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बालक येसु की प्रतिमा पर धूप चढ़ाते हुए संत पापा फ्राँसिस बालक येसु की प्रतिमा पर धूप चढ़ाते हुए संत पापा फ्राँसिस  (AFP or licensors)

संत पापा का ट्वीट संदेशः 25 और 26 दिसम्बर

काथलिक कलीसिया 25 दिसम्बर को ‘बड़ा दिन’ यानि प्रभु येसु दुनिया के मुक्तिदाता का जन्मदिन मनाई तथा 26 दिसम्बर के प्रभु के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले प्रथम शहीद का पर्व मनाती है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी,बुधवार 26 दिसम्बर 2018 (रेई) : काथलिक कलीसिया आज 26 दिसम्बर को प्रथम शहीद संत स्तेफन का पर्व मनाती है। संत स्तेफन ने येसु ख्रीस्त की सेवा में अपने प्राणों की आहुति दी और मरने से पहले अपने अत्याचारियों के लिए प्रभु से क्षमा याचना की थी। संत पापा फ्राँसिस ने ट्वीट प्रेषित कर प्रभु के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वालों को कलीसिया का विस्तार करने वालों में गिन्ती की है।

उन्होंने संदेश में लिखा,“ येसु के लिए अपना जीवन देने वाले शहीद पुरुषों और महिलाओं के रक्त से कलीसिया का विस्तार होता है। आज भले ही वे सुर्खियों में न हों पर उनकी संख्या बहुत ज्यादा है।”

येसु मसीह के जन्म दिन, 25 दिसम्बर के ट्वीट संदेश में संत पापा ने लिखा,“प्रभु हमारे लिए इस दुनिया में पैदा हुए। जो कोई ईश्वर की खोज में हैं वे येसु को गौशाले की चरनी में पायेंगे।”

26 December 2018, 15:53