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Pope Francis Pope Francis  (ANSA)

"सरदेन्या एकता" सेवा केंद्र के स्वयंसेवकों को संत पापा का संदेश

संत पापा ने सरदेन्या एकता" सेवा केंद्र के प्रतिनिधियों और अधिकारियों को दवीप के गरीब, कमजोर और दूसरे देश से आये लोगों की मदद हेतु उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी,शुक्रवार 30 नवम्बर 2018 ( रेई): “सरदेन्या एकता" सेवा केंद्र की स्थापना के 20वीं सालगिरह के अवसर पर संत पापा फ्राँसिस ने वाटिकन के संत पापा पौल छठे सभागार में सरदेंन्या से आये सेवा केंद्र के 700 प्रतिनिधियों से मुलाकात की।

संत पापा ने सरदेन्या एकता" सेवा केंद्र के अध्यक्ष जॉनपियेरो, सरदेन्या रीजन के अध्यक्ष फ्राँचेस्को पिलारु और वहां उपस्थित अन्य अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों का सहृदय स्वागत करते हुए उनके परिचय भाषण के लिए धन्यवाद दिया।

सुंदर द्वीप सरदेन्या

संत पापा ने कहा कि आप सरदेन्या के स्वयंसेवक एक  बड़े समूह का प्रतिनिधित्व करते हैं जो बड़े ही उदार और आवश्यक सेवा का कार्य है। सरदेन्या एक सुंदर द्वीप है जो प्राकृतिक खजाने, इतिहास और कला में समृद्ध है, साथ ही गरीबी और संघर्ष से भी चिह्नित है। संत पापा ने सरदेन्या के गरीब और कमजोर वर्गों के किये गये उनके कामों की प्रशंसा की। साथ ही संत पापा ने उनके प्रति अपना आभार प्रकट किया जिन्होंने घर की महान जरूरतों के बावजूद, अपनी एकजुटता का क्षितिज खोल दिया है। इस परिपेक्ष में उन्होंने दूसरे देशों से शांति और काम की तलाश में आये लोगों का स्वागत किया है।

व्यक्तिगत एवं स्वैच्छिक प्रतिबद्धता 

संत पापा ने कहा कि एकजुटता और निर्मूल्यता की संस्कृति स्वयंसेवकों की पहचान है और यह भाईचारे समाज के निर्माण में ठोस योगदान देता है, जिसके केंद्र में मानव व्यक्ति है। आपकी भूमि में यह संस्कृति ख्रीस्तीय मूल्यों अर्थात्, ईश्वर और पड़ोसी के प्यार करने के मल्यों पर टिकी हुई है। सुसमाचार में येसु हमें अपने ईश्वर को अपने सारे हृदय, अपनी सारी आत्मा और अपनी सारी बुद्धि से प्यार करने तथा अपने पड़ोसियों को अपने समान प्यार करने के लिए आमंत्रित करते है (सीएफ, मारकुस 12:29)। ईश्वर के प्रेम की पहचान हमारे पड़ोसी, भाई-बहनों के प्रेम से होती है। इसके लिए व्यक्तिगत एवं स्वैच्छिक प्रतिबद्धता की आवश्यकता होती है,जिसे सार्वजनिक संस्थान अनुकूल एवं सामान्य स्थितियां बनाते हैं जो मानव आयाम को बनाए रखने में मदद करती है । आप स्वयंसेवक हमारे समाज को मानवीय और ख्रीस्तीय बनाने में पूरा योगदान देते हैं।

आपका योगदान बहुत ही मूल्यवान है। आपके उदार सेवा कार्य के लिए ईश्वर आपको आशीष प्रदान करे। हर कठिनाइयों से आपको ऊपर उठने की शक्ति  मिले। अंत में संत पापा ने उन्हें और सरदेन्या के लोगों को माता मरिया की छत्र छाया में रखते हुए अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया।

30 November 2018, 15:27