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सन्त पापा फ्राँसिस बुल्गारिया में सन्त पापा फ्राँसिस बुल्गारिया में   (Copyright 2019 The Associated Press. All rights reserved)

बुल्गारिया और मकदूनिया में सन्त पापा फ्राँसिस की यात्रा, रिपोर्ट

सार्वभौमिक काथलिक कलीसिया के परमधर्मगुरु सन्त पापा फ्राँसिस ने बुल्गारिया और मकदूनिया की तीन दिवसीय प्रेरितिक यात्रा के लिये रविवार को स्थानीय समयानुसार प्रातः 07 बजे रोम से प्रस्थान किया।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, रविवार, 5 मई 2019 (रेई,वाटिकन रेडियो): सार्वभौमिक काथलिक कलीसिया के परमधर्मगुरु सन्त पापा फ्राँसिस ने बुल्गारिया और मकदूनिया की तीन दिवसीय प्रेरितिक यात्रा के लिये रविवार को स्थानीय समयानुसार प्रातः 07 बजे रोम से प्रस्थान किया। आल इतालिया के ए 321 विमान से लगभग दो घण्टों की हवाई यात्रा के उपरान्त सन्त पापा बुल्गारिया की राजधानी सोफिया स्थित अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पधारे। हवाई अड्डे पर परमधर्मपीठ के लिये बुल्गारिया के राजदूत किरिल तोपालोव तथा बुल्गारिया में परमधर्मपीठ के प्रेरितिक राजदूत महाधर्माध्यक्ष ग्वीदो पेकोरारी ने सन्त पापा का स्वागत किया। तदोपरान्त, सोफिया स्थित राष्ट्रपति भवन में औपचारिक तौर पर बुल्गारिया के राष्ट्रपति रुमेन रादेव ने ससमारोह अपने खास मेहमान का हार्दिक स्वागत किया।

29 वीं प्रेरितिक यात्रा

इटली से बाहर सन्त पापा फ्राँसिस की यह 29 वीं प्रेरितिक यात्रा है। इटली से बुल्गारिया जाते समय रास्ते में पड़नेवाले क्रोएशिया, बोज़निया-हेर्सेगोविना, मोन्तेनेग्रो और सरबिया राष्ट्रों के अध्यक्षों के नाम तार सन्देश प्रेषित कर सन्त पापा ने इन राष्ट्रों में ईश्वर की अनुकम्पा तथा सुख समृद्धि की मंगलयाचना की।

बुल्गारिया के कुल आबादी 70, लाख 76,000 है जिनमें 76 प्रतिशत जनता ऑरथोडोक्स ख्रीस्तीय धर्मानुयायी हैं। काथलिक धर्मानुयायी एवं प्रॉटेस्टेन्ट ख्रीस्तीय धर्मानुयायी एक प्रतिशत हैं जबकि दस प्रतिशत लोग इस्लाम धर्मानुयायी हैं। मकदूनिया की कुल आबादी 20 लाख 75,000 है जिनमें 65 प्रतिशत ऑरथोडोक्स ख्रीस्तीय, 33 प्रतिशत इस्लाम धर्मानुयायी, एक प्रतिशत काथलिक तथा एक प्रतिशत अन्य धर्मों का पालन करनेवाले लोग हैं।

सन्त पापा जॉन 23 वें

बुल्गारिया और मकदूनिया में सन्त पापा फ्राँसिस की प्रेरितिक यात्रा का विषय, "पाचेम इन तेर्रिस" अर्थात् धरती पर शांति। यह शीर्षक सन्त पापा जॉन 23 वें के ऐतिहासिक विश्व पत्र से लिया गया है जिसका लक्ष्य शांति, न्याय और उदारता की वैश्विक खोज को बढ़ावा देना था। सन् 1925 से 1934 तक सन्त पापा जॉन 23 वें बुल्गारिया में वाटिकन प्रतिनिधि एवं प्रेरितिक राजदूत रहे थे।

स्नेहवश "बुल्गारिया के पोप" नाम से विख्यात सन्त पापा जॉन 23 वें का सम्मान सम्पूर्ण बुल्गारिया में एक ऐसे मेषपाल के सदृश किया जाता है जो अपने रेवड़ की रखवाली के लिये पूर्णतः समर्पित रहे। बुल्गारिया के राकोव्स्की स्थित महादूत सन्त मिखाएल को समर्पित महागिरजाघर का पुनर्निर्माण भी सन्त पापा जॉन 23 वें के कठिन परिश्रम का ही फल है। इसी महागिरजाघर में सन्त पापा फ्रांसिस सोमवार 06 मई को ख्रीस्तयाग अर्पित कर लगभग 200 बच्चों को पवित्र परमप्रसाद संस्कार प्रदान करेंगे।    

रविवार को सन्त पापा फ्राँसिस के निर्धारित कार्यक्रमों में बुल्गारिया के राष्ट्रपति और प्रधान मंत्री के साथ मुलाकात, बुल्गारिया के प्रशासनाधिकारियों, कूटनीतिज्ञों एवं राजनीतिज्ञों को सम्बोधन, बुल्गारिया के ऑरथोडोक्स प्राधिधर्माध्यक्ष एस.एस. नेओफित से मुलाकात तथा सन्त एलेक्ज़ेनडर को समर्पित प्राधिधर्माध्यक्षीय महागिरजाघर की भेंट हैं, जहाँ सन्त पापा पूर्वी यूरोप के संरक्षक सन्त सिरिल एवं सन्त मेथोदियुस की समाधि पर श्रद्धार्पण कर ख्रीस्तयाग अर्पित करेंगे।   

बुल्गारिया और मकदूनिया के सन्त

पूर्वी यूरोप स्थित बुल्गारिया एवं मकदूनिया दोनों ही देशों में काथलिक एवं ऑरथोडोक्स ख्रीस्तीयों के सन्तों ने लोगों के आध्यत्मिक जीवन में अहं भूमिका निभाई है। सन्त सिरिल एवं सन्त मेथोदियुस सहित पूर्व सन्त पापा जॉन 23 वें तथा सन्त मदर तेरेसा भी इन देशों के लघु काथलिक एवं ऑरथोडोक्स समुदाय के लिये एकता के महान प्रतीक बने हैं।

पत्रकारों से बातचीत में शुक्रवार को वाटिकन के प्रवक्ता आलेस्सानद्रो जिसोत्ती ने बताया था कि कुछ ही दिन पहले सन्त पापा फ्राँसिस ने उनसे कहा था कि यह जानना अत्यन्त महत्वपूर्ण है कि इन सन्तों ने इन देशों के लोगों के हितों के लिये क्या किया है। यात्रा से पूर्व बुल्गारिया के लोगों को प्रेषित अपने विडियो सन्देश में सन्त पापा फ्रांसिस ने देश में ख्रीस्तीय धर्म की गहन जड़ों की सराहना की थी जो सन्त सिरिल एवं सन्त मेथोदियुस के सुसमाचार प्रचार से चली आ रही हैं तथा जिसने कष्टकर समय में भी लोगों को सम्बल प्रदान किया था। सन् 1985 में सन्त पापा जॉन पौल द्वितीय ने इन दोनों सन्तों को "स्लावोरुम अपोस्तोली" यानि स्लावी लोगों के प्रेरित की संज्ञा से सुसज्जित किया था।      

बुल्गारिया में काथलिकों एवं ऑरथोडोक्स ख्रीस्तीयों के बीच हालांकि, यदा-कदा तनाव बने रहे हैं तथापि, दोनों ही समुदायों में सन्त सिरिल और सन्त मथोदियुस का शक्तिशाली प्रभाव अभी भी स्पष्ट रूप से महसूस किया जा सकता है। काथलिक धर्मानुयायी 14 फरवरी को जबकि ऑरथोडोक्स समुदाय 11 मई को इन सन्त भाइयों का पर्व मनाते हैं।

उदारता की सन्त मदर तेरेसा

बुलागिरया एवं मकदूनिया की प्रेरितिक यात्रा के तीसरे और अन्तिम दिन सन्त पापा फ्राँसिस मकदूनिया के स्कोपिये का दौरा करेंगे जो सन्त मदर तेरेसा की जन्मभूमि है। मकदूनिया में काथलिक कलीसिया के परमाध्यक्ष की यह सर्वप्रथम प्रेरितिक यात्रा होगी, जो वाटिकन के प्रवक्ता जिसोत्ती के अनुसार, पूर्णतः "नालियों की सन्त" के नाम से विख्यात मदर तेरेसा तथा उनकी उदार भावना के प्रति पूर्णतः समर्पित रहेगी।

सन् 1910 ई. में अग्नेस यानि मदर तेरेसा का जन्म मकदूनिया में अल्बानियाई माता-पिता से हुआ था जब देश ऑटोमन साम्राज्य के अधीन था। लम्बे समय तक भारत की झुग्गी झोपड़ियों में निर्धन से निर्धनतम लोगों की सेवा के उपरान्त सन् 1997 में मदर तेरेसा का निधन हो गया था। अपनी यात्रा के दौरान सन्त पापा फ्राँसिस मिशनरीज़ ऑफ चैरिटी आश्रम स्थित मदर तेरेसा को समर्पित आराधनालय में प्रार्थना करेंगे। इस अवसर पर मकदूनिया के संविधान द्वारा मान्याता प्राप्त पाँच धर्मों के प्रतिनिधि भी उपस्थित होंगे।   

05 May 2019, 11:53