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लुनग्रो धर्मप्रांत की शतवर्षीय जयन्ती पर संत पापा की शुभकामनाएँ

संत पापा फ्राँसिस ने इटली-अल्बानिया के लुनग्रो धर्मप्रांत की 100वीं जयन्ती पर उन्हें अपनी शुभकामनाएँ अर्पित की।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

बुधवार 13 फरवरी को इटली-अल्बानिया के लुनग्रो धर्मप्रांत की शतवर्षीय जयन्ती, संत निकोला महागिरजाघर में मनाया गया, जहाँ ऑरियंटल कलीसिया के लिए गठित परमधर्मपीठीय धर्मसंघ के अध्यक्ष कार्डिनल लेओनार्दो सांद्री, अल्बानिया में नास्तिक अत्याचार के शिकार कार्डिनल एरनेस्ट सिमोन, अल्बानिया के पियाना के धर्माध्यक्ष जोर्जो दोमिनिकोगालारो तथा इटली एवं अल्बानिया के अन्य धर्माध्यक्षों ने पवित्र धर्मविधि में भाग लिया। धर्मविधि के दौरान संत पापा फ्राँसिस के तार संदेश को भी प्रस्तुत किया गया।

लुनग्रो धर्मप्रांत की स्थापना 13 फरवरी 1919 को संत पापा बेनेडिक्ट पाँद्रहवें द्वारा प्रेरितिक संविधान "कथोलिची फिदेलेस" के साथ की गयी थी।

पवित्र धर्मविधि का अनुष्ठान महाधर्माध्यक्ष दोनातो ओलिवेरियो द्वारा किया गया जहाँ अल्बानिया के राष्ट्रपति इलिर मेता भी उपस्थित थे। उन्होंने विश्वास का साक्ष्य देने एवं देश की परम्परा के प्रति निष्ठा के लिए आभार प्रकट किया।

इस अवसर पर कलाब्रिया के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के धर्माध्यक्षों ने भी शतवर्षीय जयन्ती की शुभकामनाएँ अर्पित की।

यह समुदाय इटली के पाँच धर्मप्रांतों में फैला है जहाँ 44 पुरोहित, 22 धर्मबहनें एवं कुल 30 हजार विश्वासी हैं। यद्यपि समुदाय छोटा है किन्तु इसका एक महत्वपूर्ण इतिहास है तथा दक्षिण इटली में ख्रीस्तीय एकता का प्रतिनिधित्व करता है। यह लातिनी रीति एवं बीजेनटाईन रीति तथा पूर्व एवं पश्चिम के बीच मुलाकात स्थल है।

अनुग्रह का समय

संत पापा फ्राँसिस की ओर से वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पीयेत्रो परोलिन ने पत्र में शुभकामनाएँ देते हुए कहा, "यह महत्वपूर्ण अवसर प्रभु को उनके सभी वरदानों के  प्रति आभार प्रकट करने हेतु एक उपयुक्त समय है, जिन्होंने समुदाय को पिछले एक साल तक अपनी दिव्य कृपा एवं उदार दया से भर दिया है।"

संत पापा ने याद किया कि कई ऐतिहासिक उलट-फेर के बावजूद, ईश्वर ने समुदाय की पहचान को बनाये रखा।  

संत पापा ने समुदाय के लिए प्रार्थना की कि ईश्वर इसपर अपनी स्वर्गीय आशीष प्रदान करे।

14 February 2019, 15:50