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राजनायिकों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए संत पापा फ्राँसिस राजनायिकों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए संत पापा फ्राँसिस  (AFP or licensors)

रोमानिया के राजनायिकों और अधिकारियों को संत पापा का संबोधन

संत पापा फ्राँसिस रोमानिया की तीन दिवसीय प्रेरितिक यात्रा पर हैं। शुक्रवार 31 मई को रोमानिया की राजघानी बुखारेस्ट हवाई अड्डे पर संत पापा का स्वागत किया गया। राष्ट्रपति परिसर में संत पापा फ्राँसिस को राजकीय सम्मान दिया गया। राष्ट्रपति भवन में संत पापा फ्राँसिस ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री महोदया, राजनायिकों और नागर समाज के अधिकारियों को संबोधित किया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

बुखारेस्ट, शुक्रवार 31 मई 2019 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने राष्ट्रपति भवन में माननीय राष्ट्रपति क्लाउस वेरनर योहान्निस, प्रधानमंत्री महोदया वसीलिका वियोरिका दानचिला, राजनायिकों और नागर समाज के अधिकारियों का अभिवादन किया। संत पापा ने अपने देश में आमंत्रित करने हेतु राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री महोदया के प्रति अपना आभार प्रकट किया।

संत पापा ने प्रधिधर्माध्यक्ष दानिएल, धर्मसभा के धर्माध्यक्षों और ऑर्थोडोक्स कलीसिया के सदस्यों का अभिवादन किया। संत पापा ने काथलिक कलीसिया के धर्माध्यक्षों, पुरोहितों, धर्मबहनों और सभी विश्वासियों का अभिवादन किया जिन्हें प्रोत्साहित करने और विश्वास को मजबूत करने के लिए उन्होंने यह यात्रा की है।

संत पापा ने कहा कि वे संत पापा जॉन पॉल द्वितीय की प्रेरितिक यात्रा के बीस वर्षों बाद इस सुन्दर धरती पर कदम रखकर अत्यंत खुशी का अनुभव कर रहे हैं। साथ ही इस वर्ष यूरोप संघ में प्रवेश करने के बाद पहली बार रोमानिया यूरोप की परिषद की अध्यक्षता कर रहा है।

रोमानिया का विकास

आज उन तीस वर्षों के बारे में सोचने का एक उचित समय है जब रोमानिया को एक ऐसे शासन से मुक्त किया गया, जिसने नागरिक पर अत्याचार किया और धार्मिक स्वतंत्रता को समाप्त कर दिया था, अन्य यूरोपीय देशों से राष्ट्र को अलग कर दिया था साथ ही इसकी अर्थव्यवस्था में ठहराव और रचनात्मक शक्तियों को समाप्त कर दिया था। इन वर्षों में, रोमानिया अपनी राजनीतिक और सामाजिक ताकतों की बहुलता और उनके पारस्परिक संवाद, धार्मिक स्वतंत्रता की मौलिक मान्यता और र देश की पूर्ण भागीदारी के माध्यम से एक मजबूत लोकतंत्र का निर्माण किया है अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भी अपनी पूरी सहभागिता अभिव्यक्त किया है।

बहुत सारी कठिनाइयों और बाधाओं के बावजूद, इन वर्षों के दौरान किए गए महान उन्नति को स्वीकार करना महत्वपूर्ण है। नागरिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक क्षेत्रों में आगे बढ़ने के दृढ़ संकल्प ने कई नये परियोजनाओं को शुरु करने का साहस और ऊर्जा दिया। इसने इक्कीसवीं सदी में देश का मार्गदर्शन किया है। संत पापा का विश्वास है कि वे नागरिकों के वैध आकांक्षाओं का जवाब देने हेतु आवश्यक संरचनाओं और संस्थानों को समेकित कर देश के लोगों की क्षमता और प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के प्रयासों को आगे बढ़ाएंगे।

 प्रवास

संत पापा ने कहा कि इस नए युग की शुरुआत के दौरान किए गए परिवर्तनों ने वास्तविक उपलब्धियों को जन्म दिया है, उन्होंने सामाजिक बाधाओं और देश के शासन के लिए समस्यात्मक परिणामों को दूर करने के लिए अपरिहार्य बाधाओं का सामना किया। रोजगार, सम्मानजनक अस्तित्व और नए अवसरों की तलाश में कई मिलियन लोगों ने अपने घरों और देश को छोड़ा। कई गांवों का भी विस्थापन हो गया, वहाँ के निवासियों के बाहर जाने से गाँवों में बाकी बचे लोगों के जीवन की गुणवत्ता पर प्रभाव पड़। कठिनाइयों और संघर्षों के समय जो सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जड़ों ने उन्हें मजबूत बनाये रखा था वह कमजोर पड़ने लगी थी। संत पापा ने उन रोमानिया वासियों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने रोमानिया में रहकर अपनी संस्कृति, अपनी विशिष्ट पहचान और अपनी औद्योगिकता से देश को समृद्ध किया है और उन प्रवासियों को भी जिन्होंने दूसरे देशों में जाकर कठिन मेहनत से रुपये कमाये और देश में बाकी बचे अपने घर-परिवार के सदस्यों की मदद की।

देश के विकास में सबकी भूमिका

इतिहास के इस नए अध्याय की समस्याओं का सामना करने के लिए, प्रभावी समाधानों की पहचान करना और उन्हें लागू करने का संकल्प, राष्ट्र की राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और आध्यात्मिक शक्तियों की ओर से अधिक से अधिक सहयोग की मांग करता है। एक समावेशी समाज के निर्माण में हर कोई अपने स्वयं के गुणों और क्षमताओं एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा द्वारा और पारस्परिक रूप से सहायक श्रम के माध्यम से अपनी भागीदारी को साझा करता है। (सीएफ,एवांजली गौदियुम,192) इस तरह, सभी आम भलाई के नायक बन जाते हैं, जहाँ गरीब और सबसे कमज़ोर लोगों को अब अवांछनीयता के रूप में नहीं देखा जाता है, बल्कि नागरिकों, भाइयों और बहनों के रूप में समाज के जीवन में पूरी तरह से शामिल किया जाता है।

काथलिक कलीसिया को योगदान

इस पूरी प्रक्रिया में एक स्पष्ट लक्ष्य प्राप्त करने के लिए एक खुला दिल और अच्छी भावना होनी चाहिए, बाहरी विचारों से या उच्च वित्तीय केंद्रों की बढ़ती शक्ति से प्रभावित नहीं, बल्कि मानव व्यक्ति को केंद्र में रखते हुए उसके अपरिहार्य अधिकार के प्रति जागरूकता होनी चाहिए। (सीएफ,एवांजली गौदियुम,203) इस संबंध में, ख्रीस्तीय कलीसिया व्यक्ति की गरिमा के आधार पर एक राजनीतिक और सामाजिक कार्रवाई को मजबूत करने में मदद कर सकती है और सामान्य हित के लिए निष्पक्षता और उदारता के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, काथलिक कलीसिया स्वयं ईश्वर की उपस्थिति और उनके कार्यों के प्रति आकर्षक साक्षी बनने का विश्वसनीय प्रतिबिंब बनना चाहती है, पारस्परिक मित्रता और सहयोग के मार्ग का अनुसरण करना चाहती है। वह अन्य कलीसियाओं के साथ और भली इच्छा रखने वाले सभी पुरुषों और महिलाओं, नागर अधिकारियों के साथ सहयोग करना चाहती है और पूरे समुदाय की सेवा में अपने विशिष्ट उपहारों को साझा करते हुए उनके साथ यात्रा करना चाहती है। इस तरह, काथलिक कलीसिया रोमानिया की खूबसूरत भूमि में समाज और नागरिकों के आध्यात्मिक जीवन के निर्माण में योगदान देनी चाहती है।

अपने संदेश के अंत में संत पापा ने रोमानिया की समृद्धि और शांति की कामना करते हुए, राष्ट्रपति, उनके परिवार, राजनायिकों, नागर अधिकारियों, वहाँ उपस्थित सभी सज्जनों और पूरे रोमानिया वासियों के लिए ईश्वरीय आशीष की कामना की।

31 May 2019, 15:38