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लीबिया के हिरासत केंद्रों में रखे गये प्रवासी लीबिया के हिरासत केंद्रों में रखे गये प्रवासी  (AFP or licensors)

संत पापा द्वारा शरणार्थियों की सुरक्षित निष्कासन मार्ग की अपील

संत पापा ने लीबिया के हिरासत केंद्रों में रखे गये प्रवासियों और शरणार्थियों की भविष्य के लिए अपनी चिंता व्यक्त की। लीबिया में संघर्ष जारी है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार, 29 अप्रैल 2019 (वाटिकन न्यूज) : रविवार  को संत पेत्रुस महागिरजघर के प्रांगण में उपस्थित तीर्थयात्रियों और विश्वासियों के साथ स्वर्ग की रानी प्रार्थना का पाठ करने के उपरांत लीबिया के संघर्ष में फंसे कमजोर शरणार्थियों और प्रवासियों के लिए प्रार्थना की अपील की जो लीबिया के हिरासत केंद्रों में रखे गये हैं। उन्होंने कहा कि शरणार्थियों की स्थिति, "जो पहले से ही बहुत गंभीर है, चल रहे संघर्ष के कारण और भी खतरनाक हो गई है"।

उन्होंने मानवीय गलियारों की सुरक्षा के माध्यम से, विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और बीमारों की निकासी के लिए अपील की।

लीबिया में संघर्ष

लीबिया की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के सैनिक, विद्रोही नेता जनरल खलीफा हफतार के प्रति निष्ठावान की सेनाओं पर जवाबी हमला करने के लिए तैयार हैं। आंतरिक मंत्री ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि तीन दिनों के भीतर पूरे पश्चिमी क्षेत्र से उग्रवादी ताकतों को हटाने के लिए एक पूर्ण पैमाने पर हमला होगा।

यह घोषणा तब हुई जब संयुक्त राष्ट्र ने आबादी वाले क्षेत्रों में अंधाधुंध गोलाबारी की रिपोर्टों पर चिंता व्यक्त की।

लीबिया की राजधानी त्रिपोली में 26 अप्रैल रातभर शुरू संघर्ष में 223 लोगों की मौत हुई है और हजार से अधिक लोग जख्मी हुए हैं। त्रिपोली की दक्षिणी हिस्से में विद्रोही नेता जनरल ‘खलिफा हफ्तार’ के सैनिकों ने बड़ी तादाद में हवाई और मॉर्टर्स हमले करने के समाचार सामने आ रहे हैं। लीबिया की सरकार और बागियों ने संयुक्त राष्ट्रसंघ द्वारा रखा युद्ध विराम का प्रस्ताव भी ठुकराया है और इस वजह से लीबिया में नए से गृहयुद्ध भड़कने की चिंता व्यक्त की जा रही है।

वर्ष 2011 में अरब-इस्लामी देशों में हुए ‘अरब-स्प्रिंग’ की क्रांति में लीबिया की जनता ने मुअम्मर गद्दाफी की तानाशाही के विरोध में बगावत की थी। पश्‍चिमी देशों के समर्थन पर लीबिया की जनता और हथियारबंद गुटों ने गद्दाफी की हुकूमत पलट दी थी। उसके बाद संयुक्त राष्ट्रसंघ, पश्‍चिमी देश और अरब देशों की मध्यस्थता से लीबिया में स्वतंत्र सरकार का गठन किया गया था। लेकिन, पिछले दो वर्षों से लीबिया यह पूर्व और पश्‍चिमी क्षेत्र में बांटा गया है और पूर्व के हिस्से पर जनरल हफ्तार के बागियों का अधिकार है। वही, राजधानी त्रिपोली के साथ पश्‍चिमी हिस्से पर लीबिया की सरकार का नियंत्रण है।

29 April 2019, 15:49