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सोफिया के नेज़विसिमोस्ट प्रांगण में संत पापा सोफिया के नेज़विसिमोस्ट प्रांगण में संत पापा   (Vatican Media)

सोफिया के नेज़विसिमोस्ट प्रांगण में संत पापा का शांति प्रार्थना

संत पापा फ्राँसिस बुल्गारिया की प्रेरितिक यात्रा के दूसरे दिन के अंतिम पड़ाव में शाम को सोफिया शहर के नेज़विसिमोस्ट प्रांगण में शांति प्रार्थना सभा में भाग लिय़ा और वहाँ उपस्थित बुल्गारिया वासियों को संबोधित किया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

सोफिया, सोमवार 6 मई 2019 (रेई) : नेज़विसिमोस्ट प्रांगण में शांति प्रार्थना सभा में संत पापा ने कहा कि हम सभी ने मिलकर असीसी के संत फ्राँसिस के शब्दों में शांति की प्रार्थना की, जो इस जगत को बनाने वाले और हम सबके पिता ईश्वर बहुत प्यार करते थे। उन्होंने अपनी जीवन यात्रा में सृष्टि की सुंदरता और सभी लोगों के लिए समान जुनून और गहरे सम्मान के साथ, एक ऐसा प्रेम प्रदर्शित किया। एक प्यार जिसने चीजों को देखने के अपने तरीके को बदल दिया और उसे यह महसूस करने में मदद की कि हर किसी में "हमारी व्यक्तिगत निश्चितता से उत्पन्न प्रकाश की एक झिलमिलाहट है, जब सब कुछ कहा और किया जाता है, तो हम असीम रूप से प्यार करते हैं।" (इवांजेली गौदुयम, 6)

उसी प्रेम के कारण संत फ्रांसिस भी एक सच्चे शांतिदूत बन गए। हम में से प्रत्येक शांतिदूत, शांति का "कारीगर" बनकर उसके नक्शेकदम पर चलने के लिए बुलाये गये हैं। शांति, एक उपहार और कार्य दोनों है, इसे एक आशीर्वाद के रूप में ग्रहण करना चाहिए और दैनिक जीवन में इसे शांति की संस्कृति के निर्माण के लिए हमेशा प्रयासरत रहना चाहिए क्योंकि शांति सबका मौलिक अधिकार माना जाता है। एक सक्रिय शांति, स्वार्थ और उदासीनता के उन सभी रूपों के खिलाफ "शक्ति" है जो प्रत्येक व्यक्ति की अमूल्य गरिमा के सामने कुछ लोगों के तुच्छ हितों को इंगित करता है।  

शांति बनाये रखने के लिए आवशयक है कि हम बातचीत को अपना रास्ता, आपसी समझ को अपनी आचार संहिता, और पारस्परिक समझ को अपनी पद्धति और मानक के रूप में अपनाएं (मानव भ्रातृत्व का दस्तावेज़, अबू धाबी, 4 फरवरी 2019) इस तरह, हम इस बात पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं जो हमें एकजुट करता है। हम हमारे मतभेदों के लिए पारस्परिक सम्मान दिखाएं और एक दूसरे को विशेष रूप से भविष्य की पीढ़ियों को अवसर और गरिमा के भविष्य को देखने के लिए प्रोत्साहित करें।

संत पापा ने कहा कि इस संध्या समय बच्चों द्वारा सामने लाये गये दीप के सामने प्रार्थना कर रहे हैं। वो प्रेम की आग का प्रतीक हैं जो हमारे भीतर जलती है और इसका मतलब है कि हम जहां भी रहते हैं, दया, प्रेम और शांति का एक प्रतीक बन जाते हैं। एक प्रकाश स्तंभ जो हमारी पूरी दुनिया को रोशनी दे सकती है। प्रेम की अग्नि से हम युद्ध और संघर्ष की बर्फीले सर्द को पिघला सकते हैं। शांति का हमारा उत्सव प्राचीन सेरडिका के खंडहरों, बुल्गारिया का दिल सोफिया में सम्पन्न हो रहा है। यहाँ से, हम विभिन्न कलीसियाओं और दूसरे धर्मों के पूजा स्थलों को देख सकते हैं। हमारे ऑर्थोडोक्स भाइयों और बहनों के संत नेवलेया, काथलिकों के संत जोसेफ, हमारे बड़े भाइयों, यहूदियों के आराधनालय, हमारे मुस्लिम भाइयों और बहनों के मस्जिद और हमारे करीब, अर्मेनियाई कलीसिया।

कई शताब्दियों से, विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक समूहों से संबंधित सोफिया के लोग इस जगह पर बैठक और चर्चा के लिए एकत्र होते हैं। यह प्रतीकात्मक स्थान शांति का साक्षी बन सकता है। आज रात हमारी आवाज़ें शांति के लिए हमारी प्रबल इच्छा को व्यक्त करती है। आइए, पृथ्वी पर शांति के लिए प्रार्थना करें, हमारे परिवारों में, हमारे दिलों में और उन सभी जगहों पर, जहाँ युद्ध द्वारा बहुत सी आवाजों को चुप करा दिया गया है, उदासीनता से घिरे हुए और समान रुचि वाले समूहों की शक्तिशाली जटिलता के कारण अनदेखा किया गया। इस सपने को साकार करने के लिए सभी धार्मिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक नेता मिलकर काम करें। हम में से प्रत्येक, जहां कहीं भी हम हैं, हर परिस्थिति "मुझे अपनी शांति का साधन बनाओ" कहने में सक्षम हो सकें।

संत पापा ने संत पापा जॉन तेईस्वें के सपने ‘पाचेम इन तेर्रिस’ को साकार करने की अपील की। हमारी धरती हमेशा शांति का घर बनें। इसे हम अपने जीवन दवारा साझा करें। पृथ्वी पर उन सभी को शांति मिले, जिन्हें प्रभु प्यार करते हैं।

06 May 2019, 18:05