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संत मोनिका और संत अगुस्टीन संत मोनिका और संत अगुस्टीन  (©Renáta Sedmáková - stock.adobe.com)

संत अगुस्टीन के पर्व दिवस पर संत पापा का ट्वीट संदेश

संत अगुस्टीन के पर्व दिवस पर प्रेषित संदेश में संत पापा फ्राँसिस ने एक उत्साही ख्रीस्तीय बनने हेतु प्रार्थना करने की सलाह दी।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बुधवार, 28 अगस्त 2019 (रेई)˸ दुनिया में बहुत कुछ हासिल कर लेने के बावजूद व्यक्ति शांति से नहीं रह पाता है यदि उसका हृदय ईश्वर से दूर हो। संत अगुस्टीन इसके ज्वलंत उदाहरण हैं जिन्होंने बहुत कुछ हासिल करने के बाद भी बेचैनी महसूस की और अंततः उनका मन-परिवर्तन हुआ, तब उन्होंने ख्रीस्त में सच्ची शांति प्राप्त की।  

संत अगुस्टीन के पर्व दिवस पर प्रेषित संदेश में संत पापा फ्राँसिस ने एक उत्साही ख्रीस्तीय बनने हेतु प्रार्थना करने की सलाह दी। उन्होंने 28 अगस्त के ट्वीट संदेश में लिखा, "हम शिथिल ख्रीस्तीय नहीं बनने की कृपा के लिए प्रार्थना करें जो आधा जीते, जिनका प्रेम ठंढ़ा पड़ जाता है।"  

प्रकाशना ग्रंथ में ईश्वर ऐसे लोगों से कहते हैं कि तुम न तो गर्म हो और न ठंढा मैं तुम्हें उगल दूँगा।  

28 August 2019, 16:42