बेटा संस्करण

Cerca

Vatican News
संत पापा की प्रतिक्षा में लिथुआनिया के युवा संत पापा की प्रतिक्षा में लिथुआनिया के युवा  (AFP or licensors)

सन्त पापा की बाल्टिक देशों की प्रेरितिक यात्रा की पृष्ठ भूमि

सन्त पापा फ्राँसिस 22 से 25 सितम्बर तक बाल्टिक देशों-लिथुआनिया, लातविया और एस्तोनिया की चार दिवसीय प्रेरितिक यात्रा पर हैं।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार, 22 सितम्बर 2018 (रेई) : सार्वभौमिक काथलिक कलीसिया के परमधर्मगुरु सन्त पापा फ्राँसिस शनिवार 22 सितम्बर को बाल्टिक देशों-लिथुआनिया, लातविया और एस्तोनिया की चार दिवसीय प्रेरितिक यात्रा हेतु रोम के फ्युमिचिनो अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से प्रातः 7:37 बजे अल्इतालिया 320 से लितुवानिया विलनुस के लिए रवाना हुए। 3 घण्टों की विमान यात्रा पूरी करने के उपरान्त वे लिथुआनिया की राजधानी विलनुस पधारे। इटली से बाहर सन्त पापा फ्राँसिस की यह 25वीं विदेश प्रेरितिक यात्रा है। लिथुआनिया में प्रथम दो दिन स्थानीय काथलिकों के साथ व्यतीत कर सन्त पापा सोमवार 24 सितम्बर को लातविया और मंगलवार 25 सितम्बर को एस्तोनिया का दौरा करेंगे।  

लिथुआनिया गणराज्य

लिथुआनिया यूरोप महाद्वीप के उत्तरी भाग में बाल्टिक सागर के किनारे स्थित एक देश है। यह तीन बाल्टिक देशों (लिथुआनिया, लातविया और ऍस्तोनिया) में सबसे बड़ा है। इसकी राजधानी विल्नुस है। इसकी आबादी 3 करोड़ 2 लाख 43 हजार है। देश का क्षेत्रफल 65 हजार वर्ग किलोमीटर है। वर्तमान में लिथुआनिया की सीमाएँ उत्तर में लातविया, पूर्व और दक्षिण में बेलारुस, दक्षिण में पोलैंड और दक्षिण पश्चिम में कैलिनिंग्रैड ओब्लाट है।

14वीं शताब्दी में लिथुआनिया यूरोप का सबसे बड़ा देश हुआ करता था। आधुनिक बेलारूस व यूक्रेन के साथ-साथ पोलैन्ड और रूस के कई हिस्से लिथुआनिया महाड्यूक राज्य के भाग थे।1569 में लुबलिन संधि के तहत पोलैन्ड और लिथुआनिया एक द्विराष्ट्रीय 'पोलिश-लिथुआनियाई महाकुल' नामक परिसंघ में जुड़ गया। यह लगभग 150-200 वर्षों तक सलामत रहा लेकिन 1722 से 1795 काल में पड़ोसी देशों ने इसे धीरे-धीरे तोड़ दिया। लिथुआनिया के अधिकतर भू-भाग पर रूसी साम्राज्य का अधिकार हो गया।

प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान 1917 में रूस में अक्टूबर समाजवादी क्रांति हुई जिससे रूसी साम्राज्य टूटा और सोवियत संघ ने जन्म लिया। 1990 में जब सोवियत संघ कमज़ोर पड़ा तो 11 मार्च 1990 को लिथुआनिया अपनी अलग स्वतंत्रता घोषित करने वाला पहला सोवियत गणतंत्र बना।

लिथुआनिया में 80% काथलिक, 5 % रुसी ऑर्थोडेक्स और 1 % लुथरन ख्रीस्तीय हैं। विलनुस महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष जिंतारास ग्रुसास है। महाधर्मप्रांत में 95 पल्लियाँ हैं, जहाँ 137 धर्मप्रांतीय पुरोहित और 37 धर्मसंघीय पुरोहित और 167 धर्मबहनें अपनी सेवा दे रहे हैं।

22 से 25 सितम्बर तक की यात्रा के दौरान सन्त पापा फ्राँसिस लिथुआनिया के विलनियुस एवं काओनास, लातविया के रीगा और आगलोना तथा एस्तोनिया के ताल्लिन शहरों का दौरा करेंगे।

बालकन देशों में सन्त पापा फ्राँसिस की उक्त यात्रा 25 वर्षों बाद कलीसिया के परमाध्यक्ष की यात्रा होगी। 25 वर्षों पूर्व सन् 1993 के सितम्बर माह में सन्त पापा जॉन पौल द्वितीय ने इन देशों की प्रेरितिक यात्रा की थी।     

विलनियुस के महाधर्माध्यक्ष जिनतारास ग्रूसाज़ ने वाटिकन न्यूज़ से बातचीत में कहा कि संत पापा फ्राँसिस की प्रेरितिक यात्रा उस समय हो रही है जब लिथुआनिया अपनी स्वतंत्रता का शतवर्ष तथा संत पापा जॉन पौल द्वितीय की प्रेरितिक यात्रा की 25वीं वर्षगाँठ मना रहा है। उन्होंने कहा कि वास्तव में यह "ईश्वर द्वारा दिया गया महान वरदान है।"

22 September 2018, 15:52