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संत पापा जॉन पौल द्वितीय की कब्र पर प्रार्थना करते संत पापा फ्राँसिस संत पापा जॉन पौल द्वितीय की कब्र पर प्रार्थना करते संत पापा फ्राँसिस  (ANSA)

प्रभु आज हमारा मन-परिवर्तन चाहते हैं, संत पापा

जब जीवन सामान्य रूप से आगे बढ़ता है और किसी तरह की कठिनाई नहीं होती है तब व्यक्ति धीरे-धीरे अपने आध्यात्मिक जीवन में सुस्त पड़ने लगता है। कभी-कभी स्थिति ऐसी भी आ जाती है कि आध्यात्मिकता की चिंता करना बेकार लगने लगता है। इस तरह के लोगों को जीवन में बड़ी चुनौती आने पर संभलना मुश्किल हो जाता है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

संत पापा फ्राँसिस ने ख्रीस्तियों का आह्वान किया कि वे अपने आध्यात्मिक जीवन में उत्साह बनाये रखें। उन्होंने 26 सितम्बर के ट्वीट संदेश में लिखा, "जब हम आध्यात्मिक रूप से गुनगुने हो जाते हैं तब हम आधा ख्रीस्तीय बन जाते हैं जिसका जड़ें नहीं होतीं। जबकि प्रभु आज हमारा मन-परिवर्तन चाहते हैं।"

हम अपने दैनिक जिम्मेदारों को ईमानदारी पूर्वक करने के साथ-साथ अपने सृष्टिकर्ता को नहीं भूलने के द्वारा मन-परिवर्तन के सच्चे रास्ते पर आगे बढ़ सकते हैं।

26 September 2019, 17:14