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अपोस्तोलिक अदालत के सदस्यों के साथ संत पापा फ्राँसिस अपोस्तोलिक अदालत के सदस्यों के साथ संत पापा फ्राँसिस  (ANSA)

अपोस्तोलिक अदालत के न्यायिक सत्र के उद्घाटन पर संत पापा का संदेश

संत पापा फ्राँसिस ने अपोस्टोलिक आदालत के सदस्यों के साथ मुलाकात की और विवाह संस्कार में एकता और निष्ठा के महत्व पर प्रकाश डाला।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार 29 जनवरी 2019 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने मंगलवार 29 जनवरी को अपोस्तोलिक अदालत के न्यायिक सत्र के उद्घाटन पर अपोस्तोलिक अदालत के अध्यक्ष, अधिकारियों, वकीलों और सभी सहयोगियों को उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए बधाई दी।

अपोस्तोलिक न्यायिक अदालत काथलिक कलीसिया का सर्वोच्च न्यायालय है। यह मुख्य रूप से विवाह की शून्यता के मामलों की सुनवाई करता है, हालांकि इसका अधिकार क्षेत्र कलीसिया की कानून सहिंता से संबंधित किसी भी प्रकार के न्यायिक और गैर-प्रशासनिक मामले आते हैं।

एकता और निष्ठा

संत पापा ने न्यायिक वर्ष के शुरुआत में शुभकामनाएं देते हुए कहा,"जिस समाज में हम रहते हैं वह तेजी से धर्मनिरपेक्ष होता है और विश्वास धटता जा रहा है। जिसकी वजह से काथलिक विश्वासियों को सुसमाचारी जीवन का साक्ष्य देना कठिन लगता है, विशेष रुप से विवाह संस्कार के संदर्भ में अक्सर समाज, विवाहित जोड़ों को इन गुणों को जीने में मदद नहीं करता है। अतः यह आवश्यक है कि कलीसिया अपनी सभी गतिविधियों में, आध्यात्मिक और प्रेरितिक सहायता प्रदान करने के लिए कार्य करे।

संत पापा ने कहा कि वैवाहिक गुण "एकता और निष्ठा" सबसे पहले "मसीह की कलीसिया के सार" से संबंधित है। एकता और निष्ठा एक विवाहित जोड़े के रिश्ते के लिए ही नहीं, बल्कि सभी पारस्परिक और सामाजिक संबंधों के लिए आवश्यक है। अपनी प्रतिज्ञा को पूरा नही कर पाने पर नागर समाज में उत्पन्न होने वाली असुविधाओं से हम सभी अवगत हैं।

पर्याप्त तैयारी

सत पपा ने कहा कि कलीसिया के पुरोहितों द्वारा उदारता के साथ विवाह करने वाली जोड़ी को वैवाहिक जीवन में ‘एकता और एक दूसरे के प्रति प्यार में वफादार बने रहने हेतु मदद करने की आवश्यकता है। यह तैयारी शादी से बहुत पहले और शादी की तारीख से कुछ दिनों पहले और शादीशुदा जिंदगी के दौरान भी की जानी चाहिए।

"पुरोहित अपने प्रेरितिक कार्यों के आधार पर इस वैवाहिक प्रशिक्षण के मुख्य अभिनेता हैं कलीसिया समुदाय के सभी स्तरों को भावी दम्पतियों को तैयार करने में शामिल करने की आवश्यकता है।

संत अक्विला और प्रिसिल्ला

संत पापा फ्राँसिस ने संत एक्विला और प्रिसिल्ला के विवाहित जोड़े का उदाहरण दिया, जिन्होंने अपने प्रचार अभियान में संत पौलुस की मदद की थी। संत पौलुस ने उन्हें सहकर्मी या साथी कार्यकर्ता कहा।

संत पापा ने कहा कि वे संत पौलुस द्वारा इन दम्पतियों के मिश्नरी कार्यों की उच्च मान्यता की सराहना करते हैं।  उनका यह तालमेल मूल ख्रीस्तीय समुदायों के लिए पवित्र आत्मा का एक अनमोल उपहार था।"

प्रेरितिक देखभाल

संत पापा ने कई तरीकों को भी सूचीबद्ध किया है जिसमें कलीसिया विवाहित जोड़ों को एकता और निष्ठा में जीने हेतु मदद कर सकती है: ईश्वर के वचन पर मनन चिंतन, धर्मशिक्षा, पवित्र संस्कारों को बार बार ग्रहण करना, आध्यात्मिक सलाह तथा अन्य परिवारों और जरुरतमंदों के लिए किया गया उदार कार्य इत्यादि।

संत पापा फ्राँसिस ने कहा कि विवाहित जोड़े जो उदारता, एकता और प्यार के प्रति वफादार रहते हैं, वे कलीसिया के प्रेरितिक कार्यों के लिए एक विशेष संसाधन हैं। "वे हर किसी को सच्चे प्यार की मिसाल देते हैं और खुद कलीसिया के फलदायी होने के गवाह और सहयोगी बनते हैं।" इस प्रकार के विवाहित जोड़े ईश्वर की छवि और समानता को दर्शाते हैं।

दम्पतियों के आध्यात्मिक स्वास्थ्य को बढ़ावा 

संत पापा फ्राँसिस ने अपोस्तोलिक न्यायिक अदालत के सदस्यों को अपने न्यायिक फैसलों में उचित न्याय देने के लिए आमंत्रित किया।

उन्होंने कहा कि उनके नियम, "विवाह कानून की सही व्याख्या करने" में मदद करते हैं और जीवनसाथी के आध्यात्मिक स्वास्थ्य और विश्वास को बढ़ावा देते हैं।

संत पापा ने पुनः उनके कामों के प्रति अपनी कृतज्ञता को नवीकृत करते हुए कहा,"आप ईश्वर के लोगों का न्याय करते हैं। मैं आप लोगों के कामों में दिव्य सहायता का आह्वान करता हूँ और अपना प्रेरितिक आशीर्वाद प्रदान करता हूँ।"  

29 January 2019, 17:22