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अमाजोन जंगल की आग अमाजोन जंगल की आग  (ANSA)

अमाजोन के जंगलों में लगी आग में काबू हेतु प्रार्थना

अमाजोन के जंगलों में लगी आग को नियंत्रण में किया जा सकें इसके लिए संत पापा फ्रांसिस ने प्रार्थना की अपील की।

दिलीप संजय एक्का-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार, 26 अगस्त 2019 (रेई) संत पापा फ्रांसिस ने रविवारीय देवदूत प्रार्थना के उपरांत अमाजोन के जंगलों में लगी भीषण आग में काबू पाने हेतु प्रार्थना की।

उन्होंने कहा कि अमाजोन के जंगलों की “वृहृद आग” पूरे विश्व के लिए चिंता की बात है। उन्होंने सभों से प्रार्थना का निवेदन करते हुआ कहा “हम सभी की निष्ठा से जिनती जल्दी हो सके इस आग पर नियंत्रण लाया जा सके।” संत पापा ने कहा, “जंगल का फेंफड़ा हमारी पृथ्वी हेतु महत्वपूर्ण है।”  

आग को काबू करने हेतु सैन्य संलग्नता

ब्राजीली विशेषज्ञों ने इस बात की जानकारी देखते हुए कहा कि सन् 2019 में देश में अब तक 77 हजार जंगल आग की घटना रिपोर्ट की गई है जो सन् 2018 में हुई घटनाओं से 85 प्रतिशत अधिक है। इसमें आधा से अधिक घटना अमाजोन क्षेत्र में हुई हैं।

शनिवार को ब्राजील के सैन्य बल को आग से लड़ने हेतु अमाजोन प्रांत में तैनात किया गया। राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो ने विश्व का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि पहले वहरहित क्षेत्रों को जला दिया जाता था जिससे कि वर्षावनों को सुरक्षित रखा जा सके। ब्राजील के रक्षा मंत्री फर्नांडो अज़ीवेदो ने कहा कि आग बुझाने हेतु करीबन 44,000 सैनिकों को इस "अभूतपूर्व" कार्य में निर्गत किया गया है इसके अलावे ब्राजील के और छह राज्यों की सेनाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं जिससे आग पर काबू पाया जा सके।

अमाजोन प्रांत में लगे आग की स्थिति को संभालने के संबंध में राष्ट्रपति बोल्सोनारो की व्यापक आलोचना हुई जिसके बाद ब्राजील ने सैन्य अभियान जारी किये। शुक्रवार को, राष्ट्रपति ने सशस्त्र बलों को आग बुझाने के लिए अधिकृत करते हुए कहा कि वे अमाजोन क्षेत्र की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।

चिंता की विषयवस्तु

अमाजोन के जंगलों में लगी आग ने बड़ी संख्या में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के साथ-साथ एक अंतरराष्ट्रीय आक्रोश को भी प्रेरित किया है। पिछले सप्ताह हुए जारी एक बयान में, लैटिन अमेरीका और कैरेबियन के धर्माध्यक्षों ने दुनिया के जंगलों में लगी विनाशकारी आग के प्रति अपनी गहरी चिंता व्यक्त की।

धर्माध्यक्षों ने अमाजोन के देशों, संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सरकारों को “दुनिया के फेफड़ों को बचाने में मदद करने” का आह्वान किया। संत पापा फ्रांसिस के प्रवचन का हवाला देते हुए, धर्माध्यक्षों ने जिम्मेदारी के पदों पर आसीन उन सभी लोगों से आग्रह किया है कि वे “सृष्टि के संरक्षक बनें, क्योंकि इसमें हमारे लिए ईश्वर की योजना है, हम अन्यों और पर्यावरण के संरक्षक बनें, तथा “विनाश और मृत्यु के संकेतों को हमारी दुनिया में हावी होने न दें” क्योंकि, “क्योंकि यदि अमाजोन प्रभावित है तो सारा विश्व प्रभावित है।”

26 August 2019, 17:27