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बुल्गारिया के अधिकारियों से मुलाकत करते संत पापा बुल्गारिया के अधिकारियों से मुलाकत करते संत पापा  (AFP or licensors)

संत पापा ने बुल्गारिया के अधिकारियों से मुलाकत की

संत पापा फ्राँसिस ने बुल्गारिया एवं उत्तरी मकेदुनिया की तीन दिवसीय प्रेरितिक यात्रा का शुभारम्भ 5 मई को बुल्गारिया के राष्ट्रपति रूमेन रादेव, राजनयिकों एवं नागर अधिकारियों से मुलाकात की।

उषा मनोरता तिरकी-वाटिकन सिटी

संत पापा ने उन्हें सम्बोधित कर कहा कि बुल्गारिया अनेक संस्कृतियों एवं सभ्यताओं का मिलन का स्थान है। यह पूर्वी एवं दक्षिणी यूरोप के बीच सेतु है, तुर्की के लिए खुला द्वार तथा प्राचीन ख्रीस्तीय मूल की भूमि है जो स्थानीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर पर मुलाकात को बढ़ावा देने के बुलावे को पोषित करता है। यहां विविधताओं को विशिष्ठ पहचान के लिए सम्मान के साथ मिश्रित किया जाता है और एक अवसर, एक समृद्धि के स्रोत के रूप में देखा जाता है न कि संघर्ष का कारण माना जाता।    

अतनास बुराव के प्राँगण में संत पापा ने बुल्गारिया के अधिकारियों को उनके निमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया तथा उन्होंने बुल्गारिया स्थित ऑर्थोडॉक्स कलीसिया के प्राधिधर्माध्यक्ष नेओफिट तथा सभी विश्वासियों की याद की एवं बुल्गारिया की काथलिक कलीसिया के सभी धर्माध्यक्षों, पुरोहितों, धर्मसमाजियों एवं लोकधर्मियों का अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि मैं उनके साथ अपने विश्वास को सुदृढ़ करने और ख्रीस्तीय जीवन के दैनिक रास्ते पर उन्हें प्रोत्साहन देने आया हूँ।

संत पापा ने अन्य ख्रीस्तीय समुदायों, यहूदी समुदाय एवं इस्लाम धर्म के अनुयायियों का भी अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न धर्मों की शांति के मूल्यों पर सुदृढ़ बने रहने एवं आपसी समझदारी, मानवीय भाईचारा एवं सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व के मूल्यों की रक्षा करने हेतु मैं अपने दृढ़ विश्वास को आपके साथ पुनः मजबूत करता हूँ।  

संत पापा ने याद किया कि उनकी यात्रा के पूर्व संत पापा जॉन पौल द्वितीय ने मई 2002 में सोफिया की यात्रा की थी। उसके पूर्व संत पापा जॉन तेइसवें ने भी इसकी यात्रा की थी एवं सभी ख्रीस्तीयों के बीच भाईचारा पूर्ण सहयोग को आगे बढ़ाने का प्रोत्साहन दिया था। उन्होंने द्वितीय वाटिकन महासभा द्वारा ख्रीस्तीय एकता वर्धकवार्ता के विकास हेतु अपना महत्वपूर्ण सहयोग दिया एवं उसका समर्थन किया था। संत पापा ने संत सिरिल एवं संत मेथोदियुस का स्मरण करते हुए कहा कि इन दोनों संतों ने स्लाविक लोगों के बीच सुसमाचार का प्रचार किया तथा उनकी भाषा, संस्कृति और सबसे बढ़कर उनके ख्रीस्तीय साक्ष्य एवं पवित्रता के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी प्रार्थना एवं उनकी बुद्धिमत्ता द्वारा हजारों वर्षों बाद भी विभिन्न कलीसियाओं के बीच फलप्रद वार्ता, सौहार्द एवं भाईचारा पूर्ण मुलाकात को प्रेरणा मिलती रही।

अब, इतिहास के इस विशेष क्षण में, अधिनायकवादी शासन के अंत के तीस साल बाद जिसने इसकी स्वतंत्रता और प्रयासों को कैद किया, बुल्गारिया के नागरिक नौकरी की तलाश में पलायन के शिकार हो रहे हैं। जन्म दर में गिरावट, उत्प्रवास के तीव्र प्रवाह के साथ संयुक्त होने के कारण, कई गाँवों और शहरों का परित्याग और परित्याग हो गया है। इसके अलावा, बुल्गारिया ने युद्ध एवं संघर्षों से भागने, गरीबी से बचने एवं नये अवसरों एवं सुरक्षा प्राप्त करने के मकसद से यूरोप के धनी क्षेत्रों तक पहुँचने के प्रयास में, अपनी सीमाओं को पार करने की कोशिश की है।

संत पापा ने राष्ट्रपति महोदय को सम्बोधित कर कहा कि देश के नेताओं ने वर्षों से खासकर, युवाओं के पलायन को रोकने का प्रयास किया है। उन्होंने उन्हें प्रोत्साहन देते हुए कहा कि वे इस रास्ते पर धीर बने रहें। युवाओं के लिए ऐसी स्थिति उत्पन्न की जाए जहाँ वे अपने भविष्य के लिए प्रतिष्ठित जीवन की योजना बना सकें।  

उन्होंने शुभकानाएँ दी कि यह भूमि, महान डेन्यूब नदी और काले सागर के किनारे, कई पीढ़ियों के उदार श्रम एवं सांस्कृतिक और वाणिज्यिक आदान-प्रदान से, यूरोपीय संघ में एकीकृत तथा रूस एवं तुर्की के साथ खुला रहने के द्वारा, वह अपने सभी बेटे-बेटियों को भविष्य की आशा प्रदान करता रहे।

उन्होंने प्रार्थना की कि बुल्गारिया को ईश्वर हमेशा शांतिमय, सत्कारशील एवं समृद्ध बनाये रखे तथा अपनी खुशी प्रदान करे।     

05 May 2019, 17:34