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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर  (ANSA)

पोप द्वारा अगस्त में परिवारों के लिए विशेष प्रार्थना का आह्वान

प्रार्थना की प्रेरिताई में संत पापा हमें याद दिलाते हैं कि परिवार में प्रार्थना करना और प्रेम से जीना कितना महत्वपूर्ण है जो हमारे मानवीय और आध्यात्मिक विकास को बल देता है। येसु ख्रीस्त के आदर्शों पर चलना, जिन्होंने उदाहरण दिया कि सच्चा इंसान बनने का अर्थ क्या है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 1 अगस्त 2019 (रेई)˸ संत पापा फ्राँसिस ने अगस्त माह के लिए प्रार्थना की प्रेरिताई में विश्वभर के परिवारों के लिए विशेष प्रार्थना का आह्वान किया है। प्रार्थना की प्रेरिताई में परिवारों के लिए प्रार्थना का आह्वान संत पापा ने एक विडीयो संदेश के माध्यम से किया है।

परिवार मानव विकास का एक यथार्थ पाठशाला

विडीयो संदेश में संत पापा ने कहा है कि हम परिवारों की देखभाल करें और उनके लिए प्रार्थना करें ताकि यह "मानव विकास का एक यथार्थ पाठशाला बन जाए" जिसमें लोग प्रार्थना और प्रेम करना सीख सकें। संत पापा के इस विडीयो संदेश पर जारी एक वक्तव्य में कहा गया है कि संत पापा के लिए परिवार एक सर्वोत्तम विरासत है जिसको हम दुनिया के लिए और भावी पीढ़ी के लिए छोड़ सकते हैं।  

परिवारों की चुनौतियाँ

विभिन्न आधिकारिक रिपोर्टों के आंकड़ों के अनुसार यूरोपीय देशों में 16 प्रतिशत परिवारों में बच्चे या तो अपनी माता अथवा पिता के साथ रहते हैं। अमरीका में तीन साल पहले के रिपोर्ट अनुसार 44 प्रतिशत माता-पिता विवाहित हैं जबकि करीब 20 प्रतिशत लोग अकेला जीना पसंद करते हैं तथा 8 प्रतिशत लोग अविवाहित दम्पति के रूप में जीते हैं। लातिनी अमरीका और कोलोम्बिया में अविवाहित दम्पतियों की संख्या 35 प्रतिशत बतायी जाती है। यह प्रथा आसपास के देशों में भी सामान्य होती जा रही है।

परिवारों से आह्वान

संत पापा की प्रार्थना की प्रेरिताई में परिवारों के लिए प्रार्थना का आग्रह इसी पृष्टभूमि पर आधारित है ताकि परिवारों के लिए प्रार्थना और उसकी देखभाल की जा सके। उन्होंने संदेश में परिवारों से आह्वान किया है कि वे वार्ता हेतु प्रयास करें, आपस में अनुभव साझा करें, एक-दूसरे को स्वीकार करना और माफ करना सीखें क्योंकि परिवार ही वह प्रथम पाठशाला है जहाँ मानव प्राणी प्रेम करना सीखता है।

संत पापा ने अपने संदेश में व्यक्तिवाद के खतरे की भी चेतावनी दी है और कहा है कि अत्यधिक व्यक्तिवाद पारिवारिक रिश्तों को कमजोर करता तथा परिवार के प्रत्येक सदस्य को एक अलग इकाई मानने लगता है। इसके कारण परिवार में असहिष्णुता एवं विरोध की भावना उत्पन्न होती है।

परिवारों पर नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय निदेशक की राय

संत पापा के विश्वव्यापी प्रार्थना की प्रेरिताई के नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय निदेशक जेस्विट फादर फ्रेडरिक फोरनोस ने कहा कि परिवार ही वह स्थान है जहाँ अपने आनन्द और घावों, अपनी सफलता और निराशा के साथ, हम सबसे पहले प्रेम करना और प्रेम किया जाना सिखते हैं। यही वह स्थान है जहाँ हम अपने माता-पिता, भाई-बहनों एवं परिवार के अन्य सदस्यों के साथ प्रेम, सेवा, बांटना, बातचीत करना, क्षमा देना और मेल-मिलाप करना सीखते हैं। प्रेम करना और प्रेम किया जाना हमें अधिक मानवीय बनाता है एवं हमारे जीवन में ईश्वर के प्रेम को समझने में मदद देता है।

परिवारों का कर्तव्य

हर परिवार पृथक है और उसे बढ़ने के लिए अपनी चुनौतियों से ऊपर उठना है एवं आज की दुनिया में जीवन लाना है। जब लोग घायल हैं तब उनका हाथ थामना और बिना विभाजन के एकता को बनाए रखना है।

उन्होंने कहा कि इस प्रार्थना की प्रेरिताई में संत पापा हमें याद दिलाते हैं कि परिवार में प्रार्थना करना और प्रेम से जीना कितना महत्वपूर्ण है जो हमारे मानवीय और आध्यात्मिक विकास को बल देता है। येसु ख्रीस्त के आदर्शों पर चलना, जिन्होंने उदाहरण दिया कि सच्चा इंसान बनने का अर्थ क्या है।

संत पापा का विडीयो संदेश

 

01 August 2019, 16:22