के कार्यों को करने के लिए वे न हिचकिचायें ताकि देश को अपनी उत्तम सेवा दे सकें।

संत पापा फ्राँसिस के शब्दों की याद दिलाते हुए उन्होंने मिशन की भावना पर जोर दिया और सलाह दी कि पवित्र आत्मा की प्रेरणा द्वारा नये रास्तों की खोज करें जिसके द्वारा समाज में उनकी सक्रिय और सकारात्मक उपस्थिति बनी रहे।

संत पापा फ्राँसिस आज संध्या अलबानो का दौरा करेंगे और वहाँ वे 6.00 बजे ख्रीस्तयाग अर्पित करेंगे।

21 September 2019, 14:14