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बुल्गारिया  में प्रथम परमप्रसाद ग्रहण करने वाले बच्चों संग ख्रीस्तयाग बुल्गारिया में प्रथम परमप्रसाद ग्रहण करने वाले बच्चों संग ख्रीस्तयाग   (Vatican Media)

कलीसिया हमारा परिवार, प्रेम हमारा नियम

संत पापा फ्रांसिस ने बुल्गारिया के राकोभ्स्की में प्रथम परमप्रसाद ग्रहण करने वाले बच्चों के लिए ख्रीस्तयाग अर्पित किया। उन्हें अपने प्रवचन में कहा कि कलीसिया हमारी माता है, ईश्वर हमारे पिता हैं और हम येसु ख्रीस्त में एक दूसरे के भाई-बहन हैं।

दिलीप संजय एक्का-वाटिकन सिटी

बुल्गारिया, सोमवार, 6 मई 2019 (रेई) संत पापा फ्रांसिस ने बुल्गारिया की अपनी दो दिवसीय प्रेरितिक यात्रा के दौरान राकोभ्स्की में प्रथम परमप्रसाद ग्रहण करने वाले बच्चों संग ख्रीस्तयाग अर्पित किया।

संत पापा ने प्रथम परमप्रसाद ग्रहण करने वाले बच्चों, उनके माता-पिता, रिश्तेदारों और मित्रों का अभिवादन करते हुए कहा, “ख्रीस्त जी उठे हैं”। येसु ख्रीस्त के शिष्यों के रुप में, हम ख्रीस्तियों के लिए यह एक खुशी का अभिवादन है। हम आनंद मनाते हैं क्योंकि येसु ने हमारे प्रेम के खातिर क्रूस पर अपने प्राण दिये और पापों का विनाश किया। उन्होंने पुनर्जीवित होकर हमें अपने पिता के बेटे-बेटियाँ बना लिया। हम आनंद मनाते हैं क्योंकि वे जीवित हैं और हमारे बीच में आज और हमेशा निवास करते हैं।

येसु जीवित हैं

बच्चों को संबोधित करते हुए संत पापा ने कहा कि आप “गुलाबों की भूमि” के हर कोने से इस सुन्दर महोत्सव में भाग लेने आये हैं। मैं निश्चित रुप से कह सकता हूँ कि आप इस दिन को कभी नहीं भूलेंगे-क्योंकि आप यूखारिस्त के रुप में पहली बार येसु से अपनी मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा,“आप में कोई यह पूछ सकता है, हम कैसे येसु से मिलते हैं”ॽ वे बहुत पहले इस दुनिया में थे लेकिन वे मर गये और क्रब में रखे गये। यह सच है कि येसु ने मानव जाति को बचाने हेतु अपने प्रेम का एक बहुत बड़ा प्रमाण दिया। वे तीन दिनों तक क्रब में रहे लेकिन हम जानते हैं कि प्रेरितों और बहुतों ने उन्हें देखा और वे हमें इस बात का साक्ष्य देते हैं कि ईश्वर हमारे पिता ने उन्हें पुनर्जीवित किया है। येसु ख्रीस्त जीवित हैं और आज यहाँ हमारे साथ हैं। यही कारण है कि आज हमें उन्हें परमप्रसाद संस्कार में ग्रहण करेंगे। हम उन्हें अपनी भौतिक आंखों से नहीं वरन अपनी विश्वास की आंखों से देखते हैं।  

परमप्रसाद एक समारोह है

संत पापा ने कहा कि मैं आप को सफेद वस्त्र पहने देखता हूँ। यह अपने में कितना सुन्दर और अर्थपूर्ण है। आप ने एक समारोह के लिए अपने को तैयार किया है। प्रथम परमप्रसाद एक समारोह है। हम येसु के साथ एक समारोह मनाते हैं जो हमारे साथ, सदा हमारी बगल में रहने की चाह रखते हैं। वे सदा हमारे साथ रहेंगे। यह समारोह अपने में संभव हो पाया क्योंकि आपके माता-पिता, दादा-दादी, परिवार और आपका समुदाय है जिन्होंने आपको विश्वास में बढ़ने हेतु मदद किया है।  

आपने राकोभ्स्की आने हेतु एक लम्बी यात्रा की है। आप के पुरोहितों और प्रचारकों ने इस दिन की तैयारी में आप की मदद की है जिससे आप येसु को अपने हृदय में ग्रहण करते हुए उनसे मिल सकें।

आज के सुसमाचार में हमने सुना कि येसु ने पांच रोटियों और दो मछलियों द्वारा चमत्कारिक ढ़ंग से अपने पीछे आने वाली भीड़ को खिलाया। (यो.6.1-15) क्या आप ने इस बात पर गौर किया कि इस चमत्कार की शुरूआत कैसी होती हैॽ एक बालक अपनी पांच रोटियों और दो मछलियों को येसु को देता है। (यो.6.9) उसी तरह आप ने भी आज एक चमत्कार करने में मदद किया है। आज हम बुजुर्ग उस दिन की याद करते हुए ईश्वर का धन्यवाद अदा करते हैं जब हमने यूख्रारीस्तीय बलिदान में भाग लेते हुए पहली बार येसु को अपने जीवन में ग्रहण किया था।

चमत्कार बच्चों-सा हृदय की मांग करता है

आज आप ने हमारी उस खुशी को पुनः जीने हेतु मदद किया है जहाँ येसु को हम रोटी में उपस्थित पाते हैं। संत पापा ने कहा कि कुछ चमत्कार केवल तब होते हैं जब हम अपने हृदयों को आपके हृदयों के समान बनाते हैं, एक हृदय जो अपने को दूसरों के साथ बांटता है, सपने देखता, कृतज्ञता से भरा होता, विश्वास करता और दूसरों का सम्मान करता है। आप का प्रथम परमप्रसाद यह बतलाता है कि आप प्रतिदिन येसु के निकट रहने की चाह रखते हैं, उनकी मित्रता में बढ़ता चाहते और दूसरों के संग अपनी खुशी को साझा करना चाहते हैं जिसकी अनुभूति येसु आप को कराते हैं। येसु को आप की जरुरत है क्योंकि वे आप के द्वारा अपनी खुशी को आप के मित्रों और परिवार के सदस्यों के बीच लाना चाहते हैं।

कलीसिया हमारा परिवार

प्रिय बच्चों, संत पापा ने कहा, “मुझे आपकी खुशी में सहभागी होते हुए मैं आनंद का अनुभव करता हूँ। आप के लिए यह दिन भ्रातृत्व और मित्रता में व्यतीत करने का दिन है। आप अपने को स्वयं अपने साथ और कलीसिया के संग संयुक्त करते हैं विशेषकर यूख्रारीस्तीय बलिदान में जो हमें भाई-बहन बनाता है। हमारी पहचान यह है कि ईश्वर हमारे पिता हैं, येसु ख्रीस्त हमारे भाई हैं औऱ कलीसिया हमारा परिवार है। हम सभी भाई-बहन हैं और प्रेम हमारा नियम है।

आप रोज दिन इसी उत्साह और खुशी से प्रार्थना करें जिसे आज आप अनुभव करते हैं। आप इस बात को याद रखें कि यह आपका प्रथम परमप्रसाद है अंतिम नहीं। आप इस बात को भी याद करें येसु ख्रीस्त सदैव आप की प्रतीक्षा करते हैं। संत पापा ने कहा कि मैं आशा करता हूँ कि आज बहुतों के मिलन की शुरूआत होगी, आप का हृदय हमेशा आज की भांति समारोही खुशी से भरा रहे विशेषकर ईश्वर के प्रति कृतज्ञता के भाव से। 

06 May 2019, 15:41