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संत पापा फ्राँसिस वीडियो संदेश देते हुए संत पापा फ्राँसिस वीडियो संदेश देते हुए 

यू एन जलवायु एक्शन शिखर सम्मेलन को संत पापा का संदेश

संत पापा फ्राँसिस ने संयुक्त राष्ट्र जलवायु एक्शन शिखर सम्मेलन 2019 के प्रतिभागियों को एक वीडियो संदेश भेजा जो 23 सितम्बर को न्यूयॉर्क में सम्पन्न हुआ।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 24 सितम्बर 2019 (रेई)˸ संत पापा ने वीडियो संदेश में कहा, "संयुक्त राष्ट्र जलवायु एक्शन शिखर सम्मेलन 2019 के प्रतिभागियों को नमस्कार।"

मैं इस समय के सबसे गंभीर एवं चिंताजनक परिस्थिति, जलवायु परिवर्तन के लिए, इस सम्मेलन का आयोजन करने, राष्ट्रों के नेताओं एवं सरकारों का ध्यान खींचने और अंतरराष्ट्रीय समुदाय एवं विश्व जनमत के लिए, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव अंतोनियो गुटेर्रेस को धन्यवाद देना चाहूँगा।

यह एक बड़ी चुनौती है जिसका हमें सामना करना है। इसका सामना करने के लिए हमें तीन बड़े नैतिक मूल्यों को अपनाने की जरूरत है- ईमानदारी, जिम्मेदारी और साहस।  

12 दिसम्बर 2015 को हुए पेरिस समझौते के साथ अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने हमारे आमघर के निर्माण हेतु तत्कालिक आवश्यकता एवं एक साथ प्रत्युत्तर दिये जाने की जरूरत को महसूस कर लिया था। फिर भी, इस ऐतिहासिक समझौते के चार सालों के बाद, हम देख सकते हैं कि राष्ट्रों की जो प्रतिबद्धता है वह बहुत कमजोर है तथा लक्ष्य प्राप्ति से बहुत दूर है।

कई प्रयासों के साथ न केवल सरकार किन्तु पूरे नागरिक समाज को यह पूछने की आवश्यकता है कि अधिक मानवीय, आर्थिक और तकनीकी संसाधन का अवंटन करने के लिए क्या सच्ची राजनीतिक इच्छा है? ताकि जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सके एवं सबसे कमजोर एवं गरीब लोगों की मदद की जा सके, जो सबसे अधिक पीड़ित हैं?  

यद्यपि परिस्थिति अच्छी नहीं है एवं ग्रह पीड़ित है तथापि अवसरों की खिड़की अब भी खुली है, हम इन सबके बावजूद उन्हें बंद न करें। आइये, हम इसे समग्र मानव विकास के दृढ़ संकल्प से खोलें ताकि भावी पीढ़ी के लिए बेहतर जीवन सुनिश्चित किया जा सके। यद्यपि औद्योगिक काल के बाद हम इसे इतिहास का एक सबसे गैर- जिम्मेदारपूर्ण काल के रूप में याद करेंगे, तथापि उम्मीद है कि 21वीं सदी के मानव को उदारता से अपनी गंभीर जिम्मेदारियों को निभाने वालों के रूप में याद किया जाएगा।”  

ईमानदारी, जिम्मेदारी और साहस के साथ हमें अपनी बुद्धिमता को अलग तरह के विकास में लगाने की जरूरत है, जो अधिक कुशल, मानवीय एवं सामाजिक तथा समग्र हो, जो अर्थव्यस्था को मानव की सेवा में लगा सके, शांति का निर्माण करे एवं जलवायु की रक्षा करे।  

जलवायु परिवर्तन की समस्या नैतिकता, एकता और सामाजिक न्याय से जुड़ा है। पर्यावरणीय दुर्दशा की वर्तमान स्थिति जो मानव, नैतिकता एवं सामाजिक दुर्दशा से जुड़ी है जिसको हम हर दिन अनुभव कर रहे हैं। यह हमें उत्पादन और उपभोग के हमारे तरीकों के अर्थ को सोचने के लिए मजबूर कर रहा है तथा शिक्षा प्रणाली पर गौर करने एवं जागरूकता लाने हेतु प्रेरित कर रहा है ताकि उन्हें मानव प्रतिष्ठा के अनुकूल किया जा सके। हम सार्वजनिक सम्पति के लिए सभ्यता की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। यह स्पष्ट है और जिस तरह यह स्पष्ट है हमारे लिए हल भी अनेक हैं जहाँ तक सभी पहुँच सकते हैं यदि उस जीवनशैली को व्यक्तिगत एवं सामाजिक स्तर पर लागू किया जाए, जिसमें ईमानदारी, साहस एवं जिम्मेदारी निहित है।     

संत पापा ने कहा कि ईमानदारी, साहस और जिम्मेदारी इन तीनों शब्दों को सम्मेलन के केंद्र बिन्दु में रखा जाए। 

24 September 2019, 16:46