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वाटिकन में पेपल फाऊन्डेशन के सदस्यों  को सम्बोधन, तस्वीर 10.09.2019 वाटिकन में पेपल फाऊन्डेशन के सदस्यों को सम्बोधन, तस्वीर 10.09.2019   (Vatican Media)

सोमोस संगठन के कार्यों की सन्त पापा प्राँसिस ने की प्रशंसा

सन्त पापा फ्राँसिस ने शुक्रवार को वाटिकन में न्यू यॉर्क के सोमोस कम्यूनिटि केएर संगठन के कार्यकर्त्ताओं से मुलाकात कर उन्हें अपना सन्देश प्रदान किया।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 20 सितम्बर 2019 (रेई,वाटिकन रेडियो): सन्त पापा फ्राँसिस ने शुक्रवार को वाटिकन में न्यू यॉर्क के सोमोस कम्यूनिटि केएर संगठन के कार्यकर्त्ताओं से मुलाकात कर उन्हें अपना सन्देश प्रदान किया।

"आप्रवासी परिवार और उसकी स्वास्थ्य ज़रूरतों" शीर्षक से आयोजित विचार गोष्ठी में भाग लेने रोम आये न्यू यॉर्क के "सोमोस" कम्यूनिटी केएर संगठन के सदस्यों का सन्त पापा ने स्वागत किया कि विचार गोष्ठी का विषय उनके दिल के बहुत क़रीब है, जो सभी शुभचिन्तकों के अन्तःकरणों को छू लेता है।

फेंक दी जानेवाली संस्कृति का बहिष्कार करें

निर्धन बीमारों की मदद करनेवाले उक्त संगठन के कार्यों की सन्त पापा फ्राँसिस ने भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा कहा कि इस प्रकार वे साक्षात्कार की संस्कृति को बढ़ावा देते हैं जिसमें कोई भी व्यक्ति फेंक दिये जाने के लिये नहीं अपितु सृष्टिकर्त्ता की योजना में भाग लेने के लिये आमंत्रित किया जाता है।

सन्त पापा ने कहा, "आज स्वास्थ्य सेवा को एक सार्वभौमिक मानवाधिकार रूप में मान्यता मिली है किन्तु इसके बावजूद विश्वव्यापी स्तर पर लाखों लोग ऐसे हैं जिन्हें किसी प्रकार की स्वास्थ्य सेवा नहीं मिलती है। दुर्भाग्यवश, स्वास्थ्य सेवा आज भी कुछ ही लोगों का विशेषाधिकार बन कर रह गई है।"

ज़रूरतमन्दों की देखभाल है पड़ोसी प्रेम

उन्होंने कहा कि यह कदापि नहीं भुलाया जाना चाहिये कि ज़रूरतमन्द एवं निर्धन बीमारों को अर्पित स्वास्थ्य सेवा, "उस मानवीय प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति है, जो न केवल तकनीकी एवं वैज्ञानिक है अपितु जो पड़ोसी प्रेम एवं समर्पण की भावना से ओत्-प्रोत् रहा करती है।"

सन्त पापा ने कहा कि हालांकि सभी चिकित्सीय गतिविधियाँ शारीरिक स्वास्थ्य लाभ में परिणत नहीं होती हैं, तथापि, हृदय से अर्पित स्वास्थ्य सेवा सदैव जन कल्याण और भलाई में सक्षम रहती है। उन्होंने कहा कि यही है वह जीवन शैली जो हमारे दैनिक कार्यों को अर्थ प्रदान करती तथा देखभाल की संस्कृति को भलाई के अनिवार्य तत्व रूप में पनपने की अनुमति देती है।     

20 September 2019, 11:07