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ग्रीक ऑर्थोडोक्स कलीसिया के प्रतिनिधियों के साथ संत पापा ग्रीक ऑर्थोडोक्स कलीसिया के प्रतिनिधियों के साथ संत पापा 

संत पापा ने उपहार में दिया संत पेत्रुस का अवशेष

संत पापा फ्राँसिस ने संत पेत्रुस और पौलुस के पर्व दिवस पर संत पेत्रुस के अवशेष का एक ताबूत प्राधिधर्माध्यक्ष बार्थोलोमियो को उपहार में भेजा। प्राधिधर्माध्यक्ष ने उपहार पाकर अपनी खुशी अपने विश्वासियों से साझा किया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 1 जुलाई 2019 (वाटिकन न्यूज) : परम्परा के अनुसार कुस्तुनतुनिया के ग्रीक ऑर्थोडोक्स कलीसिया के प्रतिनिधियों ने शनिवार 29 जून संत पेत्रुस और संत पौलुस के महोत्सव पर संत पेत्रुस महागिरजाघऱ में पवित्र युखरीस्तीय समारोह में भाग लिया, जिसका अनुष्ठान संत पापा फ्राँसिस ने किया। 

पवित्र मिस्सा समाप्त होने के बाद संत पापा और ग्रीक ऑर्थोडोक्स कलीसिया के प्रतिनिधियों ने संत पेत्रुस की कब्र का दर्शन किया और उसी वक्त संत पापा ने प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख से कहा कि उनकी हार्दिक इच्छा है कि वे अपने ‘भाई’ प्राधिधर्माध्यक्ष बार्थोलोमियो को एक उपहार भेजे। समारोह समाप्त होने के बाद संत पापा ने वाहन में महाधर्माध्यक्ष जोब को अपने साथ लाये। दोनों प्रेरितिक भवन के छोटे प्रार्थनालय में प्रवेश किया और वहाँ ताबूत में रखे संत पेत्रुस के अवशेष को प्राधिधर्माध्यक्ष बार्थोलोमियो को देने हेतु उन्हें अर्पित किया। संत पेत्रुस के अवशेष को संत पापा पौल छठे ने इस प्रार्थनालय में स्थापित किया था।

प्राधिधर्माध्यक्ष बार्थोलोमियो के लिए सबसे बड़ी खुशी

तेलमिसोस के महाधर्माध्यक्ष ने सूचित किया कि जैसे ही प्राधिधर्माध्यक्ष को संत पेत्रुस के अवशेष की यात्रा की खबर मिली वे खुशी से गद-गद हो गये। रविवार को इस्तांबूल में ख्रीस्तीय एकता को बढ़ावा देने हेतु बने परमधर्मपीठीय सम्मेलन के उप-सचिव मोनसिन्योर अंद्रिया पामिएरी ने प्राधिधर्माध्यक्ष बार्थोलोमियो को उपहार अर्पित की। प्राधिधर्माध्यक्ष बार्थोलोमियो ने उपहार पाने की खुशी को उन सभी विश्वासियों के सामने प्रकट किया जो संत पेत्रुस और पौलुस का पर्व मनाने को एकत्रित थे। इन दोनें संतों का त्योहार ग्रीक ऑर्थोडोक्स कलीसिया 30 जून को मनाती है। 

 एक अप्रत्याशित घटना

"यह हमारे लिए एक असाधारण और अप्रत्याशित घटना है जिसकी हम उम्मीद नहीं कर सकते थे", महाधर्माध्यक्ष जोब ने कहा।  ऐतिहासिक रूप से, संत पेत्रुस के अवशेष हमेशा रोम में रहे हैं और रोम इसलिए ऑर्थोडोक्स कलीसिया के लिए तीर्थयात्रा का एक गंतव्य है। कुछ अवशेष ऐसे थे जिन्होंने पहले इस्तांबुल की यात्रा की थी, लेकिन वे क्रूसेडों द्वारा छीन लिए गए अवशेष थे। द्वितीय वाटिकन महासभा के बाद ऑर्थोडोक्स कलीसिया के साथ स्थापित अच्छे संबंधों का पालन करते हुए, उन अवशेषों को वापस रोम भेज दिया गया था।  इस बार संत पेत्रुस के अवशेष कुस्तुनतुनिया में रहने के लिए आये हैं और यह" एकता की दिशा में एक ठोस और विशाल कदम" है।

01 July 2019, 16:49