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पत्रकारों के साथ प्रेस कोंफ्रेस में संत पापा पत्रकारों के साथ प्रेस कोंफ्रेस में संत पापा  (ANSA)

रोम वापसी पर पत्रकारों के साथ संत पापा का साक्षात्कार

संयुक्त अरब अमीरात से वापसी की उड़ान पर पत्रकारों के साथ फ्रांसिस का संवाद : मानव भाईचारे पर दस्तावेज़ एक कदम आगे है जो द्वितीय वाटिकन परिषद से आता है। मादुरो के पत्र पर: मैंने अभी तक इसे नहीं पढ़ा है। लेकिन हर मध्यस्थता को दोनों पक्षों द्वारा स्वीकार किया जाना चाहिए।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

विमान, बुधवार, 6 फरवरी 2019 (वाटिकन न्यूज) : "यह बहुत छोटी यात्रा थी लेकिन मेरे लिए यह एक शानदार अनुभव था। मुझे लगता है कि हर यात्रा ऐतिहासिक होती है और यह भी कि हमारा हर दिन हर रोज़ का इतिहास लिखने का होता है। कोई भी कहानी छोटी नहीं होती, हर कहानी बड़ी और योग्य होती है। और यहाँ तक कि अगर यह बदसूरत है, तो गरिमा छिपी है और हमेशा उभर सकती है।” इन शब्दों के साथ, संत पापा फ्राँसिस ने पत्रकारों के साथ अपना लंबा साक्षात्कार शुरु किया। संत पापा ने मुसलमानों के साथ बातचीत के बारे में विस्तार से बात की, साथ ही उन्होंने वेनेजुएला और निकोलस मादुरो द्वारा वाटिकन को भेजे गए पत्र के साथ-साथ धर्मबहनों पर याजकों के दुर्व्यवहार के बारे में भी सवालों के जवाब दिए।

यूएइ में संत पापा का अनुभव

इस यात्रा के अगले परिणाम तथा देश पर इसके प्रभाव के बारे पूछे जाने पर संत पापा ने कहा, "मैंने एक आधुनिक देश देखा।  मुझे आश्चर्य हुआ कि वे इस रेगिस्तान में साफ-सफाई, फूलों को पानी देते और हरा भरा रख सकते है। यह एक आधुनिक देश है, कई लोगों का स्वागत करता है और एक ऐसा देश है जो भविष्य को दिखता है। उदाहरण के लिए बच्चों की शिक्षा। वे भविष्य की तलाश में शिक्षित होते हैं। उनके पास पीने वाले पानी की समस्या है। वे निकट भविष्य में समुद्र का पानी लेने और इसे पीने योग्य बनाने की खोज में हैं। मुझे यह देश अपने में बंद नहीं परंतु खुला लगा। इसके अलावा धार्मिकता: यहाँ एक खुला इस्लाम है,यहाँ का इस्लाम समुदाय संवाद के लिए खुला और शांति प्रिय है। मैं इस क्षेत्र में कुछ युद्धों की समस्याओं के बावजूद, मैंने जो शांति महसूस की है। संत पापा ने कहा कि विभिन्न संस्कृतियों और धर्मों के लोगों का एक साथ रहना देखकर वे खुश हैं। अंतर-धार्मिक सम्मेलन में इस्लाम के बड़े आचार्यों के साथ मिलकर विचारों का आदान प्रदान कर उन्हें एक संतुष्टि का अनुभव होता है।

 मानव भाईचारा दस्तावेज

मानव भाईचारे पर घोषणा भविष्य में कैसे लागू होगी?

 इसके जवाब में संत पापा ने कहा,«दस्तावेज बहुत सोच समझकर और प्रार्थना के साथ तैयार किया गया था। दोनों महान इमाम अपनी टीम के साथ और मैं अपने लोगों के साथ, हमने इस दस्तावेज को बनाने में सफल होने के लिए बहुत प्रार्थना की है। क्योंकि मेरे लिए अभी एक ही बड़ा खतरा है: विनाश, युद्ध, हमारे बीच नफरत। अगर हम विश्वासी ही एक दूसरे से हाथ नहीं मिला पा रहे हैं, उनका आलिंगन नहीं कर करते और प्रार्थना भी नहीं करते हैं, तो हमारा विश्वास हार जाएगा। यह दस्तावेज़ ईश्वर में विश्वास का जन्म है जो सभी का पिता और शांति का पिता है। यह इतिहास के पहले आतंकवाद यानी काइन से लेकर सभी विनाश, हर आतंकवाद की निंदा करता है। यह एक दस्तावेज है जो लगभग एक वर्ष में विकसित हुआ है, प्रार्थनाओं के साथ ... यह परिपक्व हो गया है। यह थोड़ा ‘गोपनीय’ रखा गया था।”

धर्मबहनों पर याजकों का दुर्व्यवहार

धर्मबहनों पर याजकों के दुर्व्यवहार के बारे में भी सवालों के जवाब संत पापा ने याजकों की ओर से धर्मबहनों का यौन उत्पीड़न किए जाने की बात मानी है। उनके मुताबिक इनमें से एक मामला ऐसा भी था, जहां धर्मबहनों को यौन ग़ुलाम बनाकर रखा गया।

संत पापा फ्रांसिस ने ये भी माना है कि उनके पूर्ववर्ती पोप बेनडिक्ट सोलहवें को ऐसी धर्मबहनों की पूरी धर्मसमाज को ही बंद करना पड़ा था, जिनका याजक शोषण कर रहे थे।

संत पापा ने कहा कि कलीसिया इस समस्या के समाधान की कोशिश में जुटी है लेकिन ये समस्या 'अब भी बरकरार है'। संत पापा ने कहा कि इस मामले को लेकर कई याजकों को निलंबित भी किया गया है लेकिन आगे भी प्रयास किए जाने जरूरी हैं।"हम इस रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं."

06 February 2019, 16:20