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मडागास्कर के अधिकारियों को संदेश देते संत पापा फ्राँसिस मडागास्कर के अधिकारियों को संदेश देते संत पापा फ्राँसिस  (ANSA)

समग्र मानव विकास को बढ़ावा दें, मडागास्कर के अधिकारियों से पोप

मडागास्कर में अपनी प्रेरितिक यात्रा का शुभारम्भ करते हुए संत पापा फ्राँसिस ने शनिवार 7 सितम्बर को, मडागास्कर के राष्ट्रपति अंड्रे राजोएलिना, प्रधानमंत्री ख्रीस्तीयन नटसे, राजनयिकों, सरकारी अधिकारियों एवं धर्मगुरूओं से मुलाकात की।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

अंतानानारिवो, शनिवार, 7 सितम्बर 2019 (रेई)˸ संत पापा ने राष्ट्रपति का अभिवादन करते हुए उनके निमंत्रण एवं स्वागत के लिए आभार प्रकट किया। उन्होंने प्रधानमंत्री एवं उपस्थित सभी अधिकारियों का अभिवादन करते हुए, प्रेरितिक यात्रा को सफल मनाने में योगदान देने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।

सहायता और एकजुटता की भावना

संत पापा ने देश के संविधान की प्रस्तावना का हवाला देते हुए मडागास्कर की संस्कृति के आधारभूत मूल्य "फिहावानाना" (शांति) शब्द की ओर ध्यान आकृष्ट किया जो  बांटने, एक-दूसरे की सहायता करने और एकजुटता की भावना की ओर प्रेरित करता है। यह मानव एवं प्रकृति के बीच परिवार, मित्रता एवं सद्इच्छा के महत्व को भी उजागर करता है। संत पापा ने कहा, "यह आपके लोगों की आत्मा को प्रकट करता है उसकी विशिष्ठ पहचान को जिन्होंने साहस एवं आत्मत्याग के साथ अपने दैनिक जीवन की कई समस्याओं एवं कठिनाइयों का सामना किया है।" यदि हमें इस भूमि के सम्मान, सुन्दरता एवं प्राकृतिक संसाधनों को पहचानना और उसकी सराहना करना है तो हमें इसकी आत्मा को पहचानना है जिसको जेस्विट फादर अंतोनियो दी पादोवा राहाजारिजाफई ने सही रूप से समझा था और जीवन का आलिंगन करने हेतु बल प्रदान किया था।

मानव समुदाय और संस्थानों के निर्माण के लिए राजनीति अनिवार्य

जब से देश ने आजादी प्राप्त की है एक फलदायी लोकतांत्रिक विकल्प के माध्यम से स्थिरता और शांति की खोज की है जो प्रणाली और दर्शन की पूरकता के प्रति सम्मान को दर्शाता है। यह दिखलाता है कि राजनीति, मानव समुदाय और संस्थानों के निर्माण का एक अनिवार्य साधन है। जहाँ इसे पूरे समाज की सेवा के लिए एक साधन के रूप में प्रयोग किया जाता है।

संत पापा ने राजनीतिक नेताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि राजनीतिक कार्य एवं जिम्मेदारी उन लोगों के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण होती हैं जिन्हें अपने सह-नागरिकों की सेवा एवं सुरक्षा का कार्यभार सौंपा जाता है, खासकर, उनके प्रति जो कमजोर हैं। संत पापा पौल षष्ठम का हवाला देते हुए उन्होंने कहा "एक देश के विकास को आर्थिक तरक्की तक ही सीमित नहीं किया जा सकता। सच्चे विकास के लिए इसे समग्र होना चाहिए। हरेक व्यक्ति एवं उसके सम्पूर्ण व्यक्तित्व के विकास को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।"

भ्रष्टाचार एवं सट्टेबाजी का दृढ़ता के साथ सामना करें

संत पापा ने कहा कि इस दृष्टिकोण से मैं प्रोत्साहन देता हूँ कि आप हर प्रकार के भ्रष्टाचार एवं सट्टेबाजी का दृढ़ता के साथ सामना करें जो सामाजिक असमानता को बढ़ावा देते हैं। अस्थिरता एवं बहिष्कार की स्थिति का सामना करें जो हमेशा अमानवीय गरीबी उत्पन्न करते हैं। उन्होंने कहा कि यहाँ ऐसे उपायों को अपनाये जाने की आवश्यकता है जिसके द्वारा आय का बेहतर वितरण हो सके तथा सभी का समग्र विकास हो सके और गरीबों पर विशेष ध्यान दिया जा सके। विकास केवल सामाजिक सहायता के संगठित ढांचे तक सीमित नहीं हो सकता है लेकिन भविष्य के निर्माण में पूरी तरह से साझा करने के लिए निमंत्रित कानून की मान्यता की भी मांग करता है।

आमघर की देखभाल करने का प्रोत्साहन

संत पापा ने आमघर की देखभाल करने का प्रोत्साहन देते हुए कहा कि हम तब तक समग्र विकास की बात नहीं कर सकते जब तक कि हम आमघर के प्रति ध्यान एवं चिंता व्यक्त न करें। यह न केवल प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने के लिए रास्तों की खोज करने किन्तु व्यापक समाधान खोजने का निमंत्रण देता है जो प्राकृतिक एवं सामाजिक प्रणाली के बीच परस्पर प्रभाव पर विचार करती है। हम वास्तव में दो अलग अलग संकटों का सामना नहीं कर रहे हैं किन्तु यह पर्यावरण एवं सामाजिक दोनों एक ही जटिल समस्या है।

आपका प्यारा देश मडागास्कर पेड़ पौधों एवं पशु जैव विविधता का धनी है किन्तु थोड़े लाभ के लिए वनों की अत्यधिक कटाई द्वारा यह खजाना खतरे में है। जैव विविधता का बिगड़ना देश और पृथ्वी के भविष्य पर गंभीर प्रभाव डालेगा। उन्होंने कहा कि जंगलों में आग जल रहे हैं, अवैध शिकार किया जा रहा है और पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हो रही है।

वनस्पति एवं जीव जन्तुओं के लिए खतरा

इन सब के कारण वनस्पति एवं जीव जन्तुओं के लिए खतरा बना हुआ है। हालांकि, यह भी सच है कि, लोगों के द्वारा वर्तमान में पर्यावरण के लिए हानिकारक कई गतिविधियां हो रहे हैं जो मानव के अस्तित्व को सुनिश्चित करता है। अतः यह महत्वपूर्ण है कि रोजगार एवं क्रिया-कलाप उत्पन्न किये जाएँ जो आय प्रदान करते हैं किन्तु पर्यावरण की रक्षा एवं लोगों को गरीबी से ऊपर उठने हेतु मदद भी दी जाएँ। पर्यायवरण की रक्षा के लिए कोई भी पारिस्थितिक दृष्टिकोण या प्रभावी प्रयास संभव नहीं हो सकते हैं जब तक कि पृथ्वी के संसाधनों के आम लक्ष्य के अधिकार का सम्मान, सामाजिक न्याय द्वारा न किया जा सके।

अपनी संस्कृति को खोने का खतरा

इस संबंध में, यह अनिवार्य है कि इसके लिए सभी लोग एकजुट हों। यह स्वीकार किया जाए कि अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा देश के विकास के लिए प्रदान की जाने वाली सहायता सराहनीय है तथा दिखलाता है कि मडागास्कर वृहद विश्व के लिए खुला है किन्तु यह खुलापन "वैश्विक संस्कृति" के अनुमान की ओर मुड़ने के खतरे में पड़ सकता है जो लोगों की सांस्कृतिक पैतृकताओं का मजाक उड़ाती, उसे मिश्रित करती और दबाने का प्रयास करती है। आर्थिक वैश्वीकरण जिनकी कमजोरियाँ स्पष्ट दिखाई पड़ रही हैं वे सांस्कृतिक एकरूपता की ओर न बढ़ें। संत पापा ने देश के विकास के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर निर्भर नहीं रहने किन्तु खुद अपने भविष्य के निर्माता बनने का प्रोत्साहन दिया।

स्थानीय समाज पर विशेष ध्यान

यही कारण है कि हमें स्थानीय समाज पर विशेष ध्यान एवं सम्मान देने की आवश्यकता है। इसके प्रयासों एवं कार्यों को सहयोग देने, आवाजहीनों की आवाज बनने, देश की विविधताओं में एकता को हासिल करने की जरूरत है। संत पापा ने उन्हें एक ऐसे रास्ते की कल्पना करने का निमंत्रण दिया जिसपर कोई भी न हटाया जाए, अकेला न छोड़ा जाए अथवा खो जाए।

संत पापा ने ख्रीस्तीय धर्मगुरूओं को सम्बोधित कर कहा कि जब एक कलीसिया के रूप में हम सह-नागरिकों के साथ वार्ता के मनोभाव को अपनाने के लिए धन्य वितोरियो रासोआमानारिवो का अनुकरण कर रहे हैं। जिन्हें संत पापा जॉन पौल द्वितीय ने 30 वर्षों पहले अपनी यात्रा के दौरान धन्य घोषित किये थे। इस भूमि में गरीबों के प्रति उनके प्रेम एवं सेवा का साक्ष्य येसु ख्रीस्त में उनके विश्वास का चिन्ह है जो दिखलाता है कि हमें भी उनके रास्ते पर चलना है।

काथलिक कलीसिया एवं अन्य धर्मावलम्बियों के बीच संबंध

संत पापा ने मडागास्कर में काथलिक कलीसिया की इच्छा और तत्परता को पुष्ट किया खासकर, ख्रीस्तीय समुदायों एवं अन्य धर्मों के विश्वासों के साथ जारी अपनी वार्ता तथा सच्चे भाईचारा को सहयोग देने के प्रति, जो हमेशा शांति को महत्व देता है। इस तरह एक समग्र मानव विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है ताकि कोई भी बहिष्कृत न हो।

अंत में संत पापा ने कहा कि मैं मडागास्कर एवं यहाँ के निवासियों पर ईश्वर के आशीष की कामना करता हूँ कि वे आपकी प्यारी भूमि को शांतिमय एवं स्वीकारीय बनाये तथा समृद्ध एवं खुशहाल रखें। 

07 September 2019, 16:21